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इकलौते मूकबधिर पुत्र ने फांसी लगाकर जान दी
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फर्रुखाबाद। अपनी बीमारी से परेशान एक मूकबधिर युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। यहां दादी के साथ रहता था, जबकि पिता बाहर नौकरी करते हैं। मां भी उन्हीं के साथ रहती हैं।
शहर कोतवाली के मसेनी निवासी अखिल उर्फ पप्पू का इकलौता पुत्र दीपक (20) मूकबधिर था। अखिल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। यहां अखिल की मां रहती हैं। उन्हीं के साथ दीपक घर पर रहता था। वह काफी दिन से बीमार चल रहा था। इससे वह परेशान रहता था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे दीपक ने कमरे के कुंडे में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद अंदर दादी अंदर पहुंची तो उन्होंने दीपक को फंदे से लटका देखा। इस पर उन्होंने शोर मचा दिया। इससे आसपास के लोग एकत्र हो गए।
सूचना पर पांचालघाट चौकी प्रभारी आरके शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम को भेज दिया। माता-पिता को सूचना दे दी गई है। चौकी प्रभारी ने बताया कि युवक मानसिक रूप से कुछ कमजोर था। न सुन पाता था और न बोल पाता था। इससे पहले भी दो बार फांसी लगाने का प्रयास कर चुका था। पिता को सूचना दे दी है।
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शहर कोतवाली के मसेनी निवासी अखिल उर्फ पप्पू का इकलौता पुत्र दीपक (20) मूकबधिर था। अखिल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। यहां अखिल की मां रहती हैं। उन्हीं के साथ दीपक घर पर रहता था। वह काफी दिन से बीमार चल रहा था। इससे वह परेशान रहता था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे दीपक ने कमरे के कुंडे में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद अंदर दादी अंदर पहुंची तो उन्होंने दीपक को फंदे से लटका देखा। इस पर उन्होंने शोर मचा दिया। इससे आसपास के लोग एकत्र हो गए।
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सूचना पर पांचालघाट चौकी प्रभारी आरके शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम को भेज दिया। माता-पिता को सूचना दे दी गई है। चौकी प्रभारी ने बताया कि युवक मानसिक रूप से कुछ कमजोर था। न सुन पाता था और न बोल पाता था। इससे पहले भी दो बार फांसी लगाने का प्रयास कर चुका था। पिता को सूचना दे दी है।
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