फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Water in roads and streets in Jithauli

Farrukhabad News: जिठौली में सड़कों और गलियों में पानी

Tue, 16 Sep 2025 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Tue, 16 Sep 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
Water in roads and streets in Jithauli
फोटो-20, जिठौली गांव में भरे बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद - फोटो : credit
फर्रुखाबाद। रामगंगा और गंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। कुतुलूपुर को जाने वाली सड़क कट जाने से ग्रामीण बाढ़ के पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। वहीं गलियों में कीचड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
विज्ञापन

सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 80,447 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 136.60 मीटर पर स्थिर है, जो चेतावनी बिंदु पर बना हुआ है। वहीं, रामगंगा का जलस्तर घटकर 135.95 मीटर पर आ गया है। खो, हरेली, रामनगर बैराज से 7,833 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन

दोनों नदियों में बाढ़ का पानी कम हो चुका है, लेकिन प्रभावित गांवों में अब भी पटरी पर नहीं आया है। कुतुलूपुर को जाने वाली सड़क कट जाने से बाढ़ के पानी है। मंझा की मड़ैया, कुंडरी सारंगपुर, माखन नगला, कलिका नगला, रामप्रसाद नगला, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर सहित कई गांवों में घरों व गलियों में कीचड़ जमा होने से लोग परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई में महीनों का समय लगेगा। बताया कि बाढ़ में हुए नुकसान का मुआवजा भी पूरा नहीं मिल पाता है।

समैचीपुर गांव में बेघर हो गए परिवार
शमसाबाद। गंगा की तेज धार से समैचीपुर गांव में कई ग्रामीणों के मकान कट जाने से लोग बेघर हो गए हैं। कोई परिवार पन्नी डालकर अस्थायी ठिकाने में गुजर-बसर कर रहा है, तो कुछ लोग धूप में छत के नाम पर खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।
ग्राम प्रधान पुत्र शिजवान ने बताया कि अब तक लगभग 20 ग्रामीणों के मकान गंगा की धारा में समा गए हैं। वहीं, लेखपाल पंकज सिंह ने कहा कि मकान कटने वाले सभी पीड़ितों की सूची तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। प्रशासन की ओर से शीघ्र ही सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अमृतपुर क्षेत्र में 50 से अधिक गांवों में चल रहीं नाव
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के लगभग 100 गांव 45 दिनों से बाढ़ के कहर से जूझते रहे। 10 अगस्त से अब तक करीब 100 गांव बाढ़ प्रभावित रहे, जिनमें से 79 गांवों में 24 हजार परिवारों को राहत सामग्री दी जा चुकी है।
गंगा-रामगंगा में आई बाढ़ का पानी कम हो गया है, इसके बावजूद अमृतपुर तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में अब भी नाव से आवागमन हो रहा है। गंगा का जलस्तर फिलहाल चेतावनी बिंदु पर बह रहा है।

एसडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी अधिकांश गांवों से निकल चुका है। फसल क्षति का सर्वे लेखपालों द्वारा कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होते ही किसानों को मुआवजा दिलवाया जाएगा। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed