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नए उपकेंद्र में पुरानी लाइनें
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:40 PM IST
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फर्रुखाबाद। तहसील अमृतपुर को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के लिए बनाया गया नया विद्युत उपकेंद्र पुरानी 33 हजार लाइन के सहारे चल रहा है। नई लाइन को गंगा पार के लिए दो टावरों का निर्माण नहीं कराया गया। इस कारण पुरानी लाइन के आए दिन तार टूटने से बिजली गायब रहती है। रोस्टर के अनुसार, दस घंटे बिजली नहीं मिल पाती है।
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वर्ष 2013 में 33/11 विद्युत उपकेंद्र का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिलान्यास किया था। कार्यदायी संस्था ने उपकेंद्र का निर्माण कर जमापुर मोड़ तक नई लाइन बिछाई। फतेहगढ़ स्थित ट्रांसमिशन से उपकेंद्र तक नई 33 हजार लाइन खींच कर ले जाने के लिए बीच में गंगा पड़ती है। गंगा एक छोर से दूसरे छोर तक लाइन खींचने के लिए दो टावरों का निर्माण होना था। इनका निर्माण नहीं कराया गया।
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जमापुर मोड़ तक लाइन बनाकर पुरानी 33 हजार लाइन से जोड़ दिया गया। 8 दिसंबर 2014 को उपकेंद्र चालू हो गया। इससे अमृतपुर तहसील और कस्बा क्षेत्र को बिजली सप्लाई देनी शुरू की गई। 33 हजार की पुरानी लाइन से राजेपुर, अमृतपुर विद्युत उपकेंद्र पहले से चलता था। तहसील के विद्युत उपकेंद्र को इसी में शामिल कर दिया गया। लाइन जर्जर होने से अक्सर लाइट गायब रहती है। इससे कस्बा व तहसील की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती। रोस्टर के अनुसार 10 घंटे बिजली नहीं मिलती।
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क्या कहते जिम्मेदार
शहरी क्षेत्र के लकूला विद्युत उपकेंद्र और राजेपुर जाने वाली 33 हजार लाइन अभी तक एक थी। अब लकूला उपकेंद्र के पास डबल सर्किट का निर्माण कराकर अलग कर दी गई है। गंगा पार नई लाइन ले जाने के लिए दो टावरों का निर्माण कराना होगा। इसमें अधिक खर्चा आएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव की मंजूरी मिलने और बजट आने पर निर्माण कराया जाएगा। - अमर सिंह, एक्सईएन ग्रामीण