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Farrukhabad News: बाढ़ और बारिश से नर्सरी के ढाई लाख पौधे बर्बाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जिले में आई बाढ़ और बारिश ने भविष्य की हरियाली पर ग्रहण लगा दिया है। तीन-तीन फीट जलभराव से नर्सरी में पल रहे करीब 3.50 लाख पौधे बर्बाद हो गए हैं। इससे आने वाले दिनों में होने वाले पौधारोपण पर भी बुरा असर पड़ना तय माना जा रहा है। सबसे अधिक नुकसान आठ नर्सरियों में हुआ है।
जिले में इन दिनों गंगा विकराल रूप दिखा रही हैं। करीब 13 दिन से बाढ़ का पानी खेतों और खाली जमीनों में भरा है। बाढ़ ने वन विभाग के साथ पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। फर्रुखाबाद रेंज के चित्रकूट गांव के पास गौटिया और कटरी धर्मपुर स्थित पौधशालाओं में तीन-तीन फीट से अधिक ऊंचा पानी भरा है। अधिकांश पौधे बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। गौटिया पौधशाला में 80 हजार और कटरी धर्मपुर में 50 हजार पौधे पलने की बात कही जा रही है।
इसके अलावा बारिश से हथियापुर, सिंधौली व सिरोली पौध शालाओं में करीब 50-50 हजार पौधों में जलभराव है। इनमें भी अधिकांश पौधों के गलने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा कायमगंज रेंज की गुटैटी दक्षिण की चार और बौरा बंगश की दो पौधशालाएं पूरी तरह से बाढ़ के पानी से डूबी हुई हैं। कुछ पौधशालाओं से पानी हटने की बात कही जा रही है। फिर भी करीब एक लाख पौधों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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पौधों की संख्या बताने से बच रहे कायमगंज रेंजर
वन क्षेत्राधिकारी कायमगंज राजेश कुमार के पास किस नंबर की नर्सरी में कितने पौधे थे, और कितनों का पौधारोपण हो चुका, इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी वह कुछ भी नहीं बता सकते। इससे साफ है कि नर्सरी में उगाए जा रहे पौधों का भी लेखाजोखा हवा हवाई चल रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर पौधारोपण होगा प्रभावित -
प्रदेश सरकार ने 22 जुलाई और 15 अगस्त को अभियान के तहत पौधारोपण करने के निर्देश दिए हैं। 22 जुलाई को पौधे लगाए गए, मगर अब 15 अगस्त को बाढ़ में नर्सरी और पौधारोपण के स्थल डूबने से पौधारोपण प्रभावित होगा। बताया जाता है कि गंगा में पानी कम होने के बाद भी करीब 15 दिन में सामान्य हालात हो सकेंगे।
60 हेक्टेयर में लगे पौधों में जलभराव
फर्रुखाबाद रेंज की कटरी भोजपुर, शेरपुर सराय और कटरी सुंदरपुर में करीब 60 हेक्टेयर में पौधारोपण का काम पूरा कर लिया था। इन पौधारोपण स्थलों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अधिक दिन तक जलभराव रहने से काफी पौधारोपण फेल होने की आशंका जताई जा रही है।
-फर्रुखाबाद रेंज की दो नर्सरी में अधिक पानी है। कायमगंज की गुटैटी दक्षिण की कुछ नर्सरी से पानी निकलने की बात कही जा रही है। कुछ प्रजातियों के पौधे कई-कई दिन पानी भरे रहने पर भी नहीं मरते। अब पानी निकलने के बाद ही सही आंकड़ा पता चल सकेगा। हालांकि नुकसान होना तो तय है।
-रामसुरेश यादव, डीएफओ वन विभाग
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फर्रुखाबाद। जिले में आई बाढ़ और बारिश ने भविष्य की हरियाली पर ग्रहण लगा दिया है। तीन-तीन फीट जलभराव से नर्सरी में पल रहे करीब 3.50 लाख पौधे बर्बाद हो गए हैं। इससे आने वाले दिनों में होने वाले पौधारोपण पर भी बुरा असर पड़ना तय माना जा रहा है। सबसे अधिक नुकसान आठ नर्सरियों में हुआ है।
जिले में इन दिनों गंगा विकराल रूप दिखा रही हैं। करीब 13 दिन से बाढ़ का पानी खेतों और खाली जमीनों में भरा है। बाढ़ ने वन विभाग के साथ पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। फर्रुखाबाद रेंज के चित्रकूट गांव के पास गौटिया और कटरी धर्मपुर स्थित पौधशालाओं में तीन-तीन फीट से अधिक ऊंचा पानी भरा है। अधिकांश पौधे बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। गौटिया पौधशाला में 80 हजार और कटरी धर्मपुर में 50 हजार पौधे पलने की बात कही जा रही है।
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इसके अलावा बारिश से हथियापुर, सिंधौली व सिरोली पौध शालाओं में करीब 50-50 हजार पौधों में जलभराव है। इनमें भी अधिकांश पौधों के गलने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा कायमगंज रेंज की गुटैटी दक्षिण की चार और बौरा बंगश की दो पौधशालाएं पूरी तरह से बाढ़ के पानी से डूबी हुई हैं। कुछ पौधशालाओं से पानी हटने की बात कही जा रही है। फिर भी करीब एक लाख पौधों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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पौधों की संख्या बताने से बच रहे कायमगंज रेंजर
वन क्षेत्राधिकारी कायमगंज राजेश कुमार के पास किस नंबर की नर्सरी में कितने पौधे थे, और कितनों का पौधारोपण हो चुका, इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी वह कुछ भी नहीं बता सकते। इससे साफ है कि नर्सरी में उगाए जा रहे पौधों का भी लेखाजोखा हवा हवाई चल रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर पौधारोपण होगा प्रभावित -
प्रदेश सरकार ने 22 जुलाई और 15 अगस्त को अभियान के तहत पौधारोपण करने के निर्देश दिए हैं। 22 जुलाई को पौधे लगाए गए, मगर अब 15 अगस्त को बाढ़ में नर्सरी और पौधारोपण के स्थल डूबने से पौधारोपण प्रभावित होगा। बताया जाता है कि गंगा में पानी कम होने के बाद भी करीब 15 दिन में सामान्य हालात हो सकेंगे।
60 हेक्टेयर में लगे पौधों में जलभराव
फर्रुखाबाद रेंज की कटरी भोजपुर, शेरपुर सराय और कटरी सुंदरपुर में करीब 60 हेक्टेयर में पौधारोपण का काम पूरा कर लिया था। इन पौधारोपण स्थलों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अधिक दिन तक जलभराव रहने से काफी पौधारोपण फेल होने की आशंका जताई जा रही है।
-फर्रुखाबाद रेंज की दो नर्सरी में अधिक पानी है। कायमगंज की गुटैटी दक्षिण की कुछ नर्सरी से पानी निकलने की बात कही जा रही है। कुछ प्रजातियों के पौधे कई-कई दिन पानी भरे रहने पर भी नहीं मरते। अब पानी निकलने के बाद ही सही आंकड़ा पता चल सकेगा। हालांकि नुकसान होना तो तय है।
-रामसुरेश यादव, डीएफओ वन विभाग