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जिले में सात सौ प्राथमिक स्कूलों के विलय की तैयारी
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग सात सौ परिषदीय प्राथमिक स्कूलों को उच्च प्राथमिक में विलय करने जा रहा है। एक कंपाउंड में स्थित दोनों स्कूल नए सत्र से एक ही व्यवस्था में संचालित करने की तैयारी है। दोनों स्कूलों में एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होगी। ऐसे में जिले में प्राथमिक स्कूलों के सात सौ प्रधानाध्यापकों के पद खत्म हो जाएंगे।
तीन दिन पहले लखनऊ में हुई बैठक में अधिकारियों ने गुजरात मॉडल की व्यवस्था पर चर्चा की। बैठक से लौटे एक अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की गणना दो के बजाय एक ही में होगी। ऐसे में जिले में 1903 प्राथमिक स्कूलों की संख्या घटकर 1203 रह जाएगी। क्योंकि जिले में सात सौ स्कूल एक ही कंपाउंड में स्थित हैं। ऐसी स्थिति में इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक हटाए जा सकते हैं या फिर उनकी नियुक्ति उच्च प्राथमिक स्कूलों के सहायक के रूप में मानी जाएगी।
विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी पूरी हो सकेगी। क्योंकि प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति का मानक है। अधिक छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों में छह से सात शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि कम से कम छात्र संख्या वाले स्कूल में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का मानक है। दोनों स्कूलों का एक में विलय होने से अधिकतम सात शिक्षकों से स्कूल का संचालन हो सकेगा।
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बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन में एक कंपाउंड के दो स्कूलों का एक ही विलय होने का प्रस्ताव चल रहा है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
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फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग सात सौ परिषदीय प्राथमिक स्कूलों को उच्च प्राथमिक में विलय करने जा रहा है। एक कंपाउंड में स्थित दोनों स्कूल नए सत्र से एक ही व्यवस्था में संचालित करने की तैयारी है। दोनों स्कूलों में एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होगी। ऐसे में जिले में प्राथमिक स्कूलों के सात सौ प्रधानाध्यापकों के पद खत्म हो जाएंगे।
तीन दिन पहले लखनऊ में हुई बैठक में अधिकारियों ने गुजरात मॉडल की व्यवस्था पर चर्चा की। बैठक से लौटे एक अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की गणना दो के बजाय एक ही में होगी। ऐसे में जिले में 1903 प्राथमिक स्कूलों की संख्या घटकर 1203 रह जाएगी। क्योंकि जिले में सात सौ स्कूल एक ही कंपाउंड में स्थित हैं। ऐसी स्थिति में इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक हटाए जा सकते हैं या फिर उनकी नियुक्ति उच्च प्राथमिक स्कूलों के सहायक के रूप में मानी जाएगी।
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विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी पूरी हो सकेगी। क्योंकि प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति का मानक है। अधिक छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों में छह से सात शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि कम से कम छात्र संख्या वाले स्कूल में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का मानक है। दोनों स्कूलों का एक में विलय होने से अधिकतम सात शिक्षकों से स्कूल का संचालन हो सकेगा।
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बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन में एक कंपाउंड के दो स्कूलों का एक ही विलय होने का प्रस्ताव चल रहा है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।