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ओवर हीट होने से 13 बार टूटे जर्जर बिजली के तार
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली समस्या भी बढ़ने लगी है। शहर और ग्रामीणांचलों में लटके बिजली के जर्जर तार उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे ज्यादा लाला बाजार, मसवानी और पीरनपुर इलाके में समस्या गंभीर हो गई है। 24 घंटे में 13 बार बिजली के तार सिर्फ ज्यादा गर्म होने से टूट गए, जिससे लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
शहर क्षेत्र में मुराइनटोला, हरिहरगंज, आबूनगर, शांतीनगर और राधानगर उपकेंद्र हैं। इसी प्रकार ग्रामीणांचलों में 38 उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई होती है। शहर के पीरनपुर, देवीगंज, अशोक नगर, मुराइनटोला, लाला बाजार, ज्वालागंज, आबूनगर इलाकों में जर्जर तारों से बिजली सप्लाई हो रही है। पिछले वर्ष 2017 में जर्जर तार बदलने के नाम पर करीब 54 लाख का बजट विभाग ने खर्च कर दिया लेकिन समस्या अभी भी बरकरार है।
आबूनगर के रहने वाले मोहम्मद शकील ने बताया कि एक हफ्ते में दो बार तार टूट कर गिर चुका है। उपकेंद्र में शिकायत भी की है। लालाबाजार निवासी अनूप ने बताया कि रविवार को चिंगारी के साथ तार टूट गया था।
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कहां कब टूटे तार
आबूनगर उपकेंद्र - आबूनगर नई बस्ती में तीन बार टूटा तार।
मुराइनटोला उपकेंद्र - लालाबाजार में दो बार और मसवानी में एक बार टूटा तार।
शांतीनगर उपकेंद्र- पीरनपुर में तीन बार, ज्वालागंज में दो बार टूटा तार।
राधानगर उपकेंद्र - देवीगंज में दो बार टूटा तार।
क्यों टूटते तार
जेई मुकेश कुमार ने बताया कि तार जैसे जैसे पुराने होते हैं उनका लचीलापन कम हो जाता है। एल्युमिनियम के तार में 135 एंपियर करंट दौड़ाया जा सकता है। जब इन तारों में 200 एंपियर तक करंट पहुंचने लगता है तो ओवर हीट होकर टूट जाते हैं। यह तब होता है जब कटियाबाज कटिया लगा लेते हैं।
जेई क्षेत्रों में घूमें, करें निगरानी - एक्सईएन
अधिशासी अभियंता एसडी सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जेई को निर्देश दिए हैं कि ट्रांसफार्मर और तार ओवरलोड न होने पाएं। इसके लिए नियमित क्षेत्रों में जांच करें। फाल्ट भी जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश हैं।
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फतेहपुर। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली समस्या भी बढ़ने लगी है। शहर और ग्रामीणांचलों में लटके बिजली के जर्जर तार उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे ज्यादा लाला बाजार, मसवानी और पीरनपुर इलाके में समस्या गंभीर हो गई है। 24 घंटे में 13 बार बिजली के तार सिर्फ ज्यादा गर्म होने से टूट गए, जिससे लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
शहर क्षेत्र में मुराइनटोला, हरिहरगंज, आबूनगर, शांतीनगर और राधानगर उपकेंद्र हैं। इसी प्रकार ग्रामीणांचलों में 38 उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई होती है। शहर के पीरनपुर, देवीगंज, अशोक नगर, मुराइनटोला, लाला बाजार, ज्वालागंज, आबूनगर इलाकों में जर्जर तारों से बिजली सप्लाई हो रही है। पिछले वर्ष 2017 में जर्जर तार बदलने के नाम पर करीब 54 लाख का बजट विभाग ने खर्च कर दिया लेकिन समस्या अभी भी बरकरार है।
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आबूनगर के रहने वाले मोहम्मद शकील ने बताया कि एक हफ्ते में दो बार तार टूट कर गिर चुका है। उपकेंद्र में शिकायत भी की है। लालाबाजार निवासी अनूप ने बताया कि रविवार को चिंगारी के साथ तार टूट गया था।
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कहां कब टूटे तार
आबूनगर उपकेंद्र - आबूनगर नई बस्ती में तीन बार टूटा तार।
मुराइनटोला उपकेंद्र - लालाबाजार में दो बार और मसवानी में एक बार टूटा तार।
शांतीनगर उपकेंद्र- पीरनपुर में तीन बार, ज्वालागंज में दो बार टूटा तार।
राधानगर उपकेंद्र - देवीगंज में दो बार टूटा तार।
क्यों टूटते तार
जेई मुकेश कुमार ने बताया कि तार जैसे जैसे पुराने होते हैं उनका लचीलापन कम हो जाता है। एल्युमिनियम के तार में 135 एंपियर करंट दौड़ाया जा सकता है। जब इन तारों में 200 एंपियर तक करंट पहुंचने लगता है तो ओवर हीट होकर टूट जाते हैं। यह तब होता है जब कटियाबाज कटिया लगा लेते हैं।
जेई क्षेत्रों में घूमें, करें निगरानी - एक्सईएन
अधिशासी अभियंता एसडी सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जेई को निर्देश दिए हैं कि ट्रांसफार्मर और तार ओवरलोड न होने पाएं। इसके लिए नियमित क्षेत्रों में जांच करें। फाल्ट भी जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश हैं।