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बगैर क्लोरीन हो रही पेयजल आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Thu, 05 May 2016 12:15 AM IST
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पानी की किल्लत
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शहर के नलकूपों से बगैर क्लोरीन के पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जिले के लोग मीठा जहर पीने को मजबूर हैं। सदर पालिका क्षेत्र के तो अधिकतर नलकूपों में डोजर ही नहीं लगे हैं। कायमगंज में 400 टीडीएस युक्त पानी की सप्लाई हो रही है जो काफी हानिकारक हैं।
सदर पालिका क्षेत्र में 37 वार्ड हैं। इन वार्डों के मोहल्लों में पेयजल सप्लाई के लिए 44 नलकूप लगे हैं। इनमें से 40 नलकूप पालिका में बनाए गए आटोमोबाइजेशन प्रणाली से चल रहे हैं। चार नलकूप मैन्यूअल तरीके से चलाए जा रहे हैं।
मगर शहर क्षेत्र में क्रिश्चियन इंटर कालेज के पास लगे नलकूप, मोहल्ला गढ़ी कोहना, पटेलपार्क, गढ़ी नवाब न्यामत खां पश्चिम, लालदरवाजा के पास, आफीसर्स क्लब के बाहर, पुराने जिला अस्पताल परिसर में लगे नलकूपों पर डोजर ही नहीं लगे। पुराने जिला अस्पताल परिसर में लगे नलकूप पर तैनात आपरेटर रईस ने बताया कि दो दिन पहले क्लोरीन आई थी लेकिन डोजर न होने से वापस कर दी गई।
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पालिका सूत्रों की मानें तो अधिकतर नलकूपों में डोजर नहीं लगे हैं, और जहां लगे भी हैं वहां भी क्लोरीन का मिश्रण नहीं हो रहा है। इसके चलते बगैर क्लोरीन मिश्रण के ही पानी की सप्लाई शहरियों को की जा रही है। हालांकि हर साल पानी में मिलाने के लिए हजारों रुपये की क्लोरीन खरीदी जाती है लेकिन उसका मिश्रण नहीं होता है। हालांकि पालिका अफसरों का दावा है कि क्लोरीन का मिश्रण करवाया जा रहा है। मगर जिला प्रशासन इसकी जांच करवाए तो सच्चाई खुद ब खुद सामने आ जाएगी।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत में दो सरकारी नलकूप लगे हैं। यहां पानी की सप्लाई तो हो रही है लेकिन उसमें क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। डोजर खराब हो जाने से पानी में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। कई हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि नलकूपों में लगे डोजर खराब हैं। उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है। हैंडपंपों का रिबोर कराने के लिए जल निगम को पत्र लिखा गया है।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगला नान में लगा सरकारी नलकूप तकरीबन दो साल से खराब है। कसबे में सप्लाई होने वाले नगर पंचायत के नलकूपों में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। फैजबाग चौराहे पर लगे हैैंडपंप से पीला पानी निकल रहा रहा है। यहां के बबलू, अनिल, रोहिताश, कमलेश, पप्पू का कहना है कि वे कई बार हैंडपंप खराब होने की शिकायत तहसील दिवस में दे चुके हैं लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार गूजरपुर गहरवार में बनी पानी की टंकी से सप्लाई तो दी जा रही है। लेकिन पानी में ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं हो रहा है। ब्लीचिंग डालने वाली मशीन एक साल से खराब पड़ी है। दौलतियापुर निवासी दीपचंद्र का कहना है कि गांव में पाइपलाइन आज तक नहीं डाली गई है। यहां के लोग छोटे हैंडपंपों से निकल रहे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। टंकी की सफाई भी नहीं की गई है। हुसैनपुर राजपुर में बनी टंकी में ब्लीचिंग आज तक नहीं डाली गई।
उधर, अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता का कहना है कि नलकूपों से सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन का मिश्रण करवाया जा रहा है। अगर किसी कारणवश कहीं क्लोरीन का मिश्रण नहीं हो रहा है तो मिश्रण करवाया जाएगा। डोजरविहीन नलकूपों में डोजर लगवाए जाएंगे।
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सदर पालिका क्षेत्र में 37 वार्ड हैं। इन वार्डों के मोहल्लों में पेयजल सप्लाई के लिए 44 नलकूप लगे हैं। इनमें से 40 नलकूप पालिका में बनाए गए आटोमोबाइजेशन प्रणाली से चल रहे हैं। चार नलकूप मैन्यूअल तरीके से चलाए जा रहे हैं।
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मगर शहर क्षेत्र में क्रिश्चियन इंटर कालेज के पास लगे नलकूप, मोहल्ला गढ़ी कोहना, पटेलपार्क, गढ़ी नवाब न्यामत खां पश्चिम, लालदरवाजा के पास, आफीसर्स क्लब के बाहर, पुराने जिला अस्पताल परिसर में लगे नलकूपों पर डोजर ही नहीं लगे। पुराने जिला अस्पताल परिसर में लगे नलकूप पर तैनात आपरेटर रईस ने बताया कि दो दिन पहले क्लोरीन आई थी लेकिन डोजर न होने से वापस कर दी गई।
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पालिका सूत्रों की मानें तो अधिकतर नलकूपों में डोजर नहीं लगे हैं, और जहां लगे भी हैं वहां भी क्लोरीन का मिश्रण नहीं हो रहा है। इसके चलते बगैर क्लोरीन मिश्रण के ही पानी की सप्लाई शहरियों को की जा रही है। हालांकि हर साल पानी में मिलाने के लिए हजारों रुपये की क्लोरीन खरीदी जाती है लेकिन उसका मिश्रण नहीं होता है। हालांकि पालिका अफसरों का दावा है कि क्लोरीन का मिश्रण करवाया जा रहा है। मगर जिला प्रशासन इसकी जांच करवाए तो सच्चाई खुद ब खुद सामने आ जाएगी।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत में दो सरकारी नलकूप लगे हैं। यहां पानी की सप्लाई तो हो रही है लेकिन उसमें क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। डोजर खराब हो जाने से पानी में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। कई हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि नलकूपों में लगे डोजर खराब हैं। उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है। हैंडपंपों का रिबोर कराने के लिए जल निगम को पत्र लिखा गया है।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगला नान में लगा सरकारी नलकूप तकरीबन दो साल से खराब है। कसबे में सप्लाई होने वाले नगर पंचायत के नलकूपों में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। फैजबाग चौराहे पर लगे हैैंडपंप से पीला पानी निकल रहा रहा है। यहां के बबलू, अनिल, रोहिताश, कमलेश, पप्पू का कहना है कि वे कई बार हैंडपंप खराब होने की शिकायत तहसील दिवस में दे चुके हैं लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार गूजरपुर गहरवार में बनी पानी की टंकी से सप्लाई तो दी जा रही है। लेकिन पानी में ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं हो रहा है। ब्लीचिंग डालने वाली मशीन एक साल से खराब पड़ी है। दौलतियापुर निवासी दीपचंद्र का कहना है कि गांव में पाइपलाइन आज तक नहीं डाली गई है। यहां के लोग छोटे हैंडपंपों से निकल रहे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। टंकी की सफाई भी नहीं की गई है। हुसैनपुर राजपुर में बनी टंकी में ब्लीचिंग आज तक नहीं डाली गई।
उधर, अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता का कहना है कि नलकूपों से सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन का मिश्रण करवाया जा रहा है। अगर किसी कारणवश कहीं क्लोरीन का मिश्रण नहीं हो रहा है तो मिश्रण करवाया जाएगा। डोजरविहीन नलकूपों में डोजर लगवाए जाएंगे।