{"_id":"59690b964f1c1b57738b462e","slug":"201500056470-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फफक कर रोई रसोइया, बीएसए ने नौकरी कराई बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फफक कर रोई रसोइया, बीएसए ने नौकरी कराई बहाल
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फफक कर रोई रसोइया, बीएसए ने बहाल कराई नौकरी
फतेहपुर। हंसवा विकास खंड के प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर रिठवां की रसोइया शुक्रवार को बीएसए कार्यालय में फफक -फफक कर रोने लगी।
रसोइया ने बताया कि शिक्षकों ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। उसकी जगह दूसरी महिला को रख लिया है। वह विधवा है। रोजी रोटी का सहारा नौकरी ही थी।
बहादुरपुर में झोपड़ी बनाकर 11 साल की बेटी के साथ रहने वाली रामा देवी सात साल से स्कूल में एमडीएम बना रही थीं। जून में स्कूल के शिक्षकों ने उसके स्थान पर दूसरी महिला को रसोइया बना दिया। देवर और जेठ के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। रामा देवी ने बताया कि घर में कोई दूसरा कमाने वाला नहीं है। रसोइया के मानदेय से परिवार चल रहा था।
रामा देवी का रोना सुनकर बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने हंसवा बीईओ देवेंद्र सिंह को न्याय दिलाने के आदेश दिए। बीईओ ने संबंधित स्कूल के शिक्षक को बुलाकर महिला को पुन: रसोइया पद पर रखने के निर्देश दिए। दोबारा नौकरी मिलने पर रामा देवी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
- दूसरी महिला को रसोइया बना दिया
विज्ञापन
फतेहपुर। हंसवा विकास खंड के प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर रिठवां की रसोइया शुक्रवार को बीएसए कार्यालय में फफक -फफक कर रोने लगी।
रसोइया ने बताया कि शिक्षकों ने उसे नौकरी से निकाल दिया है। उसकी जगह दूसरी महिला को रख लिया है। वह विधवा है। रोजी रोटी का सहारा नौकरी ही थी।
बहादुरपुर में झोपड़ी बनाकर 11 साल की बेटी के साथ रहने वाली रामा देवी सात साल से स्कूल में एमडीएम बना रही थीं। जून में स्कूल के शिक्षकों ने उसके स्थान पर दूसरी महिला को रसोइया बना दिया। देवर और जेठ के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। रामा देवी ने बताया कि घर में कोई दूसरा कमाने वाला नहीं है। रसोइया के मानदेय से परिवार चल रहा था।
रामा देवी का रोना सुनकर बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने हंसवा बीईओ देवेंद्र सिंह को न्याय दिलाने के आदेश दिए। बीईओ ने संबंधित स्कूल के शिक्षक को बुलाकर महिला को पुन: रसोइया पद पर रखने के निर्देश दिए। दोबारा नौकरी मिलने पर रामा देवी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
विज्ञापन
- दूसरी महिला को रसोइया बना दिया