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छप्पर में आग लगने से भाई-बहन झुलसे, छह मवेशी मरे
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:38 PM IST
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आग से जले सामान को दिखाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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शमसाबाद। बारात के लिए बनाए जा रहे पकवान के दौरान कढ़ाही से गिरे घी के चलते छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दो अन्य छप्परों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में भाई-बहन झुलस गए, जबकि छह मवेशियो की मौत हो गई। आग की लपटों को देखकर आसपास के लोगों ने नलकूपों को चलाकर आग पर काबू पाया। पीड़ित का दावा है कि इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है।
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थाना क्षेत्र के गांव बरई निवासी रामपाल की बेटी सोनी की शादी कायमगंज के गांव पपड़ी निवासी अर्जुन पुत्र दलवीर के साथ तय की थी। सोनी की बारात बुधवार को आनी थी इसके लिए परिवार के लोग शादी के इंतजाम में लगे थे। रामपाल के चचरे भाई संजीव के यहां खाना और मिठाई बनाने का काम छप्पर के नीचे हो रहा था।
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यहीं पर कुछ दूरी पर सोनी के मामा सदाराम के बेटे रोहित उर्फ नन्हे (3) बेटी खुशबू (7) चारपाई पर सो रहे थे। इसी जगह पर कर्मचारी भट्टी जलाकर मिठाई बना रहे थे। मंगलवार रात करीब 1 बजे मिठाई कारीगर पूड़ियां बनाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान भट्टी से कढ़ाही उतारते समय उसका घी भट्टी पर जा गिरा, जिससे भट्टी से निकली लौ छप्पर में जा लगी और आग लग गई।
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आग की लपटों को देखकर वहां पर मौजूद कर्मचारी वहां से शोर मचाते हुए बाहर निकल आए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों से अनजान दोनों बच्चे चरपाई पर लेटे रहे। आसपास के लोग एकत्रित हो गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को बाहर निकाला लेकिन तब तक वह झुलस गए।
घटना की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर जा पहुंची। दोनों बच्चों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, आग ने पास के ही संजीव के भाई राजीव के छप्पर और हंसराम की झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने अपने-अपने नलकूपों को चलाकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग में बारातियों के लिए बन रहे पकवानों के साथ ही संजीव के 12 हजार रुपये और दो बकरी, एक बकरा, राजीव की दो बकरी और एक बकरे की जल कर मौत हो गई। हंसराम का घरेलू सामान और भूसा भी जल गया।