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हत्या में मां-बेटे को दस साल का सश्रम कारावास
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फतेहपुर। आपसी रंजिश में युवक की पीट कर हत्या कर देने के मामले में दोष सिद्ध होने पर मां और बेटे को अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। मामला न्यायालय में पांच साल से विचाराधीन था। अदालत ने आरोपियों पर अर्थदंड भी मुकर्रर किया है।
मामला जहानाबाद थानाक्षेत्र के रन्नूपुर गांव का है। 21 मार्च 2013 को 28 वर्षीय युवक सुशील कुमार रात आठ बजे अपने घर के बाहर बैठा था। आरोप के मुताबिक पड़ोसी अनिल और उसकी मां रमैया ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिसमें उसके सिर और जांघ में सात गंभीर चोटे आई थीं। घटना के दूसरे दिन अनिल की मृत्यु हो गई थी। तब से मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत गिरी की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में
सुशील की मां शारदा देवी की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर लिखी थी। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव कर रहे थे। वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलिराज उमराव भी इस मामले के न्यायालय में पैरवी कर रहे थे। अदालत ने शनिवार को सभी गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अनिल और उसकी मां रमैया को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड किया है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर दोनों को एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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हत्या में मां-बेटे को दस साल की कैद
- पीट-पीट कर युवक की कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
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मामला जहानाबाद थानाक्षेत्र के रन्नूपुर गांव का है। 21 मार्च 2013 को 28 वर्षीय युवक सुशील कुमार रात आठ बजे अपने घर के बाहर बैठा था। आरोप के मुताबिक पड़ोसी अनिल और उसकी मां रमैया ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिसमें उसके सिर और जांघ में सात गंभीर चोटे आई थीं। घटना के दूसरे दिन अनिल की मृत्यु हो गई थी। तब से मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत गिरी की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में
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सुशील की मां शारदा देवी की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर लिखी थी। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव कर रहे थे। वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलिराज उमराव भी इस मामले के न्यायालय में पैरवी कर रहे थे। अदालत ने शनिवार को सभी गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अनिल और उसकी मां रमैया को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड किया है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर दोनों को एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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हत्या में मां-बेटे को दस साल की कैद
- पीट-पीट कर युवक की कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो