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1जनपद में किसानों के लिए अलग फीडर, 151 फीडरों से चलेंगे किसानों के ट्यूबवेल
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फतेहपुर। जनपद के किसानों के लिए खुशखबरी है, सरकार ने उन्हें बड़ा तोहफा दिया है। किसानों के नलकूपों को निर्बाध बिजली देने के लिए जिले में 151 कृषि फीडर बनाए जाएंगे। इसके लिए 136 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा। ताकि किसानों को निर्बाध 10 घंटे बिजली मिल सके और फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को परेशानी न हो।
रिवैंप योजना में किसानों के नलकूपों की बिजली सप्लाई अलग करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसका विभाग ने इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। अब उसकी मंजूरी हो गई है। जिले के 54 सबस्टेशन 33/11 से अलग 151 फीडर बनाए जाएंगे, जिसमें 3400 सर्किट किमी यानि तीन फेज की लाइन बनेगी। जिले के विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय में 46-46 फीडर बनाए जाएंगे। विद्युत वितरण खंड तृतीय यानि खागा में 59 फीडर बनेंगे। इन फीडरों से किसी भी गांव व कस्बों के लोगों को घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। कृषि के लिए शासन से 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का रोस्टर बना हुआ है, उसी आधार पर नलकूपों को बिजली सप्लाई मिलेगी। इन फीडरों में रात को आपूर्ति का रोस्टर नहीं दिया जाएगा, ताकि फसलों की सिंचाई किसान आसानी से कर सकेंगे।
नई जान फूंकेंगे 11 उपकेंद्र और 1212 ट्रांसफार्मर
- 2999 ट्रांसफार्मरों की बढ़ाई जाएंगी क्षमता
- रिवैंप योजना से जिले की दूर होगी बिजली की किल्लत
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था को रिवैंप योजना पटरी पर लाएगी। इसके लिए 11 नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे। 1212 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगेंगे और 2999 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही 22 उपकेंद्रों में लगे 29 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मंजूरी शासन से मिली है।
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रिवैंप योजना में 2219 किमी खुले तार हटाकर बंच कंडक्टर तार लगाए जाएंगे। प्रत्येक उपकेंद्र के लिए ट्रांसमिशन से 33 केवीए लाइन अलग से बनाई जाएगी। उपकेंद्रों की 33 केवीए लाइन के तार बदले जाएंगे। शहर, कस्बों और गांवों के लिए 668 सर्किट लाइन बनेगी। जिससे फीडरों का लोड कम किया जाएगा। वहीं 215 किमी एलटी लाइन बनाई जाएगी।
अभी तक आठ उपखंड कार्यालय संचालित थे, लेकिन अब पांच और उपखंड कार्यालय सृजित किए गए हैं। इसमें विद्युत वितरण खंड प्रथम में बेरुईहार, विद्युत वितरण खंड द्वितीय में बिंदकी और जहानाबाद में उपखंड कार्यालय खुलेंगे। खागा विद्युत वितरण खंड में किशनपुर और हथगाम में उपखंड कार्यालय बना दिए गए हैं।
इनसेट
यहां बनेंगे नए उपकेंद्र
विद्युत वितरण खंड प्रथम--- इब्राहीमपुर, शाखा, बेरा गढ़ीवा
विद्युत वितरण खंड द्वितीय-- खजुहा, माधोपुर, मवईधाम
खागा विद्युत वितरण खंड--- नरैनी, टेसाही बुजुर्ग, मंडवा, रतनपुर, पेरी
.......................
कोट:
कृषि फीडर अलग करने के लिए जिले से भेजा गया प्रस्ताव शासन से मंजूर हो गया है। नए फीडरों को बनाने के लिए शासन से कार्यदायी संस्था नामित की जाएगी। इसके बाद फीडर बनाने का काम शुरू होगा। कृषि फीडर बनने के बाद किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सकेगी और गांव-कस्बों की लाइनों का लोड कम होगा। जिले में 11 नए उपकेंद्र भी बनाए जाएंगे।
- राकेश कुमार पांडेय, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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रिवैंप योजना में किसानों के नलकूपों की बिजली सप्लाई अलग करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसका विभाग ने इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। अब उसकी मंजूरी हो गई है। जिले के 54 सबस्टेशन 33/11 से अलग 151 फीडर बनाए जाएंगे, जिसमें 3400 सर्किट किमी यानि तीन फेज की लाइन बनेगी। जिले के विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय में 46-46 फीडर बनाए जाएंगे। विद्युत वितरण खंड तृतीय यानि खागा में 59 फीडर बनेंगे। इन फीडरों से किसी भी गांव व कस्बों के लोगों को घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। कृषि के लिए शासन से 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का रोस्टर बना हुआ है, उसी आधार पर नलकूपों को बिजली सप्लाई मिलेगी। इन फीडरों में रात को आपूर्ति का रोस्टर नहीं दिया जाएगा, ताकि फसलों की सिंचाई किसान आसानी से कर सकेंगे।
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नई जान फूंकेंगे 11 उपकेंद्र और 1212 ट्रांसफार्मर
- 2999 ट्रांसफार्मरों की बढ़ाई जाएंगी क्षमता
- रिवैंप योजना से जिले की दूर होगी बिजली की किल्लत
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था को रिवैंप योजना पटरी पर लाएगी। इसके लिए 11 नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे। 1212 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगेंगे और 2999 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही 22 उपकेंद्रों में लगे 29 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मंजूरी शासन से मिली है।
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रिवैंप योजना में 2219 किमी खुले तार हटाकर बंच कंडक्टर तार लगाए जाएंगे। प्रत्येक उपकेंद्र के लिए ट्रांसमिशन से 33 केवीए लाइन अलग से बनाई जाएगी। उपकेंद्रों की 33 केवीए लाइन के तार बदले जाएंगे। शहर, कस्बों और गांवों के लिए 668 सर्किट लाइन बनेगी। जिससे फीडरों का लोड कम किया जाएगा। वहीं 215 किमी एलटी लाइन बनाई जाएगी।
अभी तक आठ उपखंड कार्यालय संचालित थे, लेकिन अब पांच और उपखंड कार्यालय सृजित किए गए हैं। इसमें विद्युत वितरण खंड प्रथम में बेरुईहार, विद्युत वितरण खंड द्वितीय में बिंदकी और जहानाबाद में उपखंड कार्यालय खुलेंगे। खागा विद्युत वितरण खंड में किशनपुर और हथगाम में उपखंड कार्यालय बना दिए गए हैं।
इनसेट
यहां बनेंगे नए उपकेंद्र
विद्युत वितरण खंड प्रथम--- इब्राहीमपुर, शाखा, बेरा गढ़ीवा
विद्युत वितरण खंड द्वितीय-- खजुहा, माधोपुर, मवईधाम
खागा विद्युत वितरण खंड--- नरैनी, टेसाही बुजुर्ग, मंडवा, रतनपुर, पेरी
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कोट:
कृषि फीडर अलग करने के लिए जिले से भेजा गया प्रस्ताव शासन से मंजूर हो गया है। नए फीडरों को बनाने के लिए शासन से कार्यदायी संस्था नामित की जाएगी। इसके बाद फीडर बनाने का काम शुरू होगा। कृषि फीडर बनने के बाद किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सकेगी और गांव-कस्बों की लाइनों का लोड कम होगा। जिले में 11 नए उपकेंद्र भी बनाए जाएंगे।
- राकेश कुमार पांडेय, अधीक्षण अभियंता, विद्युत