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जिले में बनेगा रेल कोच का सहायक कारखाना
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन विकास के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। बैठक में शामिल सदर विधायक विक्रम सिंह ने बताया कि केंद्रीय रेलमंत्री ने तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से जिले में रेल कोच फैक्ट्री के सहायक कारखाने ऐंसीलरी पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है।
सदर विधायक ने बताया कि इस सहायक कारखाना के बनने से जिले में रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी। अभी तक पड़ोसी जनपद रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में रेलवे कोच बनकर तैयार हो रहे हैं। रेल कोच के लिए अन्य कलपुर्जों की आपूर्ति जिले में स्थापित किए जाने वाले ऐंसीलरी पार्क से होगी।
सदर विधायक का दावा है कि यहां सहायक कारखाना बनने से लोगों को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। रेल कोच फैक्ट्री के सहायक कारखाने की सूचना आते ही लोगों में खुशी दौड़ गई। विधायक ने बताया कि सहायक कारखाना स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन जमीन की तलाश कर जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजेगा।
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बता दें कि देश के 115 पिछड़े जिलों में शुमार फतेहपुर को इससे एक नई आस जगेगी। यहां के युवाओं को अच्छी शिक्षा और कामगार होने के बावजूद दूसरे जिलों या प्रदेश में कमाई करने के लिए मजबूर होकर बाहर जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री व केंद्रीय रेल मंत्री की इस सौगात से आसपास औद्योगीकरण व इलाका विकसित होने पर भी लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
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फतेहपुर। लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन विकास के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। बैठक में शामिल सदर विधायक विक्रम सिंह ने बताया कि केंद्रीय रेलमंत्री ने तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से जिले में रेल कोच फैक्ट्री के सहायक कारखाने ऐंसीलरी पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है।
सदर विधायक ने बताया कि इस सहायक कारखाना के बनने से जिले में रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी। अभी तक पड़ोसी जनपद रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में रेलवे कोच बनकर तैयार हो रहे हैं। रेल कोच के लिए अन्य कलपुर्जों की आपूर्ति जिले में स्थापित किए जाने वाले ऐंसीलरी पार्क से होगी।
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सदर विधायक का दावा है कि यहां सहायक कारखाना बनने से लोगों को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। रेल कोच फैक्ट्री के सहायक कारखाने की सूचना आते ही लोगों में खुशी दौड़ गई। विधायक ने बताया कि सहायक कारखाना स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन जमीन की तलाश कर जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजेगा।
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बता दें कि देश के 115 पिछड़े जिलों में शुमार फतेहपुर को इससे एक नई आस जगेगी। यहां के युवाओं को अच्छी शिक्षा और कामगार होने के बावजूद दूसरे जिलों या प्रदेश में कमाई करने के लिए मजबूर होकर बाहर जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री व केंद्रीय रेल मंत्री की इस सौगात से आसपास औद्योगीकरण व इलाका विकसित होने पर भी लोगों को रोजगार मिल सकेगा।