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Farrukhabad News: सभी वार्ड फुल, इमरजेंसी के एक बेड पर दो-दो मरीज
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को भर्ती रिकॉर्ड 186 मरीजों में करीब 76 रोगी बुखार, खांसी, जुकाम से पीड़ित थे। वार्डों में बेड खाली न होने से इमरजेंसी महिला वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज करना पड़ा। मुख्य इमरजेंसी में भी करीब एक घंटे मरीज शिफ्ट नहीं होने से चार बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया गया। कुछ मरीजों का स्ट्रेचर पर ही इलाज मिला।
कागजों में 210 बेड वाले लोहिया अस्पताल में सोमवार दोपहर तक 186 मरीज भर्ती हुए। इमरजेंसी के 31 बेड पर 54 मरीज भर्ती किए गए। मेडिकल वार्ड में 76, सर्जिकल में छह, जीरियाट्रिक में नौ, ऑर्थो में 27 और एनआरसी में 14 मरीज भर्ती थे। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने किसी भी वार्ड में बेड न होने की बात कहकर मरीजों को शिफ्ट करना बंद कर दिया। लिहाजा महिला वार्ड में पड़े आठ बेड पर 16 मरीजों को लिटाया गया।
स्थिति यह हो गई कि महिला-पुरुष व पीडियाट्रिक वार्ड में पड़े 31 बेड पर 54 मरीजों को लिटाकर इलाज किया गया। इस दौरान इमरजेंसी में खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा दुर्घटना के मरीज आ गए। इससे चार बेड पर दो-दो और दो मरीजों का स्ट्रेचर पर ही इलाज करना पड़ा। दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक इमरजेंसी में कई बार प्रयास के बावजूद मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा सका। तीन बजे तक मरीज ऊपर के वार्ड में भेजने पर इमरजेंसी के बेड खाली हो सके।
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फोटो-13 डॉ. अवनीश अग्निहोत्री, फिजिशियन
बाहर का खाना छोड़ें, मच्छरदानी का करें प्रयोग
लोहिया अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अवनीश अग्निहोत्री ने बताया कि फिलहाल वायरल फीवर तेजी से चल रहा है। बारिश में जलभराव, रात में ठंडा और दिन में गर्मी से सर्दी लगकर बुखार आ रहा है। शुद्ध पानी पीना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में उबालकर ठंडा करके पानी पिएं। बुखार आने पर उसे चढ़ने न दें। मरीज अधिक आराम करे। इस समय हर हाल में मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में तुरंत पहुंचें।
फोटो-14 सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा।
आइसोलेशन वार्ड को कर देंगे चालू : सीएमएस
सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में बेड ओटी आदि के भी गिनती में होते हैं। मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जरूरत पड़ी तो वह आइसोलेशन के बेडों पर मरीजों को भर्ती करना शुरू कर देंगे। मरीजों की सहूलियत के लिए पूरा प्रयास करेंगे। इमरजेंसी में कुछ देर के लिए दिक्कत आई थी। इसे सुचारु किया जाएगा।
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कागजों में 210 बेड वाले लोहिया अस्पताल में सोमवार दोपहर तक 186 मरीज भर्ती हुए। इमरजेंसी के 31 बेड पर 54 मरीज भर्ती किए गए। मेडिकल वार्ड में 76, सर्जिकल में छह, जीरियाट्रिक में नौ, ऑर्थो में 27 और एनआरसी में 14 मरीज भर्ती थे। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ ने किसी भी वार्ड में बेड न होने की बात कहकर मरीजों को शिफ्ट करना बंद कर दिया। लिहाजा महिला वार्ड में पड़े आठ बेड पर 16 मरीजों को लिटाया गया।
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स्थिति यह हो गई कि महिला-पुरुष व पीडियाट्रिक वार्ड में पड़े 31 बेड पर 54 मरीजों को लिटाकर इलाज किया गया। इस दौरान इमरजेंसी में खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा दुर्घटना के मरीज आ गए। इससे चार बेड पर दो-दो और दो मरीजों का स्ट्रेचर पर ही इलाज करना पड़ा। दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक इमरजेंसी में कई बार प्रयास के बावजूद मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा सका। तीन बजे तक मरीज ऊपर के वार्ड में भेजने पर इमरजेंसी के बेड खाली हो सके।
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फोटो-13 डॉ. अवनीश अग्निहोत्री, फिजिशियन
बाहर का खाना छोड़ें, मच्छरदानी का करें प्रयोग
लोहिया अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अवनीश अग्निहोत्री ने बताया कि फिलहाल वायरल फीवर तेजी से चल रहा है। बारिश में जलभराव, रात में ठंडा और दिन में गर्मी से सर्दी लगकर बुखार आ रहा है। शुद्ध पानी पीना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में उबालकर ठंडा करके पानी पिएं। बुखार आने पर उसे चढ़ने न दें। मरीज अधिक आराम करे। इस समय हर हाल में मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में तुरंत पहुंचें।
फोटो-14 सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा।
आइसोलेशन वार्ड को कर देंगे चालू : सीएमएस
सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में बेड ओटी आदि के भी गिनती में होते हैं। मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जरूरत पड़ी तो वह आइसोलेशन के बेडों पर मरीजों को भर्ती करना शुरू कर देंगे। मरीजों की सहूलियत के लिए पूरा प्रयास करेंगे। इमरजेंसी में कुछ देर के लिए दिक्कत आई थी। इसे सुचारु किया जाएगा।