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दूसरे दिन भी नहीं जंचीं कापियां
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:33 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी
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रहा। इससे कापियां नहीं जांची जा सकीं। शिक्षक नेताओं ने केंद्रों पर
प्रदर्शन कर मूल्यांकन कार्य ठप करा दिया। प्रशासनिक अफसरों ने पहुंच कर
काम शुरू कराने की काफी कोशिशें कीं लेकिन असफल रहे। आखिर में राजकीय
स्कूलों के शिक्षकों से मूल्यांकन कराया गया। दो मूल्यांकन केंद्रों पर 556
कापियां सरकारी स्कूलों के डिप्टी हेडों को देकर जंचवाई गईं।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में राजकीय बालिका इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज और रस्तोगी इंटर कालेज को केंद्र बनाया गया है। 30 मार्च से मूल्यांकन शुरू होते ही माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा और ठकुरई गुट ने बहिष्कार कर दिया था। पहले दिन कहीं भी कापियां नहीं जंच पाईं। दूसरे दिन मंगलवार को मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और मूल्यांकन करने का शिक्षकों पर दबाव
बनाने लगे। राजकीय इंटर कालेज, फतेहगढ़ में नगर मजिस्ट्रेट ने पहुंच कर प्रधानाचार्य से मूल्यांकन शुरू कराने को कहा। इसकी जानकारी मिलने पर शर्मा गुट के नेताओं के साथ शिक्षक पहुंचे और मूल्यांकन का विरोध कर हंगामा करने लगे। नगर मजिस्ट्रेट शिक्षकों को समझाकर चले गए। इसके बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान जीआईसी पहुंचे। डीएम ने कहा कि अगर मूल्यांकन कार्य में बाधा डाली जाएगी तो इंटर पास वालों से कापियों चेक कराई जाएंगी। इससे शिक्षक गुस्सा गए
और चले गए। डीएम ने प्रधानाचार्य वृजकिशोर से जीआईसी के शिक्षकों से ही मूल्यांकन शुरू कराने के निर्देश दिए। डीएम के जाने के बाद मूल्यांकन शुरू होते ही शिक्षक नेताओं ने नारेबाजी कर डिप्टी हेड कैलाश, लाल सिंह व शिवराज सिंह से कापियां कोठार में जमा करवा दीं। शिक्षक नेता जीआईसी के बाद जीजीआईसी पहुंचे। इस पर एक शिक्षक कापियों को मेज पर छोड़कर भाग गए। ये कापियां शिक्षक नेताओं ने कोठार में जमा कराईं। प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
कर नारेबाजी की। शिक्षकों के विरोध के आगे प्रशासन मूल्यांकन कराने में सफल नहीं हो पाया। राजकीय स्कूलों के शिक्षकों से जीजीआईसी में 296, जीआईसी में 260 कापियां जंचवाई जा सकीं। रस्तोगी इंटर कालेज में डिप्टी हेड ने कापियां लेने के बाद वापस कर दीं। विरोध प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिलामंत्री नरेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, उपाध्यक्ष मोहित मनोहर तिवारी, नवल कांत अग्निहोत्री, प्रदीप जायसवाल, अनिलसिंह, अशोक कुमार, प्रवीन कुमार समेत आधा सैकड़ा शिक्षक मौजूद रहे।
डीआईओएस से नोकझोंक
मूल्यांकन को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल की राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में शिक्षकों से नोकझोंक हो गई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डीआईओएस ने मूल्यांकन न करने पर वेतन काटने की चेतावनी दी थी। इस कारण शिक्षकों ने नारेबाजी कर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि सरकारी टीचरों से मूल्यांकन कार्य शुरू करा दिया गया है। वित्त विहीन व अशासकीय कालेजों के शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे हैं। बहिष्कार समाप्त होते ही मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।
दो दिन में जंचती 50 हजार कापी
दो दिन में यूपी बोर्ड परीक्षा की लगभग 50 हजार कापियों का मूल्यांकन होता लेकिन शिक्षक संगठनों के विरोध के कारण नहीं हो सका। दो मूल्यांकन केंद्र प्रभारी ने सरकारी अध्यापकों से 556 कापियों का ही मूल्यांकन करा पाया।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में राजकीय बालिका इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज और रस्तोगी इंटर कालेज को केंद्र बनाया गया है। 30 मार्च से मूल्यांकन शुरू होते ही माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा और ठकुरई गुट ने बहिष्कार कर दिया था। पहले दिन कहीं भी कापियां नहीं जंच पाईं। दूसरे दिन मंगलवार को मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और मूल्यांकन करने का शिक्षकों पर दबाव
बनाने लगे। राजकीय इंटर कालेज, फतेहगढ़ में नगर मजिस्ट्रेट ने पहुंच कर प्रधानाचार्य से मूल्यांकन शुरू कराने को कहा। इसकी जानकारी मिलने पर शर्मा गुट के नेताओं के साथ शिक्षक पहुंचे और मूल्यांकन का विरोध कर हंगामा करने लगे। नगर मजिस्ट्रेट शिक्षकों को समझाकर चले गए। इसके बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान जीआईसी पहुंचे। डीएम ने कहा कि अगर मूल्यांकन कार्य में बाधा डाली जाएगी तो इंटर पास वालों से कापियों चेक कराई जाएंगी। इससे शिक्षक गुस्सा गए
और चले गए। डीएम ने प्रधानाचार्य वृजकिशोर से जीआईसी के शिक्षकों से ही मूल्यांकन शुरू कराने के निर्देश दिए। डीएम के जाने के बाद मूल्यांकन शुरू होते ही शिक्षक नेताओं ने नारेबाजी कर डिप्टी हेड कैलाश, लाल सिंह व शिवराज सिंह से कापियां कोठार में जमा करवा दीं। शिक्षक नेता जीआईसी के बाद जीजीआईसी पहुंचे। इस पर एक शिक्षक कापियों को मेज पर छोड़कर भाग गए। ये कापियां शिक्षक नेताओं ने कोठार में जमा कराईं। प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
कर नारेबाजी की। शिक्षकों के विरोध के आगे प्रशासन मूल्यांकन कराने में सफल नहीं हो पाया। राजकीय स्कूलों के शिक्षकों से जीजीआईसी में 296, जीआईसी में 260 कापियां जंचवाई जा सकीं। रस्तोगी इंटर कालेज में डिप्टी हेड ने कापियां लेने के बाद वापस कर दीं। विरोध प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिलामंत्री नरेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, उपाध्यक्ष मोहित मनोहर तिवारी, नवल कांत अग्निहोत्री, प्रदीप जायसवाल, अनिलसिंह, अशोक कुमार, प्रवीन कुमार समेत आधा सैकड़ा शिक्षक मौजूद रहे।
डीआईओएस से नोकझोंक
मूल्यांकन को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल की राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में शिक्षकों से नोकझोंक हो गई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डीआईओएस ने मूल्यांकन न करने पर वेतन काटने की चेतावनी दी थी। इस कारण शिक्षकों ने नारेबाजी कर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि सरकारी टीचरों से मूल्यांकन कार्य शुरू करा दिया गया है। वित्त विहीन व अशासकीय कालेजों के शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे हैं। बहिष्कार समाप्त होते ही मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।
दो दिन में जंचती 50 हजार कापी
दो दिन में यूपी बोर्ड परीक्षा की लगभग 50 हजार कापियों का मूल्यांकन होता लेकिन शिक्षक संगठनों के विरोध के कारण नहीं हो सका। दो मूल्यांकन केंद्र प्रभारी ने सरकारी अध्यापकों से 556 कापियों का ही मूल्यांकन करा पाया।