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वन डिक्ट्रिक्ट वन ब्रांड में बेडशीट की जगह अब लोहा या पेड़ा
Updated Tue, 29 May 2018 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। एक जिला-एक उत्पाद योजना में चुने गए बेडशीट को अब हटा दिया गया है। बेडशीट की जगह लोहा और पेड़ा आगे आ गए हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने एक जिला एक उत्पाद में यह नया प्रस्ताव तैयार किया है।
जनपद स्तर पर नामित उत्पाद बेडशीट को हटाने के पीछे अहम वजह केवल एक संस्था का जुड़ाव रहा है। शासन स्तर से जिला उद्योग केंद्र को निर्देशित किया गया है कि जनपद का उत्पाद उसे घोषित किया जाए, जिससे एक साथ ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। अभी तक एक जनपद-एक उत्पाद के तहत लक्ष्मी काटसिन मिल की बेडशीट को जिले का उत्पाद घोषित किया गया था। लक्ष्मी काटसिन मिल की लंबी बैंक बकायेदारी और केवल एक कंपनी तक ही निर्माण सीमित रहने के कारण बेडशीट को जिला उत्पाद से हटाना तय हुआ।
इसके स्थान पर जिले भर में जगह-जगह लोहे से दरवाजे, खिड़कियां, चैनल और शटर आदि को जिले का उत्पाद बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि सरकारी मंशा के अनुरूप इस काम में अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। इस कारोबार में जुड़े लोगों को सस्ती दरों में ऋण देकर उनके काम को बढ़ावा दिया जाएगा। लोहे के साथ ही जनपद में पेड़ा बनाने का काम भी काफी मशहूर है। जिले में मलवां, किशनपुर, बिलंदा, औंग, जयरामनगर, राधानगर, चौक ठठराही और ललौली के पेड़ा जगह-जगह विख्यात हैं। लोहे के बाद प्रस्ताव में दूसरे स्थान पर पेड़े को जिले का उत्पाद बनाने के लिए रखा गया है।
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जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शशि कुमार बिंद ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद के तहत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही यह घोषित हो जाएगा। लोहा को पहले और पेड़ा को दूसरे स्थान पर रखा गया है।
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फतेहपुर। एक जिला-एक उत्पाद योजना में चुने गए बेडशीट को अब हटा दिया गया है। बेडशीट की जगह लोहा और पेड़ा आगे आ गए हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने एक जिला एक उत्पाद में यह नया प्रस्ताव तैयार किया है।
जनपद स्तर पर नामित उत्पाद बेडशीट को हटाने के पीछे अहम वजह केवल एक संस्था का जुड़ाव रहा है। शासन स्तर से जिला उद्योग केंद्र को निर्देशित किया गया है कि जनपद का उत्पाद उसे घोषित किया जाए, जिससे एक साथ ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। अभी तक एक जनपद-एक उत्पाद के तहत लक्ष्मी काटसिन मिल की बेडशीट को जिले का उत्पाद घोषित किया गया था। लक्ष्मी काटसिन मिल की लंबी बैंक बकायेदारी और केवल एक कंपनी तक ही निर्माण सीमित रहने के कारण बेडशीट को जिला उत्पाद से हटाना तय हुआ।
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इसके स्थान पर जिले भर में जगह-जगह लोहे से दरवाजे, खिड़कियां, चैनल और शटर आदि को जिले का उत्पाद बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि सरकारी मंशा के अनुरूप इस काम में अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। इस कारोबार में जुड़े लोगों को सस्ती दरों में ऋण देकर उनके काम को बढ़ावा दिया जाएगा। लोहे के साथ ही जनपद में पेड़ा बनाने का काम भी काफी मशहूर है। जिले में मलवां, किशनपुर, बिलंदा, औंग, जयरामनगर, राधानगर, चौक ठठराही और ललौली के पेड़ा जगह-जगह विख्यात हैं। लोहे के बाद प्रस्ताव में दूसरे स्थान पर पेड़े को जिले का उत्पाद बनाने के लिए रखा गया है।
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जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शशि कुमार बिंद ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद के तहत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही यह घोषित हो जाएगा। लोहा को पहले और पेड़ा को दूसरे स्थान पर रखा गया है।