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Fatehpur News: जाम लगाकर पथराव करने पर 109 पर मुकदमा
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फतेहपुर। लाइनमैन की मौत के बाद राज्य मार्ग पर जाम लगाकर पथराव, बवाल के मामले में नौ नामजद व 100 अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
हथगाम थानाक्षेत्र के रगेहरा निवासी इंद्रसेन तीन सितंबर की रात साथी फागुन पासवान के साथ फाल्ट ठीक करने पट्टीशाह गया था। हाईटेंशन लाइन करंट की चपेट में आने से लाइनमैन इंद्रसेन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद उपकेंद्र पर हंगामा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अधिकारियों को बुलाने की मांग पर शव का अंतिम संस्कार रोक दिया था। प्रकरण में थानाध्यक्ष शैलेष सिंह की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में कहा गया है कि घटना की रात बवाल की सूचना पर पहुंचे थे। नाराज भीड़ शव लेकर हथगाम उपकेंद्र के गेट के सामने राज्य मार्ग पर पहुंची। रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।
भीड़ में शामिल लोग राहगीरों से बदसलूकी, धक्कामुक्की, गाली गलौज कर मारपीट पर आमादा हो गए। जान से मारने की धमकी दी। कई थानों का फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी। समझाने पर जाम लगाने वालों में चकशाह कबीरपुर निवासी अखिलेश कुमार, थरियांव थाने के धनाजीपुर निवासी राजेंद्र सिंह, रगेहरा निवासी अरुण कुमार, भूपेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, जितेंद्र कुमार, रोहित, पप्पू, पंकज कुमार व करीब 100 अन्य लोगों ने पुलिस बल से धक्का-मुक्की की। उपकेंद्र का गेट तोड़ने का प्रयास किया। अराजकतत्वों ने पथराव किया। राहगीर चोटिल हुए। अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पोस्टमार्टम के बाद पांच सितंबर को कुछ लोगों के बहकावे में परिजन शव को घर से उठाकर ट्रैक्टर ट्राली में रखकर उपकेंद्र रोड जाम करने जाने लगे। किसी तरह अंतिम संस्कार किया गया। सीओ प्रगति यादव ने बताया कि थानाध्यक्ष की तहरीर पर 109 ग्रमीणों के खिलाफ जाम लगाने, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, सेवन सीएलए समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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हथगाम थानाक्षेत्र के रगेहरा निवासी इंद्रसेन तीन सितंबर की रात साथी फागुन पासवान के साथ फाल्ट ठीक करने पट्टीशाह गया था। हाईटेंशन लाइन करंट की चपेट में आने से लाइनमैन इंद्रसेन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद उपकेंद्र पर हंगामा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अधिकारियों को बुलाने की मांग पर शव का अंतिम संस्कार रोक दिया था। प्रकरण में थानाध्यक्ष शैलेष सिंह की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में कहा गया है कि घटना की रात बवाल की सूचना पर पहुंचे थे। नाराज भीड़ शव लेकर हथगाम उपकेंद्र के गेट के सामने राज्य मार्ग पर पहुंची। रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।
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भीड़ में शामिल लोग राहगीरों से बदसलूकी, धक्कामुक्की, गाली गलौज कर मारपीट पर आमादा हो गए। जान से मारने की धमकी दी। कई थानों का फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी। समझाने पर जाम लगाने वालों में चकशाह कबीरपुर निवासी अखिलेश कुमार, थरियांव थाने के धनाजीपुर निवासी राजेंद्र सिंह, रगेहरा निवासी अरुण कुमार, भूपेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, जितेंद्र कुमार, रोहित, पप्पू, पंकज कुमार व करीब 100 अन्य लोगों ने पुलिस बल से धक्का-मुक्की की। उपकेंद्र का गेट तोड़ने का प्रयास किया। अराजकतत्वों ने पथराव किया। राहगीर चोटिल हुए। अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पोस्टमार्टम के बाद पांच सितंबर को कुछ लोगों के बहकावे में परिजन शव को घर से उठाकर ट्रैक्टर ट्राली में रखकर उपकेंद्र रोड जाम करने जाने लगे। किसी तरह अंतिम संस्कार किया गया। सीओ प्रगति यादव ने बताया कि थानाध्यक्ष की तहरीर पर 109 ग्रमीणों के खिलाफ जाम लगाने, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, सेवन सीएलए समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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