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लोहिया अस्पताल की लैब में दूसरे दिन भी जांच ठप
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लोहिया अस्पताल की लैब के बाहर जांच कराने के लिए बैठे मरीज। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल की लैब में गुरुवार को दूसरे दिन भी कामकाज ठप रहा। बुधवार सुबह से यूपीएस सिस्टम खराब होने से मशीनें नहीं चल पा रहीं हैं। नमूना लेने का काम भी बंद है। दूरदराज से आए मरीज परेशान होकर वापस हो गए।
लैब की मशीनों को चलाने के लिए लगा यूपीएस सिस्टम मंगलवार को खराब हो गया था। इसके बाद सभी मशीनें बंद हो गई थीं। गुरुवार तक यूपीएस की मरम्मत कराने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई प्रयास नहीं किया गया। लैब प्रभारी अमृता सिंह का कहना है कि उन्होंने लिखित पत्र सीएमएस को दे दिया है।
उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रही। सुबह से ही कई मरीज जांच करवाने के लिए लैब में पहुंचने लगे। मशीन रूम में ताले लगे रहे, जबकि नमूना कक्ष में कर्मचारी बैठे रहे।
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नमूने देने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को जांच न होने की बात कहकर वापस किया जाता रहा।
जांच न होने से दूरदराज से आए मरीज परेशान रहे। बुधवार को जांच न होने की वजह से ही लैब कर्मचारी और मरीज में मारपीट हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदार समस्या दूर कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि यूपीएस सही कराने के लिए संबंधित संस्था को लिख दिया गया है। बता दें कि यूपीएस में करीब एक माह से तेज आवाज आ रही थी। उसी समय किसी ने मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी। यही वजह रही कि कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया।
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लैब की मशीनों को चलाने के लिए लगा यूपीएस सिस्टम मंगलवार को खराब हो गया था। इसके बाद सभी मशीनें बंद हो गई थीं। गुरुवार तक यूपीएस की मरम्मत कराने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई प्रयास नहीं किया गया। लैब प्रभारी अमृता सिंह का कहना है कि उन्होंने लिखित पत्र सीएमएस को दे दिया है।
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उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रही। सुबह से ही कई मरीज जांच करवाने के लिए लैब में पहुंचने लगे। मशीन रूम में ताले लगे रहे, जबकि नमूना कक्ष में कर्मचारी बैठे रहे।
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नमूने देने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को जांच न होने की बात कहकर वापस किया जाता रहा।
जांच न होने से दूरदराज से आए मरीज परेशान रहे। बुधवार को जांच न होने की वजह से ही लैब कर्मचारी और मरीज में मारपीट हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदार समस्या दूर कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि यूपीएस सही कराने के लिए संबंधित संस्था को लिख दिया गया है। बता दें कि यूपीएस में करीब एक माह से तेज आवाज आ रही थी। उसी समय किसी ने मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी। यही वजह रही कि कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया।