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Farrukhabad News: समैचीपुर चितार में दो और मकान गंगा में कटे
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शमसाबाद। गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट के साथ कटान ने तेजी पकड़ ली। शुक्रवार रात से गांव समैचीपुर चितार में दो और मकान गंगा की धार में समा गए। अब तक 75 परिवार बेघर हो चुके हैं। गंगा में कटे मकानों में 50 पक्के और 25 झोपड़ियां शामिल हैं।
बाढ़ क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार के लोगों में गंगा के कटान से दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार शाम कमरुल के मकान का कुछ हिस्सा गंगा की धार में समा गया था, जबकि रात में पूरा मकान बह गया। आरिफ का कुछ दिन पहले बचा अधूरा हिस्सा भी कट गया। शनिवार को इन दोनों ही मकानों के स्थान पर अथाह गंगा का जल बहने लगा।
शनिवार दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में मामूली कमी आई। इसी के साथ कटान की गति तेजी से बढ़ गई। ग्रामीणों के अनुसार गंगा में कटान शुरू होने के बाद से अब तक 50 पक्के मकान और 25 झोपड़ीनुमा मकान बह चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। बचे हुए मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान ताराबानो के पुत्र शिजवान ने बताया कि ग्रामीण मकानों को खाली करने में लगे हैं। कायमगंज के उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा ने बताया कि लेखपाल से मिली सूची में 42 पक्के मकान और 16 झोपड़ियां गंगा में कटने की बात है। ग्रामीण 50 मकान और 25 झोपड़ियां बता रहे हैं, इसकी जानकारी की जाएगी। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगा।
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बाढ़ क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार के लोगों में गंगा के कटान से दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार शाम कमरुल के मकान का कुछ हिस्सा गंगा की धार में समा गया था, जबकि रात में पूरा मकान बह गया। आरिफ का कुछ दिन पहले बचा अधूरा हिस्सा भी कट गया। शनिवार को इन दोनों ही मकानों के स्थान पर अथाह गंगा का जल बहने लगा।
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शनिवार दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में मामूली कमी आई। इसी के साथ कटान की गति तेजी से बढ़ गई। ग्रामीणों के अनुसार गंगा में कटान शुरू होने के बाद से अब तक 50 पक्के मकान और 25 झोपड़ीनुमा मकान बह चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। बचे हुए मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान ताराबानो के पुत्र शिजवान ने बताया कि ग्रामीण मकानों को खाली करने में लगे हैं। कायमगंज के उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा ने बताया कि लेखपाल से मिली सूची में 42 पक्के मकान और 16 झोपड़ियां गंगा में कटने की बात है। ग्रामीण 50 मकान और 25 झोपड़ियां बता रहे हैं, इसकी जानकारी की जाएगी। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगा।