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धान बेचे हुए कई महीने, नहीं मिला रुपया
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फतेहपुर। योगी सरकार ने भले ही धान खरीदे जाने के बाद किसानों का पैसा उनके खाते में सीधे भेजे जाने का फरमान जारी किया हो, लेकिन हकीकत जुदा है। जिले के जिम्मेदारों की शिथिलता के चलते कई किसानों के खाता में रुपया नहीं पहुंचा है। धान की खरीद भी बंद हो चुकी है। किसानों के सामने पारिवारिक खर्च के अलावा शादी ब्याह में खर्च पूरा करने की समस्या है। केंद्र प्रभारी किसानों के खाता में रुपया भेजने का आश्वासन तो देते हैं लेकिन रुपया नहीं पहुंच रहा है। खरीद बंद होने से किसानों की भी केंद्र प्रभारियों से मुलाकात नहीं होती है। फोन करने पर केंद्र प्रभारी खाते में जल्द रुपया भेजने का कोरा भरोसा देते हैं।
13- खुशवक्त राय नगर मुहल्ला निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बहुआ ब्लाक में खेत हैं। शहर के मंडी समिति के क्रय केंद्र में 40 क्विंटल धान बेच दिए थे। ढाई महीना बीतने के बाद भी बैंक खाता में रुपया नहीं आया है। अब क्रय केंद्र भी बंद हो चुका है। केंद्र प्रभारी से फोन से बात हुई है। उन्होंने खाता में रुपया भेजने का आश्वासन तो दिया है लेकिन 15 दिन बीत गए हैं। अभी तक खाता में रुपया नहीं आया है।
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14- असोथर कस्बा के किसान मलखान सिंह ने बताया कि यूपी एग्रो के क्रय केंद्र में 100 क्विंटल धान बेचे थे। एक लाख 75 हजार रुपये धान की रकम होती है। अभी तक खाता में रुपया नहीं आया है। रिश्तेदारी में शादी है। वहां जाने के लिए बच्चों कपड़े खरीदना है। धान का रुपया न मिलने की वजह से बाजार से खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं।
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15- हसवा ब्लाक के मंडासराय गांव निवासी कल्लू सिंह ने बताया कि धान का 87 हजार रुपया अभी तक नहीं मिला है। फसलों की बुआई में खाद, बीज जिन दुकानदारों से लिए थे। अब वह रुपया मांग रहे हैं। धान बेचे हुए डेढ़ महीना बीत गए हैं, लेकिन अभी तक रुपया नहीं मिला है। दुकानदारों को खाद, बीज का रुपया देना है।
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16- असोथर कस्बा के किसान बलराम ने 80 क्विंटल धान यूपी एग्रो के क्रय केंद्र में बिक्री की थी। दो महीना बीत गए हैं। खाता में रुपया अभी तक नहीं आया है। बच्चों की परीक्षा शुरू होने के पहले स्कूल की फीस जमा करना था। 15 दिन में वापस लौटाने का वादा कर गांव के ही एक लोगों से रुपया लिया था, लेकिन अभी तक वापस नहीं कर पाए हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
डिप्टी आरएओ रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि शासन स्तर से वेबसाइट में कुछ कमी की वजह से 26 फरवरी से किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा था। अब भुगतान शुरू हो गया है। जिन संस्थाओं ने किसानों के खाता में रुपया नहीं भेजा है। उनसे अगले सप्ताह तक सभी किसानों के खाता में रुपया पहुंचा देने को कह दिया गया है।
17- क्रय केंद्र में धान खरीद की प्रतीक फोटो
रकम के लिए चक्कर लगा रहे धान किसान
किसानों के खाते में पहुंचानी थी रकम, केंद्र प्रभारी भी नहीं मिलते
अधिकारियों पर शिथिलता का आरोप, वेबसाइट को बताया वजह
अमर उजाला ब्यूरो
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13- खुशवक्त राय नगर मुहल्ला निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बहुआ ब्लाक में खेत हैं। शहर के मंडी समिति के क्रय केंद्र में 40 क्विंटल धान बेच दिए थे। ढाई महीना बीतने के बाद भी बैंक खाता में रुपया नहीं आया है। अब क्रय केंद्र भी बंद हो चुका है। केंद्र प्रभारी से फोन से बात हुई है। उन्होंने खाता में रुपया भेजने का आश्वासन तो दिया है लेकिन 15 दिन बीत गए हैं। अभी तक खाता में रुपया नहीं आया है।
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14- असोथर कस्बा के किसान मलखान सिंह ने बताया कि यूपी एग्रो के क्रय केंद्र में 100 क्विंटल धान बेचे थे। एक लाख 75 हजार रुपये धान की रकम होती है। अभी तक खाता में रुपया नहीं आया है। रिश्तेदारी में शादी है। वहां जाने के लिए बच्चों कपड़े खरीदना है। धान का रुपया न मिलने की वजह से बाजार से खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं।
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15- हसवा ब्लाक के मंडासराय गांव निवासी कल्लू सिंह ने बताया कि धान का 87 हजार रुपया अभी तक नहीं मिला है। फसलों की बुआई में खाद, बीज जिन दुकानदारों से लिए थे। अब वह रुपया मांग रहे हैं। धान बेचे हुए डेढ़ महीना बीत गए हैं, लेकिन अभी तक रुपया नहीं मिला है। दुकानदारों को खाद, बीज का रुपया देना है।
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16- असोथर कस्बा के किसान बलराम ने 80 क्विंटल धान यूपी एग्रो के क्रय केंद्र में बिक्री की थी। दो महीना बीत गए हैं। खाता में रुपया अभी तक नहीं आया है। बच्चों की परीक्षा शुरू होने के पहले स्कूल की फीस जमा करना था। 15 दिन में वापस लौटाने का वादा कर गांव के ही एक लोगों से रुपया लिया था, लेकिन अभी तक वापस नहीं कर पाए हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
डिप्टी आरएओ रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि शासन स्तर से वेबसाइट में कुछ कमी की वजह से 26 फरवरी से किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा था। अब भुगतान शुरू हो गया है। जिन संस्थाओं ने किसानों के खाता में रुपया नहीं भेजा है। उनसे अगले सप्ताह तक सभी किसानों के खाता में रुपया पहुंचा देने को कह दिया गया है।
17- क्रय केंद्र में धान खरीद की प्रतीक फोटो
रकम के लिए चक्कर लगा रहे धान किसान
किसानों के खाते में पहुंचानी थी रकम, केंद्र प्रभारी भी नहीं मिलते
अधिकारियों पर शिथिलता का आरोप, वेबसाइट को बताया वजह
अमर उजाला ब्यूरो