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डिफाल्टर होने के कगार पर मध्यान्ह भोजन योजना
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले में मिड-डे मील योजना डिफाल्टर होने के कगार पर है। माध्यमिक स्कूलों के मुख्यमंत्री डिजिटल डैश बोर्ड पर सूचना न देने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
मिड-डे मील योजना परिषदीय स्कूलों के साथ माध्यमिक स्कूलों में कक्षा छह से लेकर आठ तक बच्चों पर प्रभावी है। बेसिक शिक्षा विभाग के एबीआरसी, एनपीआरसी और बीईओ इसकी प्रतिदिन रिपोर्टिंग करते हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग की रिपोर्टिंग नहीं होती है।
ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग शासन को रिपोर्ट नहीं भेज रहा हैै। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने डीआईओएस को पत्र लिखकर योजना से लाभान्वित होने वाले स्कूलों को एमडीएम की रिपोर्टिंग करने का अनुरोध किया है। पत्र में लिखा है कि रिपोर्टिंग न होने के कारण मिड-डे मील योजना डिफाल्टर होने के कगार पर पहुंच गई है।
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फतेहपुर। जिले में मिड-डे मील योजना डिफाल्टर होने के कगार पर है। माध्यमिक स्कूलों के मुख्यमंत्री डिजिटल डैश बोर्ड पर सूचना न देने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
मिड-डे मील योजना परिषदीय स्कूलों के साथ माध्यमिक स्कूलों में कक्षा छह से लेकर आठ तक बच्चों पर प्रभावी है। बेसिक शिक्षा विभाग के एबीआरसी, एनपीआरसी और बीईओ इसकी प्रतिदिन रिपोर्टिंग करते हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग की रिपोर्टिंग नहीं होती है।
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ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग शासन को रिपोर्ट नहीं भेज रहा हैै। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने डीआईओएस को पत्र लिखकर योजना से लाभान्वित होने वाले स्कूलों को एमडीएम की रिपोर्टिंग करने का अनुरोध किया है। पत्र में लिखा है कि रिपोर्टिंग न होने के कारण मिड-डे मील योजना डिफाल्टर होने के कगार पर पहुंच गई है।
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