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बच्ची को नहीं लगा था दिमागी बुखार का टीका
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:32 AM IST
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फतेहपुर। ऐरायां विकास खंड के मोहम्मदपुर गौंती में दिमागी बुखार की चपेट में दस माह की बच्ची के आने से गांव में दहशत है। आलम यह है कि अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज भी दहशत में हैं। उधर, छानबीन में पता चला कि बच्ची को उसके परिजनों ने टीका ही नहीं लगवाया था।
सीएमओ के निर्देश पर बच्ची के टीकाकरण के कार्ड की जानकारी ली गई तो उसमे पता चला कि बच्ची को जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका ही नहीं लगा था। मोहम्मदपुर गौंती गांव के रहने वाले सलीमउद्दीन की दस माह की बेटी एलीजा का दिमागी बुखार की चपेट में आने से इलाज चल रहा है। गांव में टीम ने एंटी लार्वा का छिड़काव
करा दिया है। साथ ही अन्य ग्रामीणों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया है। डिप्टी सीएमओ डा. संजय ङ्क्षसह ने बताया कि बच्ची के टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की गई है जिसमें पता चला कि बच्ची को दिमागी बुखार का टीका ही नहीं लगा था। हरदो चिकित्सा प्रभारी डा. उदय प्रकाश, डा. मोहम्मद इश्तियाक ने बताया कि स्थिति सामान्य हैं। प्रधानपति मोहम्मद सगीर ने गांव में नियमित सफाई और चिकित्सा के बेहतर इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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बिंदकी। गांव में फैली संक्रामक बीमारी के हालात अब धीरे-धीरे सुधरने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परीक्षण कर दवाइयां बांटी। चकमदा गांव में संक्रामक बीमारी से चार बच्चों की मौत के बाद सक्रियता हुई है। गांव के अशोक कुमार ने बताया कि उसे दो दिन पहले उल्टी दस्त आ रही थी। डॉक्टरों ने बताया कि दवाई देने के बाद
अब तबियत ठीक है। यही बात गांव की नीतू देवी ने बताया कि उसकी बेटी की तबीयत खराब थी लेकिन अब ठीक है। ग्राम प्रधान इंदिरा देवी ने कहा कि जहां जहां पर गंदगी है घूर के गड्ढे वहां पर जेसीबी मशीन लगाकर सफ ाई कराई जा रही है। हल्का लेखपाल बालकन ने बताया कि गांव की नालियों को सफ ाई कर्मचारियों ने पूरी तरह से साफ करा दिया है। गांव के अंदर भरा हुआ पानी पूरी तरह से निकल गया है। ब्यूरो
बच्ची को नहीं लगा था जेई का टीका
- मोहम्मदपुर गौंती में बुखार के अन्य मरीजों में जापानी इंसेफेलाइटिस की दहशत
- टीम ने एंटी लार्वा का छिड़काव कराया, परीक्षण कर मरीजों को बांटी दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
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सीएमओ के निर्देश पर बच्ची के टीकाकरण के कार्ड की जानकारी ली गई तो उसमे पता चला कि बच्ची को जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका ही नहीं लगा था। मोहम्मदपुर गौंती गांव के रहने वाले सलीमउद्दीन की दस माह की बेटी एलीजा का दिमागी बुखार की चपेट में आने से इलाज चल रहा है। गांव में टीम ने एंटी लार्वा का छिड़काव
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करा दिया है। साथ ही अन्य ग्रामीणों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया है। डिप्टी सीएमओ डा. संजय ङ्क्षसह ने बताया कि बच्ची के टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की गई है जिसमें पता चला कि बच्ची को दिमागी बुखार का टीका ही नहीं लगा था। हरदो चिकित्सा प्रभारी डा. उदय प्रकाश, डा. मोहम्मद इश्तियाक ने बताया कि स्थिति सामान्य हैं। प्रधानपति मोहम्मद सगीर ने गांव में नियमित सफाई और चिकित्सा के बेहतर इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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बिंदकी। गांव में फैली संक्रामक बीमारी के हालात अब धीरे-धीरे सुधरने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परीक्षण कर दवाइयां बांटी। चकमदा गांव में संक्रामक बीमारी से चार बच्चों की मौत के बाद सक्रियता हुई है। गांव के अशोक कुमार ने बताया कि उसे दो दिन पहले उल्टी दस्त आ रही थी। डॉक्टरों ने बताया कि दवाई देने के बाद
अब तबियत ठीक है। यही बात गांव की नीतू देवी ने बताया कि उसकी बेटी की तबीयत खराब थी लेकिन अब ठीक है। ग्राम प्रधान इंदिरा देवी ने कहा कि जहां जहां पर गंदगी है घूर के गड्ढे वहां पर जेसीबी मशीन लगाकर सफ ाई कराई जा रही है। हल्का लेखपाल बालकन ने बताया कि गांव की नालियों को सफ ाई कर्मचारियों ने पूरी तरह से साफ करा दिया है। गांव के अंदर भरा हुआ पानी पूरी तरह से निकल गया है। ब्यूरो
बच्ची को नहीं लगा था जेई का टीका
- मोहम्मदपुर गौंती में बुखार के अन्य मरीजों में जापानी इंसेफेलाइटिस की दहशत
- टीम ने एंटी लार्वा का छिड़काव कराया, परीक्षण कर मरीजों को बांटी दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो