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Farrukhabad News: सभास्थल पर पहुंची भीड़ तो छोटा पड़ गया पंडाल
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फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री की सभा के लिए पंडाल में 7500 कुर्सियां डाली गई थीं। जब भीड़ पहुंची तो पंडाल छोटा पड़ गया। इससे बाहर भी काफी भीड़ रही।
6000 वर्ग मीटर में वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया था। वहीं, सभास्थल पर भीड़ जुटाने के लिए सभी ब्लॉकों में 174 बसें लगाई गई थीं। विकास भवन सभागार में कंट्रोल रूम बनाकर ब्लॉकवार कर्मचारी तैनात किए गए। वे बसों के नोडल अधिकारियों को फोन कर जानकारी लेते रहे। ब्लॉक बढ़पुर क्षेत्र में 38 बसें लगाई गईं। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में 30, कमालगंज क्षेत्र में 25, नवाबगंज क्षेत्र में 16, राजेपुर क्षेत्र में 34, कायमगंज में 16 व शमसाबाद क्षेत्र से ग्रामीणों को सभास्थल तक पहुंचाने के लिए 15 बसें लगाई गई थीं।
इसके अलावा शिक्षक, रसोइया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा व अन्य कर्मचारियों को बुलाया गया। अधिकांश कर्मचारी अपनी कार, बाइक व अन्य वाहनों से सभास्थल पहुंचे। लोगों को पंडाल के बाहर जहां जगह मिली, वहीं बैठकर या खड़े होकर मुख्यमंत्री का संबोधन सुना।
छात्र बोला- सर हम आपके साथ सेल्फी ले सकते हैं
फोटो- मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेता छात्र करन। स्रोत: पाठक
मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों से उनकी समस्याएं पूछ रहे थे। इसी बीच बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिरमौरा तराई निवासी इंटरमीडिएट का छात्र करन (17) भी मौजूद था। इस दौरान सभी के मोबाइल बंद करा दिए गए। मुख्यमंत्री के पास आने पर छात्र करन ने कहा कि सर हम आपके साथ एक सेल्फी ले सकते हैं। अनुमति मिलते ही छात्र काफी खुश हुआ और उसने अपने मोबाइल का स्विच ऑन किया और मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली। उसके चेहरे पर इतनी खुशी थी कि मानो उसने एक लक्ष्य हासिल कर लिया। मुख्यमंत्री ने भी छात्र का हौसला बढ़ाया।
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राशन न मिलने से मायूस दिखा बाढ़ पीड़ित
फोटो- राहत किट न मिलने से अपना दर्द बताते बाढ़ पीड़ित कमलेश।
मुख्यमंत्री को सुनने और उनके हाथ से राहत किट पाने के लिए सुबह से ही सभास्थल पर भीड़ पहुंचने लगी थी। मुख्यमंत्री ने भी पीड़ितों को राहत किट बांटी। इन्हीं लाभार्थियों में शामिल शमसाबाद क्षेत्र के गांव अजीजाबाद निवासी कमलेश कुमार लाइन में निराश खड़े थे। उन्होंने बताया कि प्रधान ने उन्हें राहत सामग्री दिलाने के लिए बुलाया था। वह सभास्थल पर सुबह आठ बजे ही आ गए। उनका लाभार्थियों की सूची में भी नाम है। इसके बावजूद उन्हें राहत सामग्री किट नहीं दी गई।
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6000 वर्ग मीटर में वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया था। वहीं, सभास्थल पर भीड़ जुटाने के लिए सभी ब्लॉकों में 174 बसें लगाई गई थीं। विकास भवन सभागार में कंट्रोल रूम बनाकर ब्लॉकवार कर्मचारी तैनात किए गए। वे बसों के नोडल अधिकारियों को फोन कर जानकारी लेते रहे। ब्लॉक बढ़पुर क्षेत्र में 38 बसें लगाई गईं। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में 30, कमालगंज क्षेत्र में 25, नवाबगंज क्षेत्र में 16, राजेपुर क्षेत्र में 34, कायमगंज में 16 व शमसाबाद क्षेत्र से ग्रामीणों को सभास्थल तक पहुंचाने के लिए 15 बसें लगाई गई थीं।
इसके अलावा शिक्षक, रसोइया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा व अन्य कर्मचारियों को बुलाया गया। अधिकांश कर्मचारी अपनी कार, बाइक व अन्य वाहनों से सभास्थल पहुंचे। लोगों को पंडाल के बाहर जहां जगह मिली, वहीं बैठकर या खड़े होकर मुख्यमंत्री का संबोधन सुना।
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छात्र बोला- सर हम आपके साथ सेल्फी ले सकते हैं
फोटो- मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेता छात्र करन। स्रोत: पाठक
मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों से उनकी समस्याएं पूछ रहे थे। इसी बीच बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिरमौरा तराई निवासी इंटरमीडिएट का छात्र करन (17) भी मौजूद था। इस दौरान सभी के मोबाइल बंद करा दिए गए। मुख्यमंत्री के पास आने पर छात्र करन ने कहा कि सर हम आपके साथ एक सेल्फी ले सकते हैं। अनुमति मिलते ही छात्र काफी खुश हुआ और उसने अपने मोबाइल का स्विच ऑन किया और मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली। उसके चेहरे पर इतनी खुशी थी कि मानो उसने एक लक्ष्य हासिल कर लिया। मुख्यमंत्री ने भी छात्र का हौसला बढ़ाया।
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राशन न मिलने से मायूस दिखा बाढ़ पीड़ित
फोटो- राहत किट न मिलने से अपना दर्द बताते बाढ़ पीड़ित कमलेश।
मुख्यमंत्री को सुनने और उनके हाथ से राहत किट पाने के लिए सुबह से ही सभास्थल पर भीड़ पहुंचने लगी थी। मुख्यमंत्री ने भी पीड़ितों को राहत किट बांटी। इन्हीं लाभार्थियों में शामिल शमसाबाद क्षेत्र के गांव अजीजाबाद निवासी कमलेश कुमार लाइन में निराश खड़े थे। उन्होंने बताया कि प्रधान ने उन्हें राहत सामग्री दिलाने के लिए बुलाया था। वह सभास्थल पर सुबह आठ बजे ही आ गए। उनका लाभार्थियों की सूची में भी नाम है। इसके बावजूद उन्हें राहत सामग्री किट नहीं दी गई।