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Fatehpur News: 18 फीट चौड़ा नाला, दो फीट में सिमटा

Thu, 07 Mar 2024 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Thu, 07 Mar 2024 12:34 AM IST
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18 feet wide drain, reduced to two feet
फोटो-5-आगे नाला चोक होने से उफनाई नालियां। संवाद
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फोटो-6-सीओ आफिस के बगल वाली सड़क से ऊपर बहती कच्ची नाली। संवाद
फोटो-7-सड़क निकारे नाले में भरा पानी। संवाद
फोटो-8-दो फीट चौड़ा बचा नाला। संवाद
फोटो-9-चर्म विद्यालय के पीछे खत्म हुआ नाला। संवाद

-आईटीआई के पास नाले का निकास बंद, 5000 की आबादी झेल रही जलभराव का दंश
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। शहर के आबूनगर मोहल्ले में जलभराव गंभीर समस्या बन चुकी है। नगर पालिका में दर्ज 18 फीट चौड़ा नाला अतिक्रमण की जद में इस तरह समा गया है कि अब इसकी चौड़ाई घटकर महज दो फीट रह गई है। ऐसे में मामूली बारिश में सीओ सिटी दफ्तर समेत करीब 5000 की आबादी की हर सड़क जलमग्न हो जाती है। रानी कालोनी मार्ग पर एक फीट से अधिक पानी भरता है।
शहर का सबसे लंबा यह नाला आबादी के मध्य सिमट कर दो फीट बचा है। चर्म विद्यालय के पास नाले का निकास ही बंद हो चुका है। नाले का निकास बंद होने से बारिश के मौसम में पंपिंग सेट लगाकर जलनिकासी कराने में हर साल नगर पालिका को लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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यह नाला शह के तांबेश्वर मोहल्ले से निकलता है। करीब एक किलोमीटर से अधिक दूर का पानी इस नाले से होकर निकलता है। ऐसे में मामूली बारिश में ही आबूनगर से लेकर खलीलनगर तक जलभराव की समस्या बनती है। यहां तक कि कब्जेदारों ने अपनी सुविधा के हिसाब से निर्माण कराकर नाले की दिशा तक बदल दी है।
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नाला कहीं पांच तो कहीं चार फीट के बजाय एक स्थान पर नाला सिर्फ दो फीट ही बचा है। चर्म विद्यालय के पीछे आकर नाला का रास्ता अवरुद्ध है।
नाली ऊपर होने से सड़कों में भरता पानी
आबूनगर मोहल्ले में सीओ दफ्तर के उत्तर आबादी के मध्य की सड़क गहराई में है, जबकि नाली ऊंचाई पर है। ऐसे में सड़क का पानी नाली के रास्ते निकल नहीं पाता। यही स्थिति मोहल्ले की कई सड़कों की है। बारिश के दिनों में नीचे बसे मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। इससे इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी खासी प्रभावित होती है।

फोटो-10-सोनू वालिया
शहर के आबूनगर निवासी सोनू वालिया का कहना है कि जलभराव की समस्या अतिक्रमण से उत्पन्न हुई है। 18 फीट चौड़ा नाला कहीं-कहीं दो फीट ही बचा है। आगे नाले का निकास ही अवरुद्ध कर दिया गया है। सालों से नाले की सिल्ट सफाई भी नहीं हुई है।
लोगों ने बताई परेशानी
फोटो-11-जितेंद्र सिंह गुड्डू का कहना है कि नाले का अतिक्रमण बिना हटाए जलभराव की समस्या खत्म होना संभव नहीं है। दोनों तरफ नाले की जमीन पर पक्के निर्माण हो चुके हैं। बिना निर्माण ढहाए नाले सिल्ट सफाई भी संभव नहीं है।
फोटो-12- आयुष शर्मा का कहना है कि शहर के सबसे लंबे इस नाला पक्का बनाया जाना चाहिए। पहले राजस्व विभाग से पैमाइस कराई जाए और जहां भी अतिक्रमण है, बिना किसी संकोच के ढहाया जाए। बारिश होने पर बड़ी आबादी जलभराव से प्रभावित होती है।
फोटो-13- शिवबरन पासवान का कहना है कि बारिश के पूरे मौसम में आबूनगर मोहल्ले की सड़कें जलमग्न रहती हैं। इसका प्रमुख कारण नाले का अतिक्रमण है। खलीलनगर में नाला समाप्त हो गया है। खलीलनगर की जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट लगना मजबूरी है।

बयान:-
आबूनगर नाले का जलनिकास खलीलनगर में खत्म हो गया है। दशकों पहले से लोगों ने पक्के आवास खड़े कर रखे हैं। इन्हें हटाना नगर पालिका के बूते की बात नहीं है। इसे खाली कराने के लिए नगर पालिका बारिश के पहले हर साल पुलिस विभाग से पत्राचार करही है, लेकिन पुलिस सहायता न मिलने के कारण अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है।
समीर कुमार कश्यप, ईओ नगर पालिका
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