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विवेचना में सपा जिलाध्यक्ष से हटाईं दो गंभीर धाराएं
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फर्रुखाबाद। शमसाबाद की महिला से मारपीट और अभद्रता के मामले में विवेचना अधिकारी ने सपा जिलाध्यक्ष को जानलेवा हमले और लज्जाभंग से बरी कर दिया है। कोर्ट में दाखिल किए आरोपपत्र में विवेचना अधिकारी ने दोनों गंभीर धाराएं हटा दी हैं। जिले में चर्चित रहे मामले में आरोपत्र दाखिल होने की जानकारी सीओ को नहीं है।
सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी और शमीम शमसाबाद में प्लाटिंग का काम करते हैं। आरोप है कि कब्जे की नियत से जिलाध्यक्ष ने साथियों के साथ 28 अक्तूबर 2020 को एक महिला के मकान पर धावा बोला और उसके साथ अभद्रता की थी। थाने में सुनवाई न होने पर महिला ने 29 अक्तूबर को एसपी से शिकायत की। एसपी के आदेश पर 31 अक्तूबर को शमसाबाद थाने में नदीम अहमद फारूकी, शमीम, रजी, रबी, मेराज, धर्मेंद्र, जिलाध्यक्ष के गार्ड नन्हें मियां और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें बलवा, जानलेवा हमला, कपड़े फाड़कर लज्जाभंग करने आदि धाराएं लगाई गईं थीं। जिलाध्यक्ष को जेल भेजा गया था, अब वह जमानत पर हैं।
मामले की विवेचना दरोगा विषय देव बुंदेला को सौंपी गई थी। उनका जीआरपी में स्थानांतरण हो गया। इसके बाद विवेचना दरोगा अच्छेलाल पाल को दी गई। विवेचना अधिकारी ने 307 और 354 धाराओं को हटा दिया। वह दो अज्ञात आरोपियों का भी पता नहीं लगा सके। चार्जशीट अदालत में पेश कर दी है। उधर, दो धाराएं हटाने की जानकारी के बाद पीड़िता उच्चाधिकारियों के संपर्क में जाने की बात कह रही है।
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चार्जशीट में धाराएं हटाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में वादी ने कोई शिकायत नहीं की है। यदि पीड़िता की शिकायत आती है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। -सोहराब आलम, सीओ कायमगंज।
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सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी और शमीम शमसाबाद में प्लाटिंग का काम करते हैं। आरोप है कि कब्जे की नियत से जिलाध्यक्ष ने साथियों के साथ 28 अक्तूबर 2020 को एक महिला के मकान पर धावा बोला और उसके साथ अभद्रता की थी। थाने में सुनवाई न होने पर महिला ने 29 अक्तूबर को एसपी से शिकायत की। एसपी के आदेश पर 31 अक्तूबर को शमसाबाद थाने में नदीम अहमद फारूकी, शमीम, रजी, रबी, मेराज, धर्मेंद्र, जिलाध्यक्ष के गार्ड नन्हें मियां और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें बलवा, जानलेवा हमला, कपड़े फाड़कर लज्जाभंग करने आदि धाराएं लगाई गईं थीं। जिलाध्यक्ष को जेल भेजा गया था, अब वह जमानत पर हैं।
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मामले की विवेचना दरोगा विषय देव बुंदेला को सौंपी गई थी। उनका जीआरपी में स्थानांतरण हो गया। इसके बाद विवेचना दरोगा अच्छेलाल पाल को दी गई। विवेचना अधिकारी ने 307 और 354 धाराओं को हटा दिया। वह दो अज्ञात आरोपियों का भी पता नहीं लगा सके। चार्जशीट अदालत में पेश कर दी है। उधर, दो धाराएं हटाने की जानकारी के बाद पीड़िता उच्चाधिकारियों के संपर्क में जाने की बात कह रही है।
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चार्जशीट में धाराएं हटाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में वादी ने कोई शिकायत नहीं की है। यदि पीड़िता की शिकायत आती है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। -सोहराब आलम, सीओ कायमगंज।