फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   11 Morang traders who stole dump were nominated

डंप चुराने वाले 11 मौरंग कारोबारी हुए नामजद

Thu, 03 Dec 2020 10:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 10:53 PM IST
विज्ञापन
11 Morang traders who stole dump were nominated
खनन विभाग की ओर से सीज की गई 62 लाख की मौरंग चोरी किए जाने के मामले में खनन निदेशक के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। मौरंग डंप क्षेत्र के एक नेता के इशारे पर ही उठाए गए थे और बाद में पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन

पुलिस मामला दबाकर बैठ गई थी। खनन निदेशालय के सख्त रवैये पर कार्रवाई तेजी से बड़ी है। पुलिस ने आनन-फानन में 11 मौरंग कारोबारियों के नाम विवेचना में बढ़ाए हैं।
विज्ञापन

खनन और राजस्व विभाग की टीम ने अवैध मौरंग डंप की जांच के दौरान 6 अगस्त 2020 को लखनऊ मार्ग पर बेरागढ़ीवा और देवरी मोड़ पर रोड किनारे 27 डंप सीज किए थे।
सीज डंप पुलिस की सुपुर्दगी में थे। इसके बाद चोरी हो गए थे। सितंबर में डंप की नीलामी का कोई आवेदन नहीं पहुंचा तो मामले का खुलासा हुआ था। बीट सिपाही विजय मिश्रा की ओर से पुलिस ने 25 सितंबर को मौरंग चोरी की अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले के तूल पकड़ने पर जिला प्रशासन की किरकिरी हुई तो मामला खनन निदेशक तक पहुंचा। खनन निदेशालय ने डीएम संजीव सिंह को पत्र जारी कर 27 सितंबर को कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। डीएम के निर्देश पर जांच तेज हुई।
विवेचक प्रवीण चक्रवर्ती ने कामता सिंह पुत्र पूती सिंह, चंद्रबीर सिंह, सूर्यबीर सिंह पुत्र उदय बीर सिंह, सत्यम पुत्र दयाराम, शिव प्रसाद पुत्र शिवनंदन, श्यामवीर, भोला सिंह पुत्र जगरूप सिंह निवासी बेरागढ़ीवा, कैलाश पुत्र गया प्रसाद निवासी बड़ागांव, आकाश पटेल, विकास पटेल पुत्र गया प्रसाद निवासी कढ़ीवा मजरे बेरागढ़ीवा और मनोज पांडेय पुत्र राजेंद्र पांडेय निवासी सहनीपुर को प्रकाश में लाया है।
प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सहिं भदौरिया ने बताया कि अभी जांच जारी है और भी नामों का खुलासा हो सकता है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच में कुछ पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। मौरंग पुलिस की सुपुर्दगी से गायब हुई थी। पुलिस की ड्यूटी भी लगी रहती थी, इसके बाद भी मौरंग गायब होना सवाल पैदा करता है। ड्यूटी में लगाए जाने वाले पुलिस कर्मियों और तत्कालीन थानेदार भी जांच की आंच आ सकती है।

सीज डंप चोरी के बाद इसमें शामिल लोगों ने प्रतिपूर्ति की मशक्कत चालू की है। डंप से चोरी मौरंग को पूरा किया जाने लगा है। ऐसा करने के बाद मौरंग चुराने वालों के पास एक रास्ता खुल सकता है। वह दोबारा सीज डंप की नाप कराने की मांग कर सकते हैं। दोबारा नाप होने पर चोरी मौरंग की मात्रा उतनी ही निकल सकती है।
खनिज विभाग का इन डंपों की नीलामी कर सकता है। लेकिन चोरी के दर्ज मामले में पुलिस को बरामदगी दिखानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed