फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   The then SO was sentenced to 10 years in the case of robbery

Farrukhabad News: लूट में दोषी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर को दस वर्ष की सजा

Mon, 23 Jan 2023 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Jan 2023 11:14 PM IST
विज्ञापन
The then SO was sentenced to 10 years in the case of robbery
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी दरोगाओं को जेल ले जाती पुलिस। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। ग्रामीण को स्मैक में बंद कर उसके रुपये लूटने के मामले में तत्कालीन मेरापुर एसओ (सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर) को कोर्ट ने 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा 4.05 लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जीडी में हेरफेर करने में तत्कालीन दीवान (वर्तमान में दरोगा) को एक वर्ष की सजा व 41 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी ब्रजराज सिंह ने एंटी डकैती कोर्ट में तत्कालीन मेरापुर एसओ सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर कन्नौज गांव निजामपुर निवासी रामखिलावन जाटव, औरैया थाना अजीतमल गांव पैगंबरपुर निवासी दरोगा अरविंद कुमार ( हाल में तैनाती जनपद गाजियाबाद थाना खोड़ा) के खिलाफ वर्ष 2007 में परिवाद दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि गांव के चरन सिंह से उसका सिविल कोर्ट में जमीन का मुकदमा चल रहा था।
विज्ञापन

चरन सिंह का एसओ राम खिलावन से मेलजोल था। राम खिलावन ने पांच अगस्त 2006 को उसे थाने बुलाया और मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर गाली गलौज कर जेब से 1140 रुपये छीन लिए और समझौता न करने पर झूठे मुकदमे में बंद करने की धमकी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रजराज सिंह ने लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। लोन के रुपये अदा करने के लिए गेहूं बेचकर 50 हजार रुपये एकत्र किए। 11 सितंबर 2006 को ब्रजराज भाई विजय के साथ लोन के रुपये जमा करने के लिए फतेहगढ़ बैंक जा रहे थे। तभी सराय अगहत के पास एसओ राम खिलावन ने दोनों भाइयों को रोका और थाने बुला लाए। थाने के सरकारी आवास में समझौता नहीं करने पर मारपीट की और बैग से रुपये लूट लिए। 87 पुड़िया स्मैक में गिरफ्तारी दिखाकर 3500 रुपये बरामद होना बताया।
मां ने थाने जाकर बताया कि ब्रजराज के पास 50 हजार रुपये थे। इस पर एसओ राम खिलावन व दीवान(वर्तमान में दरोगा) अरविंद ने जीडी में हेरफेर कर 30,500 रुपये की बरामदगी दिखा दी। माल खाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह ने जमा किए 3500 रुपये में हेरफेर करने से इन्कार कर दिया। 18 जनवरी मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश कृष्ण कुुमार ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर एसओ राम खिलावन को लूट व हेरफेर में दरोगा अरविंद को दोषी करार किया था।

सोमवार को न्यायाधीश ने तत्कालीन एसओ व दीवान को सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर उसको एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अरविंद की ओर से वकील ने जमानत का प्रार्थना पत्र दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed