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टार्च की रोशनी में होता है प्रसव

Mon, 11 May 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 11 May 2015 11:42 PM IST
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Torch is lit delivery
लोहिया अस्पताल में बिजली जाने पर जनरेटर नहीं चलता है। इससे भीषण गर्मी
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में मरीज बिलबिला रहे हैँ। टार्च की रोशनी में प्रसव कराया जाता है। इंजेक्शन भी टार्च अथवा मोबाइल लाइट के सहारे लगता है। यह स्थिति रोज की है। इसके बाद भी अस्पताल के  महिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक इनवरर्टर लगे होने का दावा करती हैं, जबकि पुरुष अस्पताल के सीएमएस को जनरेटर न चलने के बारे में जानकारी ही नहीं है।

लोहिया अस्पताल की महिला विंग के लिए जनरेटर तो है लेकिन चलता नहीं है। इसके लिए आपरेटर की तैनाती ही नहीं है। बिजली जाने पर यहां भर्ती प्रसूताएं बेहाल रहती हैं। लेबर रूम में भी अंधेरा हो जाता है। इससे टार्च की रोशनी में प्रसव होते हैं। टार्च व मोमबत्ती की रोशनी में टांके भी लगा दिए जाते हैं। अंधेरे में प्रसव से जच्चा व बच्चा के लिए जान का खतरा बना रहता है। बिना बिजली के जच्चा और बच्चा दोनों गर्मी से परेशान रहते हैं। इस बदइंतजामी से लेबर रूम का स्टाफ भी

परेशान है। स्टाफ का कहना है कि बिजली न होने पर कुछ भी दिखाई नहीं देता है। ऐसे में टार्च और मोमबत्ती के सहारे ही प्रसव कराया जाता है। टांके लगा दिए जाते हैं। बिजली की ज्यादा कटौती से  इन्वर्टर डिस्चार्ज हो जाते हैं। स्टाफ का कहना है कि कुछ दिन पहले टार्च चोरी हो गई थी, तब मोमबत्ती की रोशनी सहारा बनी थी। बाद में नई टार्च खरीदनी पड़ी।

पुरुष विंग का भी हाल बेहाल
पुरुष विंग के लिए भी जनरेटर है लेकिन बिजली न होने पर इसे चलाया नहीं जाता है। रात के समय वार्डों में अंधेरा रहता है। पंखे न चलने से मरीज पसीना-पसीना रहते हैं। इनके तीमारदारों को पंखा झलना पड़ता है। रात को मरीज गर्मी से राहत पाने के लिए बरामदे में सो जाते हैं। तीमारदारों का कहना है कि वह अपने पैसे से मोमबत्ती खरीदकर वार्ड में रोशनी करते हैं।

झलते रहते पंखा, जलाते मोमबत्ती
महिला अस्पताल में भर्ती कायमगंज कोतवाली के गांव शाहआलमपुर निवासी पूनम के पति महिपाल सिंह ने बताया कि बिजली जाने के बाद वह लोग मरीज पर पंखा झलते हैं। 9 मई को अपने मरीज को लेकर आए थे। लोहिया पुरुष अस्पताल में भर्ती जिला शाहजहांपुर के गांव रावतपुर निवासी आकाश पुत्र संतोष बच्चों के वार्ड में भर्ती है। उसकी मां रेनू ने उसे 9

मई को भर्ती कराया था। रेनू ने बताया कि जब से वह आई है, मुश्किल में हैं।   बिजली जाने के बाद वार्ड में अंधेरा हो जाता है। वह लोग खुद बाजार से मोमबत्ती खरीदकर रोशनी करती हैं। मऊदरवाजा थाना इलाके के हैवतपुर गढ़िया निवासी मोहम्मद रियाज पुत्र शमशुद्दीन को उसकी मां शायरा ने बीते दिनों अस्पताल में भर्ती कराया था। इनका कहना था कि बिजली की समस्या तो है ही, पानी भी बाहर से लाना होता है।

वर्जन
जनरेटर तो है लेकिन आपरेटर नहीं है। इससे जनरेटर  नहीं चल पाता है। इधर-उधर से व्यवस्था कर जनरेटर को चलाया जाता है। लेबर रूम में इन्वर्टर लगाया गया है। कमरों में भी इन्वर्टर से सीएफएल का प्वाइंट दे रखा है। फिर भी इस समस्या को देखेंगी।-डा. सरोजबाला, सीएमएस महिला अस्पताल

जनरेटर चलाया जाता है। रात में जनरेटर नहीं चलता इसकी जानकारी की जाएगी।-डा. रतन कुमार, सीएमएस लोहिया पुरुष अस्पताल
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