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सालों से खराब पड़े हैं 590 स्कूलों के हैंडपंप

Thu, 18 May 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Thu, 18 May 2017 12:25 AM IST
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590 primary schools having no water source
प्रतीकात्मक

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फतेहपुर। जिले के 590 परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत करीब 60 हजार बच्चों के पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। इन स्कूलों के बच्चे एमडीएम स्कूल में खाते हैं और पानी पीने घर जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे, शहर के आधा दर्जन स्कूलों में सालों से हैंडपंप खराब हैं। स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था न होने से गर्मी में ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। हैंडपंपों की स्थिति का खुलासा ताजा रिपोर्ट में हुआ है।


जिले में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वर्तमान समय में  368 प्राथमिक और 138 उच्च प्राथमिक स्कूलों के हैंडपंप स्थायी रूप से खराब हैं। खास बात तो यह है कि अभी तक प्राथमिक 84 तथा 100 उच्च प्राथमिक स्कूलों में हैंडपंप लगाए ही नहीं गए हैं। इस तरह से कुल 590 स्कूलों में बच्चों को पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इन स्कूलों में करीब 60 हजार बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन पेयजल की व्यवस्था न होने से अभिभावक भी गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना मुनासिब नहीं समझते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे, शहर के आदर्श प्राथमिक मसवानी, सादीपुर, रामगंज पक्का तालाब, महाजरी, प्राथमिक आबूनगर सेकेंड में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे स्कूलों में सालों से यह स्थिति है कि बच्चे एमडीएम खाने के बाद घर चले जाते हैं। इसके बाद शिक्षकों के बुलाने पर भी वापस नहीं आते हैं। यह जानकारी बीईओ द्वारा स्कूलों के संबंध में बीएसए कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में किया गया है।
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सर्व शिक्षा के डीसी निर्माण एमपी वर्मा का कहना है कि स्कूलों के खराब हैंडपंपों की सूची शासन को भेजी गई है। इससे पूर्व सूची जलनिगम को भी भेजी गई थी, लेकिन जलनिगम ने बजट की कमी बताकर रिबोर कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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 बीएसए विनय कुमार का कहना है कि स्कूलों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत जिला पंचायत राज विभाग कराएगा। इसके लिए शासन ने डीपीआरओ को आदेश जारी कर दिए हैं। इसकी सूची भी डीपीआरओ को भेज दी गई है।
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