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बिजली की अघोषित कटौती से हायतौबा
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:15 AM IST
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देहात में बिजली कटौती से हायतौबा
फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से हायतौबा मची है। 24 घंटे में से सिर्फ आठ घंटा आपूर्ति मिल रही है। कटौती का कोई समय तय नहीं है। लगातार एक-दो घंटा से अधिक सप्लाई नहीं मिलती है। बिजली की कटौती से किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं। लोगों की रात की नींद, दिन का सुकून छिन गया है।
कटौती से लघु उद्योग धंधे बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। निजी नलकूप से होने वाली सिंचाई व्यवस्था बेपटरी है। किसान फसल सिंचाई व धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। अधिशासी अभियंता आरएन सिंह का कहना है कि कटौती कंट्रोल रूम लखनऊ से की जा रही है। यहां से किसी प्रकार की कटौती नहीं हो रही है।
बहरामपुर गांव के निर्मल तिवारी ने बताया कि थरियांव उपकेंद्र के असोथर फीडर से बिजली दी जाती है। 15 दिन से बिजली की कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में पंखा, कूलर शोपीस बने हैं। इन्वर्टर चार्ज नहीं हो पाता है। इससे पूरी रात पंखा भी नहीं चलता है।
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मुसैदापुर गांव के सगीर अहमद की थरियांव कस्बा में सैलून की दुकान है। इनका कहना है कि बिजली के आने का कोई रोस्टर तय नहीं है। कभी सुबह एक-दो घंटा तो भी शाम को दो घंटा बिजली मिलती है। रात के समय अधिक कटौती की जाती है।
मुसईपुर गांव केे छेदीलाल ने बताया कि मंडासराय फीडर से बिजली सप्लाई दी जाती है। एक दो घंटा से ज्यादा लगातार सप्लाई नहीं मिलती है। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। सब्जी की फसल सूख गई है। धान की रोपाई करने के लिए खेत में पानी नहीं भर पा रहे हैं।
- 24 घंटे में से आठ घंटा दी जा रही आपूर्ति
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फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से हायतौबा मची है। 24 घंटे में से सिर्फ आठ घंटा आपूर्ति मिल रही है। कटौती का कोई समय तय नहीं है। लगातार एक-दो घंटा से अधिक सप्लाई नहीं मिलती है। बिजली की कटौती से किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं। लोगों की रात की नींद, दिन का सुकून छिन गया है।
कटौती से लघु उद्योग धंधे बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। निजी नलकूप से होने वाली सिंचाई व्यवस्था बेपटरी है। किसान फसल सिंचाई व धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। अधिशासी अभियंता आरएन सिंह का कहना है कि कटौती कंट्रोल रूम लखनऊ से की जा रही है। यहां से किसी प्रकार की कटौती नहीं हो रही है।
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बहरामपुर गांव के निर्मल तिवारी ने बताया कि थरियांव उपकेंद्र के असोथर फीडर से बिजली दी जाती है। 15 दिन से बिजली की कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में पंखा, कूलर शोपीस बने हैं। इन्वर्टर चार्ज नहीं हो पाता है। इससे पूरी रात पंखा भी नहीं चलता है।
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मुसैदापुर गांव के सगीर अहमद की थरियांव कस्बा में सैलून की दुकान है। इनका कहना है कि बिजली के आने का कोई रोस्टर तय नहीं है। कभी सुबह एक-दो घंटा तो भी शाम को दो घंटा बिजली मिलती है। रात के समय अधिक कटौती की जाती है।
मुसईपुर गांव केे छेदीलाल ने बताया कि मंडासराय फीडर से बिजली सप्लाई दी जाती है। एक दो घंटा से ज्यादा लगातार सप्लाई नहीं मिलती है। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। सब्जी की फसल सूख गई है। धान की रोपाई करने के लिए खेत में पानी नहीं भर पा रहे हैं।
- 24 घंटे में से आठ घंटा दी जा रही आपूर्ति