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Farrukhabad News: जाम ने छीना अस्पताल का रास्ता, मां ने ई-रिक्शे पर बच्ची को दिया जीवन
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फोटो-31,सीएचसी गेट पर ई रिक्शा में जच्चा बच्चा को संभालती महिलाएं,संवाद
कायमगंज। तहसील रोड पर रोजाना लगने वाला जाम इस कदर भयानक हो गया कि सोमवार को एक गर्भवती महिला की जान जोखिम में पड़ गई। पितौरा की रहने वाली चांदनी जो अपने गर्भ में जीवन लेकर अस्पताल जा रही थी, जाम में फंसकर ई-रिक्शा में ही बेटी को जन्म देने के लिए मजबूर हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के गेट से कुछ कदम पहले हुई इस घटना ने प्रशासन और यातायात पुलिस की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांव पितौरा निवासी रोहित की पत्नी चांदनी को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। आशा कार्यकर्ता कामिनी और कुछ महिलाएं उन्हें ई-रिक्शा से सीएचसी ला रही थीं। जैसे ही ई-रिक्शा तहसील रोड पर पहुंचा, अस्पताल रोड पर लंबे जाम में फंस गया। दर्द से कराहती चांदनी को समय पर अस्पताल पहुंचाने की कोशिशें बेकार साबित हो रही थीं।
स्थानीय लोगों की मदद से ई-रिक्शा को किसी तरह जाम से निकालकर अस्पताल की ओर बढ़ाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूता की हालत नाजुक हो गई। आशा कार्यकर्ता और महिलाओं ने ई-रिक्शा में ही प्रसव कराया। चांदनी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दोनों को वार्ड में भर्ती किया गया। यहां दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
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चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि प्रसूता को प्रसव पीड़ा के समय जाम के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। बच्ची और मां दोनों स्वस्थ हैं। जाम बड़ी समस्या बन रहा है। देरी होने से मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
आए दिन लगने वाले जाम से राहगीर परेशान
राहगीरों ने नाराजगी जताते हुए कहा, तहसील रोड पर रोजाना घंटों जाम लगता है। पुलिस चौकी से लेकर जामा मस्जिद तक खड़ी बाइकों और सब्जी के ठेलों से राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है। मुंसिफ कोर्ट के बाहर का इलाका स्थायी पार्किंग में तब्दील हो चुका है। पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती। लोगों का कहना है कि अगर जाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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गांव पितौरा निवासी रोहित की पत्नी चांदनी को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। आशा कार्यकर्ता कामिनी और कुछ महिलाएं उन्हें ई-रिक्शा से सीएचसी ला रही थीं। जैसे ही ई-रिक्शा तहसील रोड पर पहुंचा, अस्पताल रोड पर लंबे जाम में फंस गया। दर्द से कराहती चांदनी को समय पर अस्पताल पहुंचाने की कोशिशें बेकार साबित हो रही थीं।
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स्थानीय लोगों की मदद से ई-रिक्शा को किसी तरह जाम से निकालकर अस्पताल की ओर बढ़ाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूता की हालत नाजुक हो गई। आशा कार्यकर्ता और महिलाओं ने ई-रिक्शा में ही प्रसव कराया। चांदनी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दोनों को वार्ड में भर्ती किया गया। यहां दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
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चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि प्रसूता को प्रसव पीड़ा के समय जाम के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। बच्ची और मां दोनों स्वस्थ हैं। जाम बड़ी समस्या बन रहा है। देरी होने से मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
आए दिन लगने वाले जाम से राहगीर परेशान
राहगीरों ने नाराजगी जताते हुए कहा, तहसील रोड पर रोजाना घंटों जाम लगता है। पुलिस चौकी से लेकर जामा मस्जिद तक खड़ी बाइकों और सब्जी के ठेलों से राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है। मुंसिफ कोर्ट के बाहर का इलाका स्थायी पार्किंग में तब्दील हो चुका है। पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती। लोगों का कहना है कि अगर जाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।