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प्रधानों की जगह पतियों ने लिया प्रशिक्षण
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:14 PM IST
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बढ़पुर ब्लाक में प्रधानों के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करतीं ब्लाक प्रमुख उर्मिला राजपूत।
- फोटो : amarujala
ग्राम प्रधानों को उनके अधिकार व कार्ययोजना बनाने का चार दिवसीय प्रशिक्षण विकास खंड स्थित कार्यालय पर हुआ। प्रशिक्षण में प्रधानों की संख्या कम और प्रधान पतियों की संख्या अधिक रही। सवाल यह कि आधी आबादी को कब मिलेगा अधिकार।
इस बारे में एडीओ पंचायत सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला प्रधान के न आने पर उनके पतियों को प्रशिक्षण दिया गया, वैसे यह नियम के खिलाफ है। सोमवार को विकास खंड की 70 ग्राम पंचायतों में से 45 प्रधान व उनके पतियों ने प्रशिक्षण लिया।
सोमवार को बढ़पुर ब्लाक में मास्टर ट्रेनर अजीत पाठक, विनय चौहान, एडीपीआरओ किरन वर्मा, सुभाष कठेरिया ने प्रधानों को ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों की जानकारी दी। तैयार की गई कार्ययोजना के बारे में बताया
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। बीडीओ शिव प्रकाश ने प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में जहां पर भी विकास कार्य करवाने की आवश्यकता है वहां के प्रस्ताव बनाकर मंगलवार को कार्यालय में प्रेषित करें। प्रधान ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्य करवा सकते हैं।
ब्लाक प्रमुख उर्मिला उर्फ अलका राजपूत ने प्रशिक्षण में आए प्रधानों से विकास कार्यों की सूची बनाकर देने की बात कही। कहा कि गांवों में विकास करवाने के लिए शासन से धन का आवंटन करवाया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, एडीओ पंचायत राकेश चंद्र बाथम, प्रधान मुन्नी देवी भाष्कर, सुरजीत वर्मा, मीरा देवी, दयाराम, अजयकुमार, हेमंत शाक्य, संतोष कुमार, गुड्डी देवी, हर्षबर्धन कटियार, अनीता, सुनील कुमार, जितेंद्र, देवसिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं नबावगंज ब्लाक में जिला मुख्यालय से पहुंचे मास्टर ट्रेनर प्रमोद शुक्ला, आलोक त्रिवेदी, हरीश चंद्र बाथम ने मनरेगा के कार्यों की कार्य योजना बनाने और कार्य को कैसे कराया जाए इस पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतों के प्रधानों के विरुद्ध शिकायत मिली है कि जेसीबी से मिट्टी का कार्य कराया जाता है।
मनरेगा गांव के बेरोजगारों को काम देने केे लिए है। यदि किसी ग्राम प्रधान की यह शिकायत मिली कि मशीनों से कार्य कराया जा रहा है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। खंड विकास अधिकारी आशीष पाल ने कहा कि ग्राम प्रधान बिना किसी भेदभाव के ग्रामों में विकास कराएं । ग्राम प्रधान के प्रशिक्षण में तकरीबन 45 लोगों ने भाग लिए किसी महिला प्रधान ने प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया। उनके पतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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इस बारे में एडीओ पंचायत सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला प्रधान के न आने पर उनके पतियों को प्रशिक्षण दिया गया, वैसे यह नियम के खिलाफ है। सोमवार को विकास खंड की 70 ग्राम पंचायतों में से 45 प्रधान व उनके पतियों ने प्रशिक्षण लिया।
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सोमवार को बढ़पुर ब्लाक में मास्टर ट्रेनर अजीत पाठक, विनय चौहान, एडीपीआरओ किरन वर्मा, सुभाष कठेरिया ने प्रधानों को ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों की जानकारी दी। तैयार की गई कार्ययोजना के बारे में बताया
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। बीडीओ शिव प्रकाश ने प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में जहां पर भी विकास कार्य करवाने की आवश्यकता है वहां के प्रस्ताव बनाकर मंगलवार को कार्यालय में प्रेषित करें। प्रधान ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्य करवा सकते हैं।
ब्लाक प्रमुख उर्मिला उर्फ अलका राजपूत ने प्रशिक्षण में आए प्रधानों से विकास कार्यों की सूची बनाकर देने की बात कही। कहा कि गांवों में विकास करवाने के लिए शासन से धन का आवंटन करवाया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, एडीओ पंचायत राकेश चंद्र बाथम, प्रधान मुन्नी देवी भाष्कर, सुरजीत वर्मा, मीरा देवी, दयाराम, अजयकुमार, हेमंत शाक्य, संतोष कुमार, गुड्डी देवी, हर्षबर्धन कटियार, अनीता, सुनील कुमार, जितेंद्र, देवसिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं नबावगंज ब्लाक में जिला मुख्यालय से पहुंचे मास्टर ट्रेनर प्रमोद शुक्ला, आलोक त्रिवेदी, हरीश चंद्र बाथम ने मनरेगा के कार्यों की कार्य योजना बनाने और कार्य को कैसे कराया जाए इस पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतों के प्रधानों के विरुद्ध शिकायत मिली है कि जेसीबी से मिट्टी का कार्य कराया जाता है।
मनरेगा गांव के बेरोजगारों को काम देने केे लिए है। यदि किसी ग्राम प्रधान की यह शिकायत मिली कि मशीनों से कार्य कराया जा रहा है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। खंड विकास अधिकारी आशीष पाल ने कहा कि ग्राम प्रधान बिना किसी भेदभाव के ग्रामों में विकास कराएं । ग्राम प्रधान के प्रशिक्षण में तकरीबन 45 लोगों ने भाग लिए किसी महिला प्रधान ने प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया। उनके पतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।