{"_id":"5b0c4e7f4f1c1bb26e8b5232","slug":"31527533183-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ससुराल जाते समय मौत ने मारा झपट्टा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ससुराल जाते समय मौत ने मारा झपट्टा
Updated Tue, 29 May 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के नौबस्ता चौराहे पर टूरिस्ट बस और ट्रैक्टर ट्राली की भिड़ंत में मौत का शिकार हुआ यात्री देव कुमार दिल्ली से अपनी पत्नी व बच्चों से मिलने ससुराल कौशांबी जिले के अझुहा कस्बे जा रहा था। वहां पहुंचने से पहले मौत ने झपट्टा मार दिया।
चित्रकूट जिले के सरधुवा निवासी भैयालाल का बेटा देवकुमार (45) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। उसकी ससुराल कौशांबी जिले के अझुहा कस्बे में है। पत्नी सुशीला, बड़ी बेटी कोकिला (15), बेटा बउवा (12) और छोटा बेटा पिंटू (7) अझुहा में रहते हैं। देवकुमार का गांव आना-जाना बहुत कम होता था। छुट्टी बिताने के लिए वह सीधे ससुराल आता था। रविवार की शाम उसने पत्नी को सोमवार सुबह तक अझुहा पहुंचने की जानकारी मोबाइल पर दी थी। इसके बाद वह वहीं से वाराणसी जा रही टूरिस्ट बस में सवार हो गया था। ससुराल में देव के सकुशल पहुंचने के बजाय मौत की खबर पहुंची। पोस्टमार्टम हाउस में देवकुमार के पारिवारिक बहनोई गाजीपुर थाने के सरकी निवासी पुत्तन ने बताया कि साले की पत्नी और बच्चे खागा तक आए थे, उन्हें वापस अझुहा भेज दिया गया है। अन्य परिजनों का पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। बताया कि साले की मौत से परिवार बेसहारा हो गया है। उसी की कमाई से घर का खर्च चलता था। घटना से पत्नी और बच्चे बदहवास हैं।
घंटे भर यातायात रहा बाधित न फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के नौबस्ता चौराहे पर दुर्घटना के बाद करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। दुर्घटना के बाद शव और घायलों को निकालने में भीड़ लगी रही। ऐसे में दोनों और वाहनों की लाइनें लगी रही। भीड़ हटने के बाद यातायात बहाल हो पाया। इस काम करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित था।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के नौबस्ता चौराहे पर टूरिस्ट बस और ट्रैक्टर ट्राली की भिड़ंत में मौत का शिकार हुआ यात्री देव कुमार दिल्ली से अपनी पत्नी व बच्चों से मिलने ससुराल कौशांबी जिले के अझुहा कस्बे जा रहा था। वहां पहुंचने से पहले मौत ने झपट्टा मार दिया।
चित्रकूट जिले के सरधुवा निवासी भैयालाल का बेटा देवकुमार (45) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। उसकी ससुराल कौशांबी जिले के अझुहा कस्बे में है। पत्नी सुशीला, बड़ी बेटी कोकिला (15), बेटा बउवा (12) और छोटा बेटा पिंटू (7) अझुहा में रहते हैं। देवकुमार का गांव आना-जाना बहुत कम होता था। छुट्टी बिताने के लिए वह सीधे ससुराल आता था। रविवार की शाम उसने पत्नी को सोमवार सुबह तक अझुहा पहुंचने की जानकारी मोबाइल पर दी थी। इसके बाद वह वहीं से वाराणसी जा रही टूरिस्ट बस में सवार हो गया था। ससुराल में देव के सकुशल पहुंचने के बजाय मौत की खबर पहुंची। पोस्टमार्टम हाउस में देवकुमार के पारिवारिक बहनोई गाजीपुर थाने के सरकी निवासी पुत्तन ने बताया कि साले की पत्नी और बच्चे खागा तक आए थे, उन्हें वापस अझुहा भेज दिया गया है। अन्य परिजनों का पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। बताया कि साले की मौत से परिवार बेसहारा हो गया है। उसी की कमाई से घर का खर्च चलता था। घटना से पत्नी और बच्चे बदहवास हैं।
विज्ञापन
घंटे भर यातायात रहा बाधित न फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के नौबस्ता चौराहे पर दुर्घटना के बाद करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। दुर्घटना के बाद शव और घायलों को निकालने में भीड़ लगी रही। ऐसे में दोनों और वाहनों की लाइनें लगी रही। भीड़ हटने के बाद यातायात बहाल हो पाया। इस काम करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित था।
विज्ञापन