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रुटौल उपकेंद्र पर लगी नई बीसीबी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:32 PM IST
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रुटौल उपकेंद्र पर खटारा ओसीबी के स्थान पर आधुनिक बीसीबी लगने से
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नगरवासियों को बिजली समस्या से निजात मिलेगी। उपकेंद्र पर तीन नई आउटगोइंग,
एक इनकमिंग और एक ट्रिपिंग ब्रेकर लगने से कर्मचारियों की भी सुरक्षा
बढ़ने की संभावना है। मशीनें बदले जाने के कारण मंगलवार को सारे दिन
आपूर्ति बाधित रही।
नगर के प्रथम और द्वितीय फीडर को सप्लाई देने वाले रुटौल उपकेंद्र पर खटारा हो चली ओसीबी के स्थान पर आधुनिक तकनीक की बीसीबी एनकेजी कार्यदायी संस्था के माध्यम से लगवाई गईं। अभी तक नगर के द्वितीय फीडर को पुरानी ओसीबी से सप्लाई दी जा रही थी। खस्ताहाल ओसीबी अक्सर खराब हो जाने से द्वितीय फीडर की सप्लाई 3-3 दिन तक प्रभावित हो जाती थी। इन मशीनों के स्थान पर नई बीसीबी लगाने का जेई गजेंद्र ने प्रयास किया।
इसके तहत उपकेंद्र को विभाग ने तीन आउटगोइंग, एक इनकमिंग और एक 133 ट्रिपिंग ब्रेकर उपलब्ध कराया गया है। जेई गजेंद्र ने बताया कि इन मशीनों के लगने से अब नगर की सप्लाई प्रभावित न होने की उम्मीद है। बताया कि दो आउट गोइंग अतिरिक्त लगाई गई हैं। इससे भविष्य में नगर के लिए बनने वाले फीडरों को सप्लाई दी जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि इन आधुनिक मशीनों के लगने से कर्मचारियों के साथ अक्सर होने वाले हादसों में भी कमी आएगी। उपकेंद्र पर मशीनों की फिटिंग के कारण सारे दिन सप्लाई बाधित रही। इस दौरान एसडीओ जेराम, सुपरवाइजर मंजीत कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश कुमार, रिशु गुप्ता ठेकेदार आदि मौजूद रहे।
नगर के प्रथम और द्वितीय फीडर को सप्लाई देने वाले रुटौल उपकेंद्र पर खटारा हो चली ओसीबी के स्थान पर आधुनिक तकनीक की बीसीबी एनकेजी कार्यदायी संस्था के माध्यम से लगवाई गईं। अभी तक नगर के द्वितीय फीडर को पुरानी ओसीबी से सप्लाई दी जा रही थी। खस्ताहाल ओसीबी अक्सर खराब हो जाने से द्वितीय फीडर की सप्लाई 3-3 दिन तक प्रभावित हो जाती थी। इन मशीनों के स्थान पर नई बीसीबी लगाने का जेई गजेंद्र ने प्रयास किया।
इसके तहत उपकेंद्र को विभाग ने तीन आउटगोइंग, एक इनकमिंग और एक 133 ट्रिपिंग ब्रेकर उपलब्ध कराया गया है। जेई गजेंद्र ने बताया कि इन मशीनों के लगने से अब नगर की सप्लाई प्रभावित न होने की उम्मीद है। बताया कि दो आउट गोइंग अतिरिक्त लगाई गई हैं। इससे भविष्य में नगर के लिए बनने वाले फीडरों को सप्लाई दी जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि इन आधुनिक मशीनों के लगने से कर्मचारियों के साथ अक्सर होने वाले हादसों में भी कमी आएगी। उपकेंद्र पर मशीनों की फिटिंग के कारण सारे दिन सप्लाई बाधित रही। इस दौरान एसडीओ जेराम, सुपरवाइजर मंजीत कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश कुमार, रिशु गुप्ता ठेकेदार आदि मौजूद रहे।