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Farrukhabad News: खिलौना के भाई की हत्या में दो भाइयों पर दोषसिद्ध
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फर्रुखाबाद। डेयरी वालों के भाई की हत्या में कोर्ट ने दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। महिला सहित दो आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। दोषियों को 23 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। सजा सुनाए जाने े बाद एक आरोपी की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शहर कोतवाली के मोहल्ला बागकूंचा निवासी रामखिलावन उर्फ खिलौना ने जनपद शाहजहांपुर कोतवाली सदर आवास विकास कॉलोनी निवासी रामकिशोर, मोहल्ला सुभाष नगर निवासी भाई सुखवीर सिंह, हरदोई थाना अरवल निवासी अमर सिंह, देवी के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली मेें 13 अप्रैल 1986 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि वह डेयरी चलाते हैं। रामकिशोर व उसका भाई सुखवीर फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला जाफरी में लाल सिंह के मकान में किराए पर रहते थे।
दोनों ने रामखिलावन के भाई रामदास उर्फ भूरा से 35 हजार रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था। रुपये उधार कर दिए थे। उधारी के रुपये मांगने पर दोनों भाई रंजिश मानने लगे। 13 अप्रैल की सुबह भाई रामदास उर्फ भूरा लाइसेंसी राइफल लेकर रामकिशोर के घर जाने की बात कहकर चले गए। रामखिलावन भी अन्य लोगों को लेकर सुबह छह बजे रामकिशोर के घर जाफरी गए। वहां देखा कि रामकिशोर, सुखवीर सिंह, अमर सिंह व देवी ने भाई रामदास उर्फ भूरा की चाकू से प्रहार कर व गोली मारकर हत्या कर दी है।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी अमर सिंह व देवी की मौत हो गई। शनिवार को एंटी डकैती न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी रामकिशोर व उसके भाई सुखवीर को दोषी करार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से वकील कृष्ण कुमार, भानू मिश्रा, संजीव मिश्रा ने दलीलें दी। सजा के बाद राम किशोर की हालत बिगड़ गई।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला बागकूंचा निवासी रामखिलावन उर्फ खिलौना ने जनपद शाहजहांपुर कोतवाली सदर आवास विकास कॉलोनी निवासी रामकिशोर, मोहल्ला सुभाष नगर निवासी भाई सुखवीर सिंह, हरदोई थाना अरवल निवासी अमर सिंह, देवी के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली मेें 13 अप्रैल 1986 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि वह डेयरी चलाते हैं। रामकिशोर व उसका भाई सुखवीर फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला जाफरी में लाल सिंह के मकान में किराए पर रहते थे।
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दोनों ने रामखिलावन के भाई रामदास उर्फ भूरा से 35 हजार रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था। रुपये उधार कर दिए थे। उधारी के रुपये मांगने पर दोनों भाई रंजिश मानने लगे। 13 अप्रैल की सुबह भाई रामदास उर्फ भूरा लाइसेंसी राइफल लेकर रामकिशोर के घर जाने की बात कहकर चले गए। रामखिलावन भी अन्य लोगों को लेकर सुबह छह बजे रामकिशोर के घर जाफरी गए। वहां देखा कि रामकिशोर, सुखवीर सिंह, अमर सिंह व देवी ने भाई रामदास उर्फ भूरा की चाकू से प्रहार कर व गोली मारकर हत्या कर दी है।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी अमर सिंह व देवी की मौत हो गई। शनिवार को एंटी डकैती न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी रामकिशोर व उसके भाई सुखवीर को दोषी करार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से वकील कृष्ण कुमार, भानू मिश्रा, संजीव मिश्रा ने दलीलें दी। सजा के बाद राम किशोर की हालत बिगड़ गई।