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Fatehpur News: पांडू नदी के कटान से 50 बीघे खेत कटे

Sun, 25 Jun 2023 11:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jun 2023 11:55 PM IST
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50 bighas of land cut due to erosion of Pandu river
संवाद न्यूज एजेंसी
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औंग। पांडु नदी का जल स्तर बढ़ने से बहाव तेज हो गया है। शुक्रवार रात जलधारा ने रफ्तार पकड़ी और 50 बीघे खेत को अपने पानी में समाहित कर लिया। प्रतिवर्ष कटान का दंश झेल रहे कटरीवासी दहशतजदा हैं।
ब्लॉक मलवां के अभयपुर के मजरे बिंदकी फार्म को पांडू नदी कटान से खतरा बढ़ गया है। कटान की जद में आशापुर का मजरा बेनीखेड़ा, जाड़े का पुरवा भी है। लगातार कई वर्षों से पांडू नदी का बहाव तेज होने से इन गांवों की खेती कट कर नदी में समां जाती है। हालांकि अभी इस क्षेत्र में बारिश पर्याप्त मात्रा में नहीं हुई है। लेकिन फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर में अच्छी बारिश होने और नहरों का पानी पांडू नदी में आने से जलस्तर बढ़ा है। इससे बहाव तेज और कटान शुरु हो गई है।
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नदी का सर्पाकार आकार कटान का कारण
कानपुर की सीमा से फतेहपुर की सीमा में प्रवेश करने पर पांडू नदी की जलधारा उत्तर की तरफ प्रभावित होती है। कानपुर प्रयागराज हाईवे के गांव छिवली के पांडू नदी के पुल से नदी कटरी क्षेत्र में प्रवेश करती है। औसेरीखेड़ा, जाड़े के पुरवा और बेनीखेड़ा, बिंदकी फार्म के पास सर्पाकार हो जाती है। अधिकतर क्षेत्र में खेत की निचली सतह में बालू है। ऊपर एक से डेढ़ फुट बलुई मिट्टी पाई जाती है। बहाव के रफ्तार में आने से घुमाओं में खेत कटकर नदी में समां जाते हैं। बाढ़ आने पर नदी का पानी दिखाई पड़ता है। जिससे ग्रामीण सतर्क होकर अपनी गृहस्थी समेटकर राहत शिविर में चले जाते हैं। कटान में नदी का पानी नीचे नीचे सुरंग करता रहता है। अचानक कई बीघे खेत पानी में समां जाते हैं। जिससे मवेशियों व जनजीवन को खतरा हो सकता है। अगर कटान की रफ्तार जारी रही तो बिंदकी फार्म, बेनीखेड़ा ,जाड़े के पुरवा को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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-इन किसानों की कटी खेती बिंदकी फार्म के तटवर्ती मोतीलाल ,राजू, महावीर ,पप्पू ,संतोष, रामकिशोर ,जोगिंदर, वचान ,बैजनाथ, खेलावन अन्य की खेती नदी में 50 बीघे कट चुकी है। जिसमें इन किसानों ने करबी मूंग ,उड़द की फसल कर रखा था।
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