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कृषि विभाग ने 52 हजार हेक्टेयर में बुआई का तय किया लक्ष्य --
Updated Sun, 27 May 2018 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। खरीफ की फसल में प्रमाणित बीज से कृषि विभाग किसानों की आय बढ़ाएगा। जिले में 52 हजार 26 हेक्टेयर में प्रमाणित धान की बुआई कराने का लक्ष्य है। कृषि विभाग अपने राजकीय बीज भंडार से किसानों को अनुदान पर प्रमाणित बीज मुहैया कराएगा। इसके लिए किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।
कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडार में नरेंद्र-2064, सीएसआर-43 और स्वांवा सगवन प्रजाति के धान का बीज है। 3300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसान बीज खरीद सकेंगे। रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी बबलू कुमार ने बताया कि प्रमाणित बीज तीन साल प्रजाति वाली फसल है। संकर धान का बीज किसानों को 200 से 300 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना पड़ता है। संकर धान की सभी प्रजातियां एक साल की हैं। दूसरे साल बुआई में किसानों को फिर से बीज खरीदना पड़ेगा। प्रमाणित बीज 33 रुपये किलो की दर से मिलेगा। एक साल बीज खरीदने वाले किसानों को तीन साल तक अच्छी पैदावार होगी। किसान कम लागत में फसल तैयार कर लेंगे।
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जिला कृषि अधिकारी कहा कि तराई क्षेत्र के लिए मंसूरी धान के बीज की डिमांड शासन से की गई है। मंसूरी धान का बीज भी राजकीय बीज भंडार में जल्द पहुंच जाएगा। हाईब्रिड धान की फसल को तैयार करने के बाद किसानों को बेचने में परेशानी उठानी पड़ती है। केंद्र प्रभारी मानक विहीन धान बता कर खरीदने से मना कर देते हैं। प्रमाणित बीज की फसल में मानक के अनुसार चावल निकलता है। इससे क्रय केंद्रों में आसानी से धान की बिक्री हो जाती है।
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फतेहपुर। खरीफ की फसल में प्रमाणित बीज से कृषि विभाग किसानों की आय बढ़ाएगा। जिले में 52 हजार 26 हेक्टेयर में प्रमाणित धान की बुआई कराने का लक्ष्य है। कृषि विभाग अपने राजकीय बीज भंडार से किसानों को अनुदान पर प्रमाणित बीज मुहैया कराएगा। इसके लिए किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।
कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडार में नरेंद्र-2064, सीएसआर-43 और स्वांवा सगवन प्रजाति के धान का बीज है। 3300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसान बीज खरीद सकेंगे। रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा।
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जिला कृषि अधिकारी बबलू कुमार ने बताया कि प्रमाणित बीज तीन साल प्रजाति वाली फसल है। संकर धान का बीज किसानों को 200 से 300 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना पड़ता है। संकर धान की सभी प्रजातियां एक साल की हैं। दूसरे साल बुआई में किसानों को फिर से बीज खरीदना पड़ेगा। प्रमाणित बीज 33 रुपये किलो की दर से मिलेगा। एक साल बीज खरीदने वाले किसानों को तीन साल तक अच्छी पैदावार होगी। किसान कम लागत में फसल तैयार कर लेंगे।
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जिला कृषि अधिकारी कहा कि तराई क्षेत्र के लिए मंसूरी धान के बीज की डिमांड शासन से की गई है। मंसूरी धान का बीज भी राजकीय बीज भंडार में जल्द पहुंच जाएगा। हाईब्रिड धान की फसल को तैयार करने के बाद किसानों को बेचने में परेशानी उठानी पड़ती है। केंद्र प्रभारी मानक विहीन धान बता कर खरीदने से मना कर देते हैं। प्रमाणित बीज की फसल में मानक के अनुसार चावल निकलता है। इससे क्रय केंद्रों में आसानी से धान की बिक्री हो जाती है।