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कायमगंज सीट से विधानसभा पहुंचेगा नया चेहरा

Tue, 08 Feb 2022 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 11:21 PM IST
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vidhan sabha
फर्रुखाबाद। विधानसभा क्षेत्र कायमगंज क्षेत्र से कोई नया चेहरा जीत दर्ज कर लखनऊ जाएगा। इस सीट से जितने भी प्रत्याशी मैदान में हैं, कोई अभी तक विधानसभा नहीं पहुंचा है। अब देखना यह है कि क्षेत्र की जनता किसे चुनकर विधायक बनाती है।
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जिले की चारों सीटों पर 42 प्रत्याशी मैदान में हैं। कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से सबसे कम सात प्रत्याशी चुनावी रण में हैं। भाजपा-अपना दल गठबंधन से डॉ. सुरभि चुनाव लड़ रही हैं। 2017 के चुनाव में डॉ. सुरभि सपा से चुनाव लड़कर हार गईं थीं। तब भाजपा से अमर सिंह खटीक 36,525 वोटों से जीते थे। वहीं सपा से इस बार सर्वेश आंबेडकर मैदान में हैं। वे पहले बसपा में थे। सर्वेश पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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कांग्रेस से शकुंतला देवी प्रत्याशी हैं। वे 2012 में कांग्रेस के टिकट से ही चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं थी। वहीं, बसपा से दुर्गा प्रसाद पहली बार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इसके अलावा निर्दलियों में प्रशांत कुमार, अरुण कुमार, लक्ष्मी चुनाव लड़ रही हैं।
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वर्ष 1957 में इस सीट पर पहला चुनाव हुआ था। यहां से कांग्रेस से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के भाई सुल्तान आलम खान चुनाव जीते थे। 1962 में पीएसपी से सियाराम विधायक बने तो 1967 में जनसंघ से जीसी तिवारी विधायक चुने गए। वर्ष 1969 में फिर कांग्रेस के सियाराम गंगवार ने सीट पर कब्जा जमाया। 1974 में निर्दलीय चुनाव लड़कर अनवर मोहम्मद विधायक बने। वर्ष 1977 में यह सीट जनता पार्टी के खाते में गई और गिरीश चंद्र तिवारी विधानसभा पहुंचे।
1980 में अनवर मोहम्मद ने जनता नेशनल पार्टी (जेएनपी) से जीत दर्ज कराई। 1985 में निर्दलीय राजेंद्र सिंह व 1989 में फकरेलाल वर्मा विधायक चुने गए। 1991 में जनता दल से इजहार आलम खान ने परचम लहराया। 1993 में इस सीट पर पहली बार सपा का कब्जा हुआ और प्रताप सिंह यादव विधानसभा पहुंचे। 1996 में भाजपा से चुनाव लड़कर सुशील शाक्य विधायक बने।
2002 में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं। उन्होंने भाजपा विधायक सुशील शाक्य को हराया था। 2007 में बसपा से कुलदीप गंगवार ने जीत दर्ज कराकर लुईस खुर्शीद को हराया था। वर्ष 2012 में मतदाताओं ने सपा को मौका दिया और सपा प्रत्याशी अजीत कुमार कठेरिया को विधानसभा पहुंचाया। 2017 के चुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में गई और अमर सिंह खटीक विधायक बने। उन्होंने सपा प्रत्याशी की डॉ. सुरभि को हराया था।

विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख 91 हजार 682 मतदाता हैं। इस क्षेत्र में 314 मतदान केंद्र व 469 मतदेय स्थल हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में 26 बूथों पर 50 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ था। इसमें प्राथमिक विद्यालय कटिया के बूथ नंबर 80 पर मात्र 36.39 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। जबकि तीन बूथों पर 40 से 45 फीसदी मतदान हुआ था। 24 बूथों पर 45 से 50 प्रतिशत वोटरों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस बार प्रशासन मतदाताओं को जागरूक करने के लिए पूरा जोर लगाए है।
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