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62 फीसदी वोटरों ने लिखी 1974 प्रत्याशियों की तकदीर
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:13 AM IST
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जिले में तीसरे चरण का पंचायत चुनाव छिटपुट मारपीट,
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हंगामा के बीच पूरा हो गया। दोपहर बाद वोटिंग परवान चढ़ी। सुबह लगभग साढ़े
11बजे तक रफ्तार बहुत ही सुस्त रही। कुल 62 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार
का प्रयोग किया। क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में
उतरे 1974 प्रत्याशियों की तकदीर अब मतपेटियों में कैद हो गई है। इन
मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच ब्लाकों में बने स्ट्रांग रूम में रखा
गया है। बता दें कि इस चरण का सबसे कम मतदान असोथर ब्लाक में और सबसे
ज्यादा मतदान भिटौरा ब्लाक में हुआ।
तीसरे चरण के पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 1762 व जिला पंचायत सदस्य के लिए 262 प्रत्याशी मैदान में थे। इनके भाग्य का फैसला 3 लाख 94 हजार 498 मतदाताओं को करना था। रविवार को संपन्न हुई इस चरण की चुनावी प्रक्रिया में सुबह सात बजे से नौ बजे तक 11 फीसदी मतदाता घरों से मतदान के लिए निकले।
दोपहर 11 बजे तक मतदान का प्रतिशत मामूली बढ़त के साथ 24.5 प्रतिशत पर पहुंचा। इसके बाद दोपहर एक बजे तक 39. 3 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर तीन बजे मताधिकार करने का प्रतिशत 52.1 जा पहुंचा। शाम पांच बजे तक चली मतदान प्रक्रिया में 62 फीसदी मतदाता चुनाव का हिस्सा बने।
मतदान प्रक्र्रिया शांतपूर्ण ढंग से संपन्न कराने केे लिए पुलिस की हर एक मतदान केंद्र पर चौकसी के बावजूद छिटपुट वारदातें रोकी नहीं जा सकीं। भिटौरा ब्लाक के परवीकुतुबपुर के मतदान केंद्र में फरजाना उर्फ लुबना को लेकर विवाद हुआ। यह अपने पिता फिरोज अहमद और भाई उबैद रजा(10) के वोट डालने आई थी।
फिरोज अहमद सनी लोधी के एजेंट थे। शफीकुद्दीन के समर्थकों ने आपत्ति की। वोटर कार्ड में नाम फरजाना लिखा था लेकिन गांव में लोग उसे लुबना नाम से जानते थे। आपत्ति करने वालों ने फरजाना को लुबना मानने से इनकार कर दिया। यही विवाद की जड़ बना। दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि इसी बीच बाहर से कई लोग आए और वह फिरोज अहमद को पीटने लगे। बचाने दौड़ा चौकीदार शिवलाल भी पिटा। मतदान केंद्र में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे फिरोज को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। तब तक आरोप है कि उबैद को भी काफी पीट दिया गया था।
पुलिस वालों ने दोनों को मतदान केंद्र के बगल एक कमरे में छिपाकर बचाया। सूचना पर फोर्स पहुंची तब मामला शांत हुआ। इस दौरान 10मिनट तक मतदान प्रभावित हुआ। इसी ब्लाक के नौगांव के मतदान केंद्र में बीडीसी के एजेंटों के बीच फर्जी वोटिंग के मामले में दोपहर डेढ़ बजे हुए विवाद के बाद 15 मिनट तक मतदान प्रक्रिया ठप रही।
मामले की जानकारी पर पहुंचे फोर्स ने फ्लैगमार्च किया। इसके अलावा यहां पर एसपी ओम प्रकाश भी पहुंचे। इसी प्रकार असोथर ब्लाक के मुत्तौर व लिलरा गांव में फर्जी वोटिंग की बात सामने आई। मुत्तौर में बीडीसी समर्थक भिड़ गए, जिस पर पुलिस को दखल देकर मामला शांत कराना पड़ा।
टिकरी के मतदान केंद्र में पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार की लापरवाही पर मतदाता हो हल्ला काटने लगे। आरोप लगाया कि नई सूची में नाम न होने के मामले में हस्ताक्षेप करने के बावजूद दो वोट डलवा दिए गए।
ग्रामीणों के हंगामे की जानकारी पर पहुंचे स्टेटिक मजिस्ट्रेट जगदीश सिंह ने लिखित जवाब तलब किया। इसके अलावा असोथर ब्लाक के मवइया व रमवां में भी फर्जी वोटिंग को लेकर कहासुनी होती रही। जबकि हथगाम ब्लाक के पट्टीशाह में फर्जी मतदान के मामले में मारपीट हुई।
तीसरे चरण के पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 1762 व जिला पंचायत सदस्य के लिए 262 प्रत्याशी मैदान में थे। इनके भाग्य का फैसला 3 लाख 94 हजार 498 मतदाताओं को करना था। रविवार को संपन्न हुई इस चरण की चुनावी प्रक्रिया में सुबह सात बजे से नौ बजे तक 11 फीसदी मतदाता घरों से मतदान के लिए निकले।
दोपहर 11 बजे तक मतदान का प्रतिशत मामूली बढ़त के साथ 24.5 प्रतिशत पर पहुंचा। इसके बाद दोपहर एक बजे तक 39. 3 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर तीन बजे मताधिकार करने का प्रतिशत 52.1 जा पहुंचा। शाम पांच बजे तक चली मतदान प्रक्रिया में 62 फीसदी मतदाता चुनाव का हिस्सा बने।
मतदान प्रक्र्रिया शांतपूर्ण ढंग से संपन्न कराने केे लिए पुलिस की हर एक मतदान केंद्र पर चौकसी के बावजूद छिटपुट वारदातें रोकी नहीं जा सकीं। भिटौरा ब्लाक के परवीकुतुबपुर के मतदान केंद्र में फरजाना उर्फ लुबना को लेकर विवाद हुआ। यह अपने पिता फिरोज अहमद और भाई उबैद रजा(10) के वोट डालने आई थी।
फिरोज अहमद सनी लोधी के एजेंट थे। शफीकुद्दीन के समर्थकों ने आपत्ति की। वोटर कार्ड में नाम फरजाना लिखा था लेकिन गांव में लोग उसे लुबना नाम से जानते थे। आपत्ति करने वालों ने फरजाना को लुबना मानने से इनकार कर दिया। यही विवाद की जड़ बना। दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि इसी बीच बाहर से कई लोग आए और वह फिरोज अहमद को पीटने लगे। बचाने दौड़ा चौकीदार शिवलाल भी पिटा। मतदान केंद्र में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे फिरोज को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। तब तक आरोप है कि उबैद को भी काफी पीट दिया गया था।
पुलिस वालों ने दोनों को मतदान केंद्र के बगल एक कमरे में छिपाकर बचाया। सूचना पर फोर्स पहुंची तब मामला शांत हुआ। इस दौरान 10मिनट तक मतदान प्रभावित हुआ। इसी ब्लाक के नौगांव के मतदान केंद्र में बीडीसी के एजेंटों के बीच फर्जी वोटिंग के मामले में दोपहर डेढ़ बजे हुए विवाद के बाद 15 मिनट तक मतदान प्रक्रिया ठप रही।
मामले की जानकारी पर पहुंचे फोर्स ने फ्लैगमार्च किया। इसके अलावा यहां पर एसपी ओम प्रकाश भी पहुंचे। इसी प्रकार असोथर ब्लाक के मुत्तौर व लिलरा गांव में फर्जी वोटिंग की बात सामने आई। मुत्तौर में बीडीसी समर्थक भिड़ गए, जिस पर पुलिस को दखल देकर मामला शांत कराना पड़ा।
टिकरी के मतदान केंद्र में पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार की लापरवाही पर मतदाता हो हल्ला काटने लगे। आरोप लगाया कि नई सूची में नाम न होने के मामले में हस्ताक्षेप करने के बावजूद दो वोट डलवा दिए गए।
ग्रामीणों के हंगामे की जानकारी पर पहुंचे स्टेटिक मजिस्ट्रेट जगदीश सिंह ने लिखित जवाब तलब किया। इसके अलावा असोथर ब्लाक के मवइया व रमवां में भी फर्जी वोटिंग को लेकर कहासुनी होती रही। जबकि हथगाम ब्लाक के पट्टीशाह में फर्जी मतदान के मामले में मारपीट हुई।