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खुशहाली की दुआ के लिए उठे हजारों हाथ
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:20 PM IST
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नमाज के बाद दुआ में रमजान की होने वाली जुदाई पर नम हो गईं आंखें
- फोटो : अमर उजाला
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मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज शहर व देहात क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में पुरअमन माहौल में अदा की गई। माहे रमजान की इबादत कुबूल करने के लिए दुआ के साथ हजारों सिर खुदा की बंदगी के लिए झुके। बाद नमाज मुल्क में तरक्की, खुशहाली की दुआ मांगी गई। इसके साथ ही गुनाहों की रोजेदारों ने माफी मांगी।
मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे में सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में चहल-पहल रही। समूचा मुस्लिम समुदाय खुदा की याद में डूबा दिखा। रोजेदारों ने तड़के फजर की नमाज व कुरान की तिलावत के बाद अलविदा नमाज की तैयारियां शुरू कर दीं। दोपहर 12.30 बजे मस्जिदों में अजान की सदाएं गूंजने लगीं। इसके साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों की ओर रुख कर दिया। युवा, बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि बच्चों पर भी नमाज अदा करने की धुन सवार थी।
देखते ही देखते मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। शहर की प्रमुख जामा मस्जिद परिसर और उसकी छतों पर जगह न मिलने पर प्रबंध समिति ने नेहरू रोड मुख्यमार्ग पर नमाज की व्यवस्था की। मुख्यमार्ग पर सफबंदी कर लोगों ने नमाज अदा की। यहां मौलाना मोअज्जम अली ने नमाज से पहले कहा कि खुशनसीब हैं वे लोग जिन्होंने रोजा रखा और अल्लाह को राजी करने के लिए भूख-प्यास सहन की और गरीबों की मदद को हाथ बढ़ाए। उन्होंने नम आंखों से दरबारे खुदा में रमजान की इबादत कुबूल करने और गुनाहों से माफी मांग मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआ की। इस अवसर पर हाजी नाजिम शमसी, हाजी इस्लाम चौधरी और हाजी शुएब अंसारी ने व्यवस्था संभाली।
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वहीं सुनहरी मस्जिद में शिया मुसलमानों ने पुरसकून माहौल में नमाज अदा की। यहां मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने रमजान की फजीलत बयान की। मस्जिद काजी साहब में काजी मुताहिर अली, दरगाह मुजीबिया मस्जिद में शाह फसीह मुजीबी, टाउनहाल मस्जिद में हाफिज नफीस, शमशेर खां मस्जिद में हाफिज मुनव्वर की इमामत में नमाज अदा की गई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार मोहल्ला गढ़ी में स्थित गढ़ी मस्जिद में मौलाना मुफ्ती जफर अहमद काशमी ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शाही जामा मस्जिद कोट में हाफिज महताब, रहमानी मस्जिद में हाफिज जियाउल, सुनहरी मस्जिद में हाफिज नाहिफ और गौटिया में हाफिज तनवीर ने नमाज अदा करवाई। इस दौरान पुलिस बल मौजूद रहा।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नूरी मस्जिद में नूरुल हसन ने अलविदा की नमाज कराई। इसके अलावा नीबकरोरी, पिपरगांव, कटिन्ना मानिकपुर, दनिया हुसैनपुर, कैथन नगला, बिहार गांव स्थित मस्जिद में अलविदा की नमाज हुई। इस दौरान मस्जिदों के बाहर पुलिस बल मौजूद रहा। नूरी मस्जिद के बाहर एसओ भीम सिंह जावला, नायब तहसीलदार चूणामणि, लेखपाल बालकराम, रशीद मोहम्मद, कादिर खां, कल्लू खां, मोहम्मद सलीम, अलीदराज, जहांगीर, इरफान खां, मोहिनुद्दीन, मुन्ना खां, पिंटू और नसीरुद्दीन आदि मौजूद रहे।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार शाही मस्जिद नवाबगंज में हाफिज अब्दुल्ला हक्की और नूरानी मस्जिद में मौलाना असलम मंसूरी ने नमाज अदा कराई। इस अवसर पर मस्जिदों के बाहर पुलिसबल और पीएसी मौजूद रही।
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मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे में सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में चहल-पहल रही। समूचा मुस्लिम समुदाय खुदा की याद में डूबा दिखा। रोजेदारों ने तड़के फजर की नमाज व कुरान की तिलावत के बाद अलविदा नमाज की तैयारियां शुरू कर दीं। दोपहर 12.30 बजे मस्जिदों में अजान की सदाएं गूंजने लगीं। इसके साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों की ओर रुख कर दिया। युवा, बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि बच्चों पर भी नमाज अदा करने की धुन सवार थी।
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देखते ही देखते मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। शहर की प्रमुख जामा मस्जिद परिसर और उसकी छतों पर जगह न मिलने पर प्रबंध समिति ने नेहरू रोड मुख्यमार्ग पर नमाज की व्यवस्था की। मुख्यमार्ग पर सफबंदी कर लोगों ने नमाज अदा की। यहां मौलाना मोअज्जम अली ने नमाज से पहले कहा कि खुशनसीब हैं वे लोग जिन्होंने रोजा रखा और अल्लाह को राजी करने के लिए भूख-प्यास सहन की और गरीबों की मदद को हाथ बढ़ाए। उन्होंने नम आंखों से दरबारे खुदा में रमजान की इबादत कुबूल करने और गुनाहों से माफी मांग मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआ की। इस अवसर पर हाजी नाजिम शमसी, हाजी इस्लाम चौधरी और हाजी शुएब अंसारी ने व्यवस्था संभाली।
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वहीं सुनहरी मस्जिद में शिया मुसलमानों ने पुरसकून माहौल में नमाज अदा की। यहां मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने रमजान की फजीलत बयान की। मस्जिद काजी साहब में काजी मुताहिर अली, दरगाह मुजीबिया मस्जिद में शाह फसीह मुजीबी, टाउनहाल मस्जिद में हाफिज नफीस, शमशेर खां मस्जिद में हाफिज मुनव्वर की इमामत में नमाज अदा की गई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार मोहल्ला गढ़ी में स्थित गढ़ी मस्जिद में मौलाना मुफ्ती जफर अहमद काशमी ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शाही जामा मस्जिद कोट में हाफिज महताब, रहमानी मस्जिद में हाफिज जियाउल, सुनहरी मस्जिद में हाफिज नाहिफ और गौटिया में हाफिज तनवीर ने नमाज अदा करवाई। इस दौरान पुलिस बल मौजूद रहा।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नूरी मस्जिद में नूरुल हसन ने अलविदा की नमाज कराई। इसके अलावा नीबकरोरी, पिपरगांव, कटिन्ना मानिकपुर, दनिया हुसैनपुर, कैथन नगला, बिहार गांव स्थित मस्जिद में अलविदा की नमाज हुई। इस दौरान मस्जिदों के बाहर पुलिस बल मौजूद रहा। नूरी मस्जिद के बाहर एसओ भीम सिंह जावला, नायब तहसीलदार चूणामणि, लेखपाल बालकराम, रशीद मोहम्मद, कादिर खां, कल्लू खां, मोहम्मद सलीम, अलीदराज, जहांगीर, इरफान खां, मोहिनुद्दीन, मुन्ना खां, पिंटू और नसीरुद्दीन आदि मौजूद रहे।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार शाही मस्जिद नवाबगंज में हाफिज अब्दुल्ला हक्की और नूरानी मस्जिद में मौलाना असलम मंसूरी ने नमाज अदा कराई। इस अवसर पर मस्जिदों के बाहर पुलिसबल और पीएसी मौजूद रही।