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Fatehpur News: डीसीएम में ठूंसकर ले जाए जा रहे 39 मवेशी बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
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फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार रात देवरी मोड़ के पास चेकिंग के दौरान डीसीएम से 39 मवेशियों को बरामद किया। एक आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चार अन्य की तलाश जारी है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर डीसीएम सीज कर दी गई है।
दरोगा धीरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात पुलिस देवरी मोड़ पर चेकिंग कर रही थी। तभी लखनऊ बाईपास से रायबरेली की ओर जा रहे डीसीएम को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में 15 भैंस और 24 भैंसें मिलीं। डीसीएम सवार दो युवक मौके से भाग निकले, जबकि मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र के छवारी गांव निवासी सालिद रजा उर्फ छोटू खां को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सालिद ने बताया कि डीसीएम मालिक मोमीन खां, चालक शमीम उल्ला, मवेशी खरीदने वाला मुबारक और मजदूर किशन भी इस काम में शामिल हैं। सभी आसपास के बाजारों से मवेशी खरीदकर उन्नाव समेत अन्य बाजारों में बेचते हैं। मवेशियों को अजुहा बाजार से खरीदकर उन्नाव ले जाया जा रहा था।
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पुलिस ने बताया कि डीसीएम में लकड़ी के पट्टों से दो हिस्से बनाए गए थे और मवेशियों के पैर रस्सियों से बंधे थे। थानाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि डीसीएम के कागजात नहीं मिलने पर उसे सीज कर दिया गया। मवेशियों को बेरागढ़ीवा पशु मंडी ले जाकर आसपास के लोगों की सुपुर्दगी में दिया गया है।
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दरोगा धीरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात पुलिस देवरी मोड़ पर चेकिंग कर रही थी। तभी लखनऊ बाईपास से रायबरेली की ओर जा रहे डीसीएम को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में 15 भैंस और 24 भैंसें मिलीं। डीसीएम सवार दो युवक मौके से भाग निकले, जबकि मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र के छवारी गांव निवासी सालिद रजा उर्फ छोटू खां को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पूछताछ में सालिद ने बताया कि डीसीएम मालिक मोमीन खां, चालक शमीम उल्ला, मवेशी खरीदने वाला मुबारक और मजदूर किशन भी इस काम में शामिल हैं। सभी आसपास के बाजारों से मवेशी खरीदकर उन्नाव समेत अन्य बाजारों में बेचते हैं। मवेशियों को अजुहा बाजार से खरीदकर उन्नाव ले जाया जा रहा था।
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पुलिस ने बताया कि डीसीएम में लकड़ी के पट्टों से दो हिस्से बनाए गए थे और मवेशियों के पैर रस्सियों से बंधे थे। थानाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि डीसीएम के कागजात नहीं मिलने पर उसे सीज कर दिया गया। मवेशियों को बेरागढ़ीवा पशु मंडी ले जाकर आसपास के लोगों की सुपुर्दगी में दिया गया है।