{"_id":"596909af4f1c1bc95b8b4668","slug":"31500055983-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइबिल पढ़ने की अनिवार्यता पर भड़के अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइबिल पढ़ने की अनिवार्यता पर भड़के अभिभावक
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के बाइबिल पढ़ने की अनिवार्यता पर भड़के अभिभावक
फतेहपुर। शहर का ट्रुथ मिशन स्कूल एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार बाइबिल पढ़ने की अनिवार्यता के शपथ पत्र में हस्ताक्षर कराने पर अभिभावक भड़क उठे हैं। शुक्रवार को हिंदू वाहिनी और व्यापार मंडल के पदाधिकारी सुबह स्कूल पहुंचे। इन्होंने शपथ पत्र में हस्ताक्षर करने पर आपत्ति जताई। बाद में प्रिंसिपल पर अनसुना करने का आरोप लगाते हुए अभिभावक डीएम के यहां पहुंच गए। डीएम मदनपाल आर्य ने डीआईओएस को जांच के आदेश दिए हैं।
ट्रुथ मिशन स्कूल ने चालू सत्र में स्कूल के सभी बच्चों को शपथपत्र स्वयं और अभिभावक के हस्ताक्षर कराने के लिए बांटे हैं। इसके साथ ही अभिभावक के आधार कार्ड की छाया प्रति भी जमा करने के लिए कहा गया। शपथपत्र में लिखा है कि मैं बाइबिल की शिक्षा चित्रण दर्शन प्राप्त कर चुका हूं। मुझे अपने बच्चे को बाइबिल पढ़ाने में कोई आपत्ति नहीं है।
बच्चे शपथ पत्र लेकर घर पहुंचे तो अभिभावकों का विरोध शुरू हो गया। हिंदू युवा वाहिनी के अमित ठाकुर और व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा के नेतृत्व में अभिभावक स्कूल पहुंचे। इन्होंने प्रिंसिपल सैड्रिक पॉल से शपथ पत्र के विषय में जानकारी मांगी। आरोप है कि उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। डीएम से यह भी शिकायत की गई कि यूपी बोर्ड की मान्यता पर सीबीएसई की कक्षाएं चल रही हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर प्रिंसिपल सैड्रिक पॉल का कहना है कि हर संस्था की अपनी गाइड लाइन होती है। इसका नियमानुसार रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीयन होता है। संस्था की गाइड लाइन में बाइबिल का ज्ञान देने का प्रावधान है। उन्होंने गाइड लाइन से हटकर कुछ भी नहीं किया है।
- डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग, डीआईओएस को जांच के दिए निर्देश
विज्ञापन
फतेहपुर। शहर का ट्रुथ मिशन स्कूल एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार बाइबिल पढ़ने की अनिवार्यता के शपथ पत्र में हस्ताक्षर कराने पर अभिभावक भड़क उठे हैं। शुक्रवार को हिंदू वाहिनी और व्यापार मंडल के पदाधिकारी सुबह स्कूल पहुंचे। इन्होंने शपथ पत्र में हस्ताक्षर करने पर आपत्ति जताई। बाद में प्रिंसिपल पर अनसुना करने का आरोप लगाते हुए अभिभावक डीएम के यहां पहुंच गए। डीएम मदनपाल आर्य ने डीआईओएस को जांच के आदेश दिए हैं।
ट्रुथ मिशन स्कूल ने चालू सत्र में स्कूल के सभी बच्चों को शपथपत्र स्वयं और अभिभावक के हस्ताक्षर कराने के लिए बांटे हैं। इसके साथ ही अभिभावक के आधार कार्ड की छाया प्रति भी जमा करने के लिए कहा गया। शपथपत्र में लिखा है कि मैं बाइबिल की शिक्षा चित्रण दर्शन प्राप्त कर चुका हूं। मुझे अपने बच्चे को बाइबिल पढ़ाने में कोई आपत्ति नहीं है।
विज्ञापन
बच्चे शपथ पत्र लेकर घर पहुंचे तो अभिभावकों का विरोध शुरू हो गया। हिंदू युवा वाहिनी के अमित ठाकुर और व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा के नेतृत्व में अभिभावक स्कूल पहुंचे। इन्होंने प्रिंसिपल सैड्रिक पॉल से शपथ पत्र के विषय में जानकारी मांगी। आरोप है कि उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। डीएम से यह भी शिकायत की गई कि यूपी बोर्ड की मान्यता पर सीबीएसई की कक्षाएं चल रही हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर प्रिंसिपल सैड्रिक पॉल का कहना है कि हर संस्था की अपनी गाइड लाइन होती है। इसका नियमानुसार रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीयन होता है। संस्था की गाइड लाइन में बाइबिल का ज्ञान देने का प्रावधान है। उन्होंने गाइड लाइन से हटकर कुछ भी नहीं किया है।
- डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग, डीआईओएस को जांच के दिए निर्देश