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फर्जीवाड़े की जांच को टीम ने जांचे अभिलेख
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:50 PM IST
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सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय फतेहगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन
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पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए कानपुर से आई टीम ने अभिलेख
खंगाले। एआरटीओ कार्यालय फतेहगढ़ से जारी ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों
के पंजीकरण में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जांच चल रही
है।
जांच शुरू हुए करीब एक साल होने जा रहा है। ऑन लाइन वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान करीब 15 वाहनों का फर्जी पंजीकरण हो गया था। इस कारण अब ऑन लाइन पंजीकरण में पहले अभिलेखों की जांच की जाती है। फर्जीवाड़े की जांच को शनिवार को कानपुर आरटीओ कार्यालय से करीब 25 कर्मचारी एआरटीओ कार्यालय आए।
यहां वाहन रजिस्ट्रेशन संबंधी अभिलेखों को कार्यालय से बाहर निकाल कर मैदान में रखा गया। इसके बाद अभिलेखों की जांच पड़ताल शुरू हुई। जांच के दौरान कुछ कोरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन कागज फाइलों के बीच दबे हुए मिले। वाहनों के पंजीकरण संबंधी पत्रावलियों की छंटनी की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन देवमणि भारती ने बताया कि यहां बड़े स्तर से फर्जीवाड़ा हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। अभिलेखों की जांच के लिए कानपुर से टीम के सदस्य आए थे। इन्होंने अभिलेखों की जांच पड़ताल की। खराब अभिलेखों को निकाल कर अलग कर दिया गया है।
जांच शुरू हुए करीब एक साल होने जा रहा है। ऑन लाइन वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान करीब 15 वाहनों का फर्जी पंजीकरण हो गया था। इस कारण अब ऑन लाइन पंजीकरण में पहले अभिलेखों की जांच की जाती है। फर्जीवाड़े की जांच को शनिवार को कानपुर आरटीओ कार्यालय से करीब 25 कर्मचारी एआरटीओ कार्यालय आए।
यहां वाहन रजिस्ट्रेशन संबंधी अभिलेखों को कार्यालय से बाहर निकाल कर मैदान में रखा गया। इसके बाद अभिलेखों की जांच पड़ताल शुरू हुई। जांच के दौरान कुछ कोरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन कागज फाइलों के बीच दबे हुए मिले। वाहनों के पंजीकरण संबंधी पत्रावलियों की छंटनी की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन देवमणि भारती ने बताया कि यहां बड़े स्तर से फर्जीवाड़ा हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। अभिलेखों की जांच के लिए कानपुर से टीम के सदस्य आए थे। इन्होंने अभिलेखों की जांच पड़ताल की। खराब अभिलेखों को निकाल कर अलग कर दिया गया है।