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Farrukhabad News: बधाई गीतों से आनंदोत्सव में डूबी अयोध्या नगरी
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कमालगंज। दशरथ पुत्रजन्म सुनि काना, मानहु ब्रह्मानंद समाना। यानी राजा दशरथ पुत्र का जन्म कानों से सुनकर मानो ब्रह्मानंद में समा गए। जब माता कौशल्या ने बाल रूप धारण करने का आग्रह किया, तब प्रभु बालक के रूप में प्रकट हुए। चारों भाइयों के जन्म से पूरी अयोध्या नगरी आनंदोत्सव में डूब गई। बधाई गीतों की मधुर ध्वनि से माहौल आनंदमय हो गया।
कमालगंज चौराहे के पास स्थित अयोध्या नगरी में शनिवार को श्रीराम जन्मोत्सव की लीला का मंचन हुआ। शास्त्रों के अनुसार, अपार धन-धान्य, ऐश्वर्य और चक्रवर्ती सम्राट होने के बावजूद राजा दशरथ संतानहीनता के कारण गहरे अवसाद में थे। अयोध्या के महल का आंगन बच्चों की किलकारी के बिना सूना था। व्यथित होकर राजा दशरथ कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के आश्रम पहुंचे और अपना दुख व्यक्त करते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आयु का चौथा पड़ाव आ चुका है, लेकिन संतान सुख से वंचित रहने से मन अत्यंत खिन्न रहता है।
महर्षि वशिष्ठ ने ढांढस बंधाते हुए उन्हें पूर्वजन्म का स्मरण कराया। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में वह राजा मनु और महारानी शतरूपा थे। उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने स्वयं उनके पुत्र के रूप में अवतरित होने का वरदान दिया था।
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गुरु के निर्देश पर राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ की पूर्णाहुति पर साक्षात अग्निदेव प्रकट हुए और खीर देकर तीनों रानियों में बांटने का आदेश दिया। इसके बाद प्रभु श्रीराम के अलौकिक अवतार की झांकी प्रस्तुत की गई। देवताओं और माता कौशल्या ने प्रभु की स्तुति की। इस दौरान अयोध्या नगरी में सजावट की गई।
स्वरूपों में प्रांशु पाठक, प्रबल मिश्रा, उज्ज्वल शुक्ला, बृजेश दवे ने क्रमशः राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का स्वरूप सजाया। कमेटी अध्यक्ष अजय माहेश्वरी, केशव गुप्ता, संजय गुप्ता, पंकज अग्रवाल, आचार्य लक्ष्मीकांत व राजू मिश्रा पुजारी भी व्यवस्था में रहे। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
राम बरात में सजीं देवी-देवताओं की झांकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। नगर में 264 साल पुराने ऐतिहासिक सांझी महोत्सव का शुक्रवार देर रात भगवान राम की बरात के साथ समापन हो गया। बरात में करीब दो दर्जन आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
बाबा हंस गिरी सांझी कमेटी गंगा दरवाजा की ओर से निकाली गई बरात में रथ पर सवार भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा गुरु वशिष्ठ, परशुराम, राजा दशरथ, राधा-कृष्ण, ब्रह्मा, विष्णु, लक्ष्मी, हनुमान, गणेश, भारत माता और महाकाली की झांकियां भी शामिल रहीं। डीजे और बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते बरात के साथ चलते रहे।
बरात शिवाला भवन गंगा दरवाजा से शुरू होकर लोकमन, गुड़ मंडी, मुख्य चौराहा, लोहाई बाजार और श्यामा गेट होते हुए बजरिया पहुंची। पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
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श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान
शमसाबाद। श्री रामलीला महोत्सव में भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म लेते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर खुशी जाहिर की। राम जन्म की लीला के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और मैदान में मौजूद भक्त भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन नजर आए।
राम जन्मोत्सव के बाद भगवान श्रीराम को सिंहासन पर विराजमान कराकर शोभायात्रा निकाली गई। भगवान श्रीराम का सिंहासन गुमटी महादेव मंदिर पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। लोगों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
रामलीला महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। राम जन्म की लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम मिश्रा, नवनीत रस्तोगी, आलोक कुमार, अवधेश पांडेय, आयुष गुप्ता, जितेंद्र शाक्य, पूर्व अध्यक्ष विजय गुप्ता, संजय गंगवार आदि मौजूद रहे।
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कमालगंज चौराहे के पास स्थित अयोध्या नगरी में शनिवार को श्रीराम जन्मोत्सव की लीला का मंचन हुआ। शास्त्रों के अनुसार, अपार धन-धान्य, ऐश्वर्य और चक्रवर्ती सम्राट होने के बावजूद राजा दशरथ संतानहीनता के कारण गहरे अवसाद में थे। अयोध्या के महल का आंगन बच्चों की किलकारी के बिना सूना था। व्यथित होकर राजा दशरथ कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के आश्रम पहुंचे और अपना दुख व्यक्त करते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आयु का चौथा पड़ाव आ चुका है, लेकिन संतान सुख से वंचित रहने से मन अत्यंत खिन्न रहता है।
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महर्षि वशिष्ठ ने ढांढस बंधाते हुए उन्हें पूर्वजन्म का स्मरण कराया। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में वह राजा मनु और महारानी शतरूपा थे। उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने स्वयं उनके पुत्र के रूप में अवतरित होने का वरदान दिया था।
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गुरु के निर्देश पर राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ की पूर्णाहुति पर साक्षात अग्निदेव प्रकट हुए और खीर देकर तीनों रानियों में बांटने का आदेश दिया। इसके बाद प्रभु श्रीराम के अलौकिक अवतार की झांकी प्रस्तुत की गई। देवताओं और माता कौशल्या ने प्रभु की स्तुति की। इस दौरान अयोध्या नगरी में सजावट की गई।
स्वरूपों में प्रांशु पाठक, प्रबल मिश्रा, उज्ज्वल शुक्ला, बृजेश दवे ने क्रमशः राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का स्वरूप सजाया। कमेटी अध्यक्ष अजय माहेश्वरी, केशव गुप्ता, संजय गुप्ता, पंकज अग्रवाल, आचार्य लक्ष्मीकांत व राजू मिश्रा पुजारी भी व्यवस्था में रहे। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
राम बरात में सजीं देवी-देवताओं की झांकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। नगर में 264 साल पुराने ऐतिहासिक सांझी महोत्सव का शुक्रवार देर रात भगवान राम की बरात के साथ समापन हो गया। बरात में करीब दो दर्जन आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
बाबा हंस गिरी सांझी कमेटी गंगा दरवाजा की ओर से निकाली गई बरात में रथ पर सवार भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा गुरु वशिष्ठ, परशुराम, राजा दशरथ, राधा-कृष्ण, ब्रह्मा, विष्णु, लक्ष्मी, हनुमान, गणेश, भारत माता और महाकाली की झांकियां भी शामिल रहीं। डीजे और बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते बरात के साथ चलते रहे।
बरात शिवाला भवन गंगा दरवाजा से शुरू होकर लोकमन, गुड़ मंडी, मुख्य चौराहा, लोहाई बाजार और श्यामा गेट होते हुए बजरिया पहुंची। पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान
शमसाबाद। श्री रामलीला महोत्सव में भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म लेते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर खुशी जाहिर की। राम जन्म की लीला के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और मैदान में मौजूद भक्त भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन नजर आए।
राम जन्मोत्सव के बाद भगवान श्रीराम को सिंहासन पर विराजमान कराकर शोभायात्रा निकाली गई। भगवान श्रीराम का सिंहासन गुमटी महादेव मंदिर पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। लोगों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
रामलीला महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। राम जन्म की लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम मिश्रा, नवनीत रस्तोगी, आलोक कुमार, अवधेश पांडेय, आयुष गुप्ता, जितेंद्र शाक्य, पूर्व अध्यक्ष विजय गुप्ता, संजय गंगवार आदि मौजूद रहे।