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Fatehpur News: पूर्व प्रधान के तीन पुत्रों समेत 12 दोषियों को उम्रकैद

Sat, 21 Feb 2026 01:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 01:24 AM IST
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12 convicts, including three sons of former Pradhan, sentenced to life imprisonment
फोटो-24-सजा के बाद कोर्ट से लेकर जाती पुलिस। वीडियो ग्रैब
फतेहपुर। बहुचर्चित पट्टीशाह गांव में कारोबारी की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या में 17 साल बाद फैसला आया है। कोर्ट ने दिवंगत पूर्व प्रधान के तीन पुत्रों समेत 12 दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या द्वितीय की न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 34-34 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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हथगाम थाने के पट्टीशाह निवासी शरीफ सेठ का मुंबई में बेकरी कारोबार है। इसी गांव के दिवंगत मज्जू मियां पूर्व प्रधान थे। पूर्व प्रधान के घर में कई दशकों से प्रधानी चली आने से राजनीतिक वर्चस्व भी कायम है। तत्कालीन बसपा सरकार में भी पैठ थी।
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मुंबई में अच्छा कारोबार बढ़ाने के बाद शरीफ सेठ का भी गांव में रसूख कायम होने लगा। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। वर्ष 2008 के आसपास मज्जू मियां के पुत्रों रियाज अतहर और शमशाद की हत्या कर दी गई। इसमें शरीफ सेठ के चार भाई समेत कुल 16 नामजद हुए। ये मुकदमा विचाराधीन है।
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इस मामले के आरोपियों की शरीफ और उसका मुंबई से लौटा करोबारी भाई नफीस अहमद पैरोकारी करते थे। यह पूर्व प्रधान को नगवार गुजरता था। 24 नवंबर 2009 की शाम करीब चार बजे शाहपुर से शरीफ सेठ भाई नफीस के साथ बुलेट से गांव लौट रहे थे।
इनके साथ गांव के अशोक और मुन्नू दूसरी बाइक में थे। शरीफ घर के पास पहुंचे थे। तभी हमलावरों ने दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पेट में गोली लगने से घायल होने के बाद शरीफ सेठ घर में जान बचाकर घुस गए थे। भाई नफीस बुलेट के नीचे दब गया। हमलावरों ने नफीस को पांच गोलियां मारीं। जिला अस्पताल में नफीस को डॉक्टर ने मृत घोषित किया था। कानपुर में शरीफ इलाज के बाद बचे थे।
इस हत्याकांड में नफीस की पत्नी सैयदा बेगम की ओर से पट्टीशाह गांव के पूर्व प्रधान मजहर हैदर उर्फ मज्जू मियां, इनके बेटे सलमान, सीमाब नकवी, सलमान, भांजे मसरूर, मोबीन, अमीन, गय्यूर, फरहान हैदर उर्फ बासू, भाई शाहिद रजा, चंद्रभूषण यादव, रमेश यादव खरगूपुर बरगला निवासी नसीम घोषी, रुकनुद्दीन, अकबरपुर चौराई निवासी तेग अली, सगीर, नरौली गांव के मो. हई, दंदवां के अख्तर हुसैन, सुल्तानपुर घोष गांव के असगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
साथ ही बंदूक, राइफल, तमंचे से फायरिंग का आरोप लगाया गया था। वारदात से पूरे गांव में दहशत फैल गई थी। मुकदमा के दौरान पूर्व प्रधान मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू मियां, अमीन, तेग अली, सगीर, चंद्रभूषण यादव, नसीम घोषी की मौत हो गई। अख्तर हुसैन के नाबालिग होने पर मामला जुवेनाइल कोर्ट में चला गया। कोर्ट में मामला विचाराधीन है। एक आरोपी का नाम जांच के दौरान प्रकाश में आया था।

पूरे मामले में 12 गवाहों ने गवाही दी। कोर्ट ने शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई की। प्रधान के पुत्र सलमान, सिकंदर, सीमाब नकवी, शाहिद रजा, भांजे मोबीन, गय्यूर, मसरूर, फरहान उर्फ बासू व साथियों में शामिल असगर, रुकनुद्दीन, रमेश चंद्र, मो. हई को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
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