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पुलिस चौकी के पास टेंट हाउस मालिक की हत्या
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हथियापुर में घटना स्थल पर जांच करती फोरेंसिक टीम व सीओ से जानकारी करते एएसपी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। पुलिस चौकी से चंद कदम दूर एक टेंट हाउस मालिक की हत्या कर शव मकान के पीछे खाली प्लाट में फेंक दिया गया। मकान का गेट अंदर से बंद मिला। पुलिस सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची। एएसपी, सीओ सिटी ने जांच की। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 चोटों के निशान मिले हैं। पुत्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
मऊदरवाजा थानाक्षेत्र के गांव बैजू नगला निवासी रामसेवक राजपूत (65) करीब 20 साल से हथियापुर पुलिस चौकी से 100 कदम दूर अपने मकान में टेंट हाउस चलाते थे। गांव का राजेश उनके बरामदे में अपनी ठेली खड़ा करता था। बुधवार सुबह करीब छह बजे वह ठेली उठाने आया। गेट खटकाने पर नहीं खुला तो उसने रामसेवक के पुत्र अवनीश राजपूत को फोन कर जानकारी दी।
कुछ ही देर में अवनीश पहुंचे और गेट खुलवाने का प्रयास किया। गेट न खुलने पर वह मकान के पीछे गए। वहां पिता का लहूलुहान शव पड़ा देख चीख पड़े। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। गांव से परिजन व अन्य लोग आ गए।
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इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। एएसपी अजय प्रताप और सीओ सिटी प्रदीप सिंह भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। पुलिस ने सीढ़ी मंगवाकर छत पर चढ़कर जांच की। अंदर से बंद मुख्य गेट खोलकर मकान को देखा, तो कोई भी सामान गायब नहीं था।
पुलिस ने शव ट्रैक्टर-ट्राली पर रखवाकर पूरे मामले को दुर्घटना बता दिया। इससे परिजन गुस्सा गए। उन्होंने शव ले जाने से रोक दिया। भीड़ कायमगंज व नवाबगंज तिराहे के मुख्यमार्ग पर बैठ गई। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने परिजनों को हड़काया तो नोकझोंक हो गई। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस के समझाने पर जाम खोल दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ, पैर, पेट, सीना, चेहरा, माथे और सिर पर चोटों के 24 निशान मिले हैं। अधिक खून बहने से मौत होना बताया गया है। रामसेवक के तीन बेटों में अरविंद राजपूत बाहर नौकरी करता है। अवनीश और राजीव गांव में खेती करते हैं। एक शादीशुदा बेटी है। पत्नी की 15 साल पहले ही मौत हो चुकी है। सबसे छोटे पुत्र राजीव कुमार ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाकर अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।
हादसे में मौत बताने में जुटी रही पुलिस
मकान के अंदर और छत पर किसी तरह का खून आदि नहीं मिला। जबकि जिस स्थान पर शव पड़ा था, वहां खून काफी अधिक निकला था। पुलिस छत से गिरकर मौत होना मानती रही।
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मऊदरवाजा थानाक्षेत्र के गांव बैजू नगला निवासी रामसेवक राजपूत (65) करीब 20 साल से हथियापुर पुलिस चौकी से 100 कदम दूर अपने मकान में टेंट हाउस चलाते थे। गांव का राजेश उनके बरामदे में अपनी ठेली खड़ा करता था। बुधवार सुबह करीब छह बजे वह ठेली उठाने आया। गेट खटकाने पर नहीं खुला तो उसने रामसेवक के पुत्र अवनीश राजपूत को फोन कर जानकारी दी।
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कुछ ही देर में अवनीश पहुंचे और गेट खुलवाने का प्रयास किया। गेट न खुलने पर वह मकान के पीछे गए। वहां पिता का लहूलुहान शव पड़ा देख चीख पड़े। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। गांव से परिजन व अन्य लोग आ गए।
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इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। एएसपी अजय प्रताप और सीओ सिटी प्रदीप सिंह भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। पुलिस ने सीढ़ी मंगवाकर छत पर चढ़कर जांच की। अंदर से बंद मुख्य गेट खोलकर मकान को देखा, तो कोई भी सामान गायब नहीं था।
पुलिस ने शव ट्रैक्टर-ट्राली पर रखवाकर पूरे मामले को दुर्घटना बता दिया। इससे परिजन गुस्सा गए। उन्होंने शव ले जाने से रोक दिया। भीड़ कायमगंज व नवाबगंज तिराहे के मुख्यमार्ग पर बैठ गई। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने परिजनों को हड़काया तो नोकझोंक हो गई। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस के समझाने पर जाम खोल दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ, पैर, पेट, सीना, चेहरा, माथे और सिर पर चोटों के 24 निशान मिले हैं। अधिक खून बहने से मौत होना बताया गया है। रामसेवक के तीन बेटों में अरविंद राजपूत बाहर नौकरी करता है। अवनीश और राजीव गांव में खेती करते हैं। एक शादीशुदा बेटी है। पत्नी की 15 साल पहले ही मौत हो चुकी है। सबसे छोटे पुत्र राजीव कुमार ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाकर अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।
हादसे में मौत बताने में जुटी रही पुलिस
मकान के अंदर और छत पर किसी तरह का खून आदि नहीं मिला। जबकि जिस स्थान पर शव पड़ा था, वहां खून काफी अधिक निकला था। पुलिस छत से गिरकर मौत होना मानती रही।