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अवैध रूप से चल रहे तीन निजी अस्पताल सील
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मसेनी स्थित अवैध नर्सिंग होम से मरीज को स्टेचर से एंबुलेंस तक ले जाते परिजन। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। मसेनी चौराहे के निकट अवैध रूप से चल रहे तीन प्राइवेट अस्पताल गुरुवार शाम सील कर दिए गए। दो अस्पतालों में भर्ती मरीजों को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भिजवाया गया, जबकि एक अस्पताल से मरीज पहले ही हटा दिए गए थे। महिला मरीज को मरणासन्न हालत में पहुंचाने के बाद अखबारों की सुर्खियां बनने पर स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की है।
शहर के मसेनी चौराहे के निकट बिना पंजीकरण के झोलाछाप 24 से अधिक अस्पताल चला रहे हैं। ये मरीजों का आपरेशन कर मौत के करीब पहुंचाने के साथ उनसे मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। यह सब खेल स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। बुधवार को बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पताल में मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बाबरपुर निवासी आदेश की पत्नी संध्या (21) का आपरेशन से प्रसव कराया गया। कुछ देर बाद तबियत खराब होने पर महिला का दूसरा आपरेशन कर उसकी बच्चेदानी भी निकाल दी गई। परिजनों से 80 हजार रुपये भी जमा कराए गए।
इसके बाद महिला को मरणासन्न हालत में छोड़कर अस्पताल कर्मी खिसक गए थे। बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आए तो परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद मारपीट और तोड़फोड़ भी हुई थी। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यह मामला अखबारों की सुर्खियां बनने पर स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और गुरुवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने टीम के साथ मसेनी चौराहे पर स्थित अवैध अस्पतालों पर छापा मारा।
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सबसे पहले बिना पंजीकरण चल रहे सोम हास्पिटल को सील किया गया। यहां मौके पर एक भी मरीज नहीं मिला। पहले ही मरीजों को हटा दिया गया था। इसके बाद टीम कुबेर पॉलीक्लीनिक पहुंची। यहां भर्ती दो मरीजों को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया और अस्पताल सील कर दिया गया। इसके बाद टीम द लाइफ केयर हास्पिटल पहुंची। यहां भी दो गंभीर मरीज भर्ती मिले। उन्हें भी एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भिजवाकर अस्पताल सील कर दिया गया। अभियान में डिप्टी सीएमओ के साथ अभिषेक मिश्रा, रामनाथ, कर्मवीर, रवि, श्यामबहादुर, सौरभ भी शामिल रहे।
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शहर के मसेनी चौराहे के निकट बिना पंजीकरण के झोलाछाप 24 से अधिक अस्पताल चला रहे हैं। ये मरीजों का आपरेशन कर मौत के करीब पहुंचाने के साथ उनसे मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। यह सब खेल स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। बुधवार को बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पताल में मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बाबरपुर निवासी आदेश की पत्नी संध्या (21) का आपरेशन से प्रसव कराया गया। कुछ देर बाद तबियत खराब होने पर महिला का दूसरा आपरेशन कर उसकी बच्चेदानी भी निकाल दी गई। परिजनों से 80 हजार रुपये भी जमा कराए गए।
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इसके बाद महिला को मरणासन्न हालत में छोड़कर अस्पताल कर्मी खिसक गए थे। बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आए तो परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद मारपीट और तोड़फोड़ भी हुई थी। परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यह मामला अखबारों की सुर्खियां बनने पर स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और गुरुवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने टीम के साथ मसेनी चौराहे पर स्थित अवैध अस्पतालों पर छापा मारा।
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सबसे पहले बिना पंजीकरण चल रहे सोम हास्पिटल को सील किया गया। यहां मौके पर एक भी मरीज नहीं मिला। पहले ही मरीजों को हटा दिया गया था। इसके बाद टीम कुबेर पॉलीक्लीनिक पहुंची। यहां भर्ती दो मरीजों को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया और अस्पताल सील कर दिया गया। इसके बाद टीम द लाइफ केयर हास्पिटल पहुंची। यहां भी दो गंभीर मरीज भर्ती मिले। उन्हें भी एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भिजवाकर अस्पताल सील कर दिया गया। अभियान में डिप्टी सीएमओ के साथ अभिषेक मिश्रा, रामनाथ, कर्मवीर, रवि, श्यामबहादुर, सौरभ भी शामिल रहे।

मसेनी स्थित नर्सिंग होम से मरीज को लेकर जाते परिजन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD