{"_id":"5a7749d64f1c1ba4268b86fd","slug":"191517767126-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ समितियों का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ समितियों का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। समिति के सचिवों की लापरवाही से नौ समितियों का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त हो गया। इससे इन समितियों की खाद बिक्री बंद है। दोबारा लाइसेंस बनवाने के बाद पीओएस मशीन से ही यह खाद बिक्री कर सकेंगे। लाइसेंस बनवाने में शासन की नई नियमावली बाधक है। सचिवों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया जिससे यह दिक्कत हुई है। अब एग्रीकल्चर से स्नातक डिग्री या फिर प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र के आधार पर ही खाद बिक्री का लाइसेंस जारी हो सकेगा।
सहकारिता विभाग व समिति के सचिवों की लापरवाही का खामियाजा केवल लाइसेंसधारकों को ही नहीं किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। जिले की नौ समितियों में खाद बिक्री का लाइसेंस समय से नवीनीकृत नहीं हुआ। यदि यह हो गया होता तो यहां से जनता को खाद उपलब्ध होती। अब नया लाइसेंस बनने के बाद खाद बिक्री होगी। इससे प्राइवेट दुकानों में खाद की बिक्री बढ़ गई है। दुकानदार तय रेट से अधिक में खाद बेच रहे हैं। किसानों को मजबूरी में अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
हुसैनगंज क्षेत्र के गंभरी गांव के किसान शीतला तिवारी ने बताया कि कस्बा की समिति में एक महीने से खाद नहीं है। गेहूं की फसल में खाद डालना है। समय से खाद न डाली गई तो फसल कमजोर हो जाएगी।
विज्ञापन
हुसैनगंज के किसान कमला शंकर मिश्र ने बताया कि प्राइवेट दुकानों में मशीन से खाद की बिक्री शुरू हो गई है। यहां समिति में अभी तक पीओएस मशीन ही नहीं आई है। मशीन के आने पर ही स्टाक फीडिंग कर खाद की बिक्री होगी। बताया गया कि समिति में खाद बिक्री रोक दी गई है।
गौरा चुरियारा गांव के किसान राधेरमण पटेल ने बताया कि प्राइवेट दुकानदार 327 रुपये वाली यूरिया को 380 रुपये में बेच रहे हैं। पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने के बाद खाद मिलती है, लेकिन दुकानदार रसीद नहीं देते हैं। समिति में खाद न बिकने की वजह से मजबूरी में अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
जमरावां गांव के किसान रामप्रकाश मौर्य ने बताया कि रबी की फसल बुआई के समय से ही खाद की किल्लत चल रही है। पहले बुआई में डीएपी नहीं मिली। फिर गेहूं की फसल सिंचाई करने के बाद अब समिति में खाद नहीं मिली। दोबारा खाद डालने की जरूरत है। अब पीओएस मशीन की वजह से समिति में खाद नहीं आ रही है। पीओएस मशीन तभी मिलेगी जब लाइसेंस नवीनीकृत होगा।
प्रभारी सहायक निबंधक सहकारिता सीएल प्रजापति ने बताया कि खाद बिक्री का लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 20 फरवरी तक इन समितियों का नया लाइसेंस बन जाएगा।
इन समितियों का नहीं हुआ नवीनीकरण
साधन सहकारी समिति खागा के बुदवन, सरसई खागा, हथगाम ब्लाक के मंडवा व जगजीवनपुर, हुसैनगंज, भिटौरा ब्लाक का जमरावां, इसी ब्लाक का मवई, बिंदकी से जुड़ा महरहा, खागा तहसील का इरादतपुर।
विज्ञापन
फतेहपुर। समिति के सचिवों की लापरवाही से नौ समितियों का खाद बिक्री लाइसेंस निरस्त हो गया। इससे इन समितियों की खाद बिक्री बंद है। दोबारा लाइसेंस बनवाने के बाद पीओएस मशीन से ही यह खाद बिक्री कर सकेंगे। लाइसेंस बनवाने में शासन की नई नियमावली बाधक है। सचिवों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया जिससे यह दिक्कत हुई है। अब एग्रीकल्चर से स्नातक डिग्री या फिर प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र के आधार पर ही खाद बिक्री का लाइसेंस जारी हो सकेगा।
सहकारिता विभाग व समिति के सचिवों की लापरवाही का खामियाजा केवल लाइसेंसधारकों को ही नहीं किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। जिले की नौ समितियों में खाद बिक्री का लाइसेंस समय से नवीनीकृत नहीं हुआ। यदि यह हो गया होता तो यहां से जनता को खाद उपलब्ध होती। अब नया लाइसेंस बनने के बाद खाद बिक्री होगी। इससे प्राइवेट दुकानों में खाद की बिक्री बढ़ गई है। दुकानदार तय रेट से अधिक में खाद बेच रहे हैं। किसानों को मजबूरी में अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
विज्ञापन
हुसैनगंज क्षेत्र के गंभरी गांव के किसान शीतला तिवारी ने बताया कि कस्बा की समिति में एक महीने से खाद नहीं है। गेहूं की फसल में खाद डालना है। समय से खाद न डाली गई तो फसल कमजोर हो जाएगी।
विज्ञापन
हुसैनगंज के किसान कमला शंकर मिश्र ने बताया कि प्राइवेट दुकानों में मशीन से खाद की बिक्री शुरू हो गई है। यहां समिति में अभी तक पीओएस मशीन ही नहीं आई है। मशीन के आने पर ही स्टाक फीडिंग कर खाद की बिक्री होगी। बताया गया कि समिति में खाद बिक्री रोक दी गई है।
गौरा चुरियारा गांव के किसान राधेरमण पटेल ने बताया कि प्राइवेट दुकानदार 327 रुपये वाली यूरिया को 380 रुपये में बेच रहे हैं। पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने के बाद खाद मिलती है, लेकिन दुकानदार रसीद नहीं देते हैं। समिति में खाद न बिकने की वजह से मजबूरी में अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
जमरावां गांव के किसान रामप्रकाश मौर्य ने बताया कि रबी की फसल बुआई के समय से ही खाद की किल्लत चल रही है। पहले बुआई में डीएपी नहीं मिली। फिर गेहूं की फसल सिंचाई करने के बाद अब समिति में खाद नहीं मिली। दोबारा खाद डालने की जरूरत है। अब पीओएस मशीन की वजह से समिति में खाद नहीं आ रही है। पीओएस मशीन तभी मिलेगी जब लाइसेंस नवीनीकृत होगा।
प्रभारी सहायक निबंधक सहकारिता सीएल प्रजापति ने बताया कि खाद बिक्री का लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 20 फरवरी तक इन समितियों का नया लाइसेंस बन जाएगा।
इन समितियों का नहीं हुआ नवीनीकरण
साधन सहकारी समिति खागा के बुदवन, सरसई खागा, हथगाम ब्लाक के मंडवा व जगजीवनपुर, हुसैनगंज, भिटौरा ब्लाक का जमरावां, इसी ब्लाक का मवई, बिंदकी से जुड़ा महरहा, खागा तहसील का इरादतपुर।