फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   देश को घुन की तरह खा रहा आरक्षण

देश को घुन की तरह खा रहा आरक्षण

Wed, 10 Jan 2018 11:13 PM IST
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
देश को घुन की तरह खा रहा आरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बकेवर (फतेहपुर)। काशी पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आरक्षण देश को घुन जैसे खा रहा है। यह देश की दुर्दशा का प्रमुख कारण है। जातिगत आरक्षण समाप्त होना चाहिए। इसका आधार आर्थिक किया जाना चाहिए।

पथिक धाम बकेवर में शामिल होने के बाद काशी पीठाधीश्वर ने कहा कि देश का संविधान सर्वोपरि है। योगी हो संत या नेता। मर्यादा का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। मीडिया व्यभिचारी व दुराचारी के आगे संत का ओहदा जोड़ने से बचें। दुराचारी दुराचारी होता है वह संत कभी नहीं हो सकता है। संत का काम परहित करना होता है, जो दुराचारी संत हैं उन्हें चौराहे पर खड़ा कर खुलेआम दंड देना चाहिए।
विज्ञापन


कहा कि पाकिस्तान को शत्रु देश घोषित किया जाना चाहिए। उससे सारे व्यापार तथा आवागमन ठप कर देना चाहिए। इसके बाद भी उसकी हरकत बंद न हो, तो पाकिस्तान पर हमला कर सबक सिखाने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर सरकार बुरहान वानी जैसे आतंकवादी को मुआवजा देती है, जो सर्वथा गलत और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि सराहना करते हुए कहा कि आजादी के 70 साल बाद देश की सीमाओं पर हवाई पट्टियां तथा सड़कों का निर्माण किया गया है। सरकार ने समय-समय पर सेना का मनोबल बढ़ाया है और आतंकवादियों के विरुद्ध खुली छूट देकर आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। आतंकियों के लिए अलग कानून होना चाहिए। देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। देश के हर व्यक्ति के लिए कानून एक होना चाहिए। मुस्लिमों के लिए अलग हिंदुओं के लिए अलग कानून गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed