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Farrukhabad News: साली के बेटे को मारकर बोरे में छिपाने के दोषी मौसा को 10 साल की सजा
Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
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फर्रुखाबाद। गैरइरादतन हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने सोमवार को दोषी मौसा संतोष कुमार को 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
संतोष ने अपनी साली के पांच साल के बेटे सुमित को मारकर शव बोरे में छिपा रखा था। संतोष की पत्नी ने उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी। यह घटना सितंबर 2020 में हुई थी। पांच अक्तूबर को अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था। अदालत ने 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खिमसेपुर निवासी सोनी ने अपने पति संतोष कुमार श्रीवास्तव पर बहन (साली) के बेटे की गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट 29 सितंबर 2020 को दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसकी बहन राधा अपने पति की हत्या में जेल में बंद है। राधा के दो बच्चे सुमित और सौम्या अपनी ननिहाल में रह रहे थे। बाद में अच्छी देखभाल के लिए वह बच्चों को अपने साथ खिमसेपुर ले आई थीं।
29 सितंबर 2020 की रात नशे की हालत में पति बच्चे सुमित (5) को परेशान कर रहा था। इसी दौरान गुस्सा आने पर उसने सुमित के सिर में डंडे से वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। आरोपी ने सुमित का शव एक बोरे में भरकर घर में छिपा दिया था।
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पति ने वारदात उजागर करने पर सोनी को अपने बच्चे की हत्या करने की भी धमकी दे दी थी। हालांकि बाद में मामला खुला तो पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर संतोष के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का आरोपपत्र दाखिल किया।
विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने गैरइरादतन हत्या और साक्ष्य मिटाने में दोषी पाते हुए संतोष को 10 साल कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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संतोष ने अपनी साली के पांच साल के बेटे सुमित को मारकर शव बोरे में छिपा रखा था। संतोष की पत्नी ने उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी। यह घटना सितंबर 2020 में हुई थी। पांच अक्तूबर को अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था। अदालत ने 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खिमसेपुर निवासी सोनी ने अपने पति संतोष कुमार श्रीवास्तव पर बहन (साली) के बेटे की गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट 29 सितंबर 2020 को दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसकी बहन राधा अपने पति की हत्या में जेल में बंद है। राधा के दो बच्चे सुमित और सौम्या अपनी ननिहाल में रह रहे थे। बाद में अच्छी देखभाल के लिए वह बच्चों को अपने साथ खिमसेपुर ले आई थीं।
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29 सितंबर 2020 की रात नशे की हालत में पति बच्चे सुमित (5) को परेशान कर रहा था। इसी दौरान गुस्सा आने पर उसने सुमित के सिर में डंडे से वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। आरोपी ने सुमित का शव एक बोरे में भरकर घर में छिपा दिया था।
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पति ने वारदात उजागर करने पर सोनी को अपने बच्चे की हत्या करने की भी धमकी दे दी थी। हालांकि बाद में मामला खुला तो पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर संतोष के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का आरोपपत्र दाखिल किया।
विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने गैरइरादतन हत्या और साक्ष्य मिटाने में दोषी पाते हुए संतोष को 10 साल कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत से आरोपी को जेल भेज दिया गया।