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गैर इरादतन हत्या में 11 अभियुक्तों को 10 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:18 AM IST
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विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने गैर इरादतन हत्या के जवाबी मुकदमे में 11 आरोपियों को दोषी पाकर दस- दस साल की सजा सुनाई है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव जिठौली निवासी दृगपाल की गांव के विजय कुमार से मुकदमेबाजी की रंजिश चल रही थी।
6 मार्च 2004 को दृगपाल का पुत्र राजेश, कल्लू और गांव के ही नौरंग के पुत्र कल्लू खेत पर गए थे। वहां पर विजय कुमार के समर्थकों से राजेश का विवाद होने पर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में विजय का भाई अवधेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इसको लेकर राजेश को दूसरे पक्ष के लोगों ने ट्रैक्टर से कुचल दिया।
दोनों पक्षों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान घायल दृगपाल के पुत्र राजेश और विजय कुमार के भाई अवधेश की मौत हो गई।
इस घटना में दृगपाल की पत्नी बिट्टा देवी ने गांव जिठौली निवासी अनगपाल सिंह, नन्हकू, गज्जू, श्रीपाल, शिवरतन सिंह, बलवीर सिंह, हरदोई के थाना हरपालपुर के मुर्चा निवासी पकौड़ी और विजय कुमार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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वहीं दूसरी ओर से विजय कुमार ने गांव जिठौली निवासी दृगपाल, इनके पुत्र कल्लू और नौरंग के पुत्र कल्लू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला तबस्सुम ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों जवाबी मुकदमों के आरोपियों को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया।
आरोपी विजय कुमार, अनगपाल, नन्हकू, गज्जू, श्रीपाल, शिव रतन सिंह, बलवीर व पकौड़ी को धारा 147 आईपीसी में एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 148 आईपीसी में दो-दो साल की सजा और 1500-1500 रुपये जुर्माना किया। धारा 304/149 आईपीसी में 10-10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। व
हीं दूसरे पक्ष के आरोपी दृगपाल सिंह, कल्लू और नौरंग के पुत्र कल्लू को धारा 304 आईपीसी में 10-10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया है।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव जिठौली निवासी दृगपाल की गांव के विजय कुमार से मुकदमेबाजी की रंजिश चल रही थी।
6 मार्च 2004 को दृगपाल का पुत्र राजेश, कल्लू और गांव के ही नौरंग के पुत्र कल्लू खेत पर गए थे। वहां पर विजय कुमार के समर्थकों से राजेश का विवाद होने पर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में विजय का भाई अवधेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इसको लेकर राजेश को दूसरे पक्ष के लोगों ने ट्रैक्टर से कुचल दिया।
दोनों पक्षों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान घायल दृगपाल के पुत्र राजेश और विजय कुमार के भाई अवधेश की मौत हो गई।
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इस घटना में दृगपाल की पत्नी बिट्टा देवी ने गांव जिठौली निवासी अनगपाल सिंह, नन्हकू, गज्जू, श्रीपाल, शिवरतन सिंह, बलवीर सिंह, हरदोई के थाना हरपालपुर के मुर्चा निवासी पकौड़ी और विजय कुमार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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वहीं दूसरी ओर से विजय कुमार ने गांव जिठौली निवासी दृगपाल, इनके पुत्र कल्लू और नौरंग के पुत्र कल्लू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला तबस्सुम ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों जवाबी मुकदमों के आरोपियों को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया।
आरोपी विजय कुमार, अनगपाल, नन्हकू, गज्जू, श्रीपाल, शिव रतन सिंह, बलवीर व पकौड़ी को धारा 147 आईपीसी में एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 148 आईपीसी में दो-दो साल की सजा और 1500-1500 रुपये जुर्माना किया। धारा 304/149 आईपीसी में 10-10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। व
हीं दूसरे पक्ष के आरोपी दृगपाल सिंह, कल्लू और नौरंग के पुत्र कल्लू को धारा 304 आईपीसी में 10-10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया है।